इनहांसमेंट चुकाए बिना प्लाॅट ट्रांसफर नहीं होंगे, ईओ के सामने किया िवरोध

Sonipat News - इनहांसमेंट का विवाद दो साल बाद भी सुलझ नहीं पाया है। जबकि अब इनहांसमेंट जमा किए बिना प्लाॅट ट्रांसफर करने पर रोक...

Jan 16, 2020, 08:55 AM IST
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इनहांसमेंट का विवाद दो साल बाद भी सुलझ नहीं पाया है। जबकि अब इनहांसमेंट जमा किए बिना प्लाॅट ट्रांसफर करने पर रोक लगा दी है। बुधवार को जॉइंट वेलफेयर एसोसिएशन हुडा सेक्टर ने री-कैलकुलेशन में दर्ज त्रुटि, इनहांसमेंट जमा किए बिना प्लाॅट ट्रांसफर पर रोक लगाने का विरोध किया। एचएसवीपी कार्यालय सेक्टर-15 में ईओ विजय राठी के सामने आरोप लगाया कि री-कैलकुलेशन सही नहीं की गई। सेक्टर-12 के लोगों ने कहा कि शुरुआत में 3409 रुपए की इनहांसमेंट का नोटिस उनके पास भेजा गया। विरोध पर री-कैलकुलेशन की गई तो यह 505 रुपए प्रति स्कवेयर मीटर कर दी गई। जबकि अब दोबारा पता किया तो यह 1741 रुपए प्रति स्क्वायर मीटर कर दी गई है।

इस तरह से मनमानी की जा रही है। सरकार को री-कैलकुलेशन प्रक्रिया को परदर्शी बनाना चाहिए। ताकि जो ऑब्जेक्शन लगाया है वह तुरंत प्रभाव से दूर किया जाए। जब तक समाधान नहीं होता प्लाॅट ट्रांसफर पर जो रोक लगी है वह हटाई जाए। इस दौरान सेक्टर-12 पार्ट-तीन के प्रधान जोगेंद्र सिंह, सतपाल तोमर महासचिव, जसपाल हुड्‌डा, बीएस मलिक, गुरुमीत सिंह सहित अन्य मौजूद रहे।

200 पशुओं को घास चराने लाते हैं लोग सेक्टर सात में : सेक्टर-7 के लोगों ने कहा कि वह आउट साइडर से परेशान हैं। 200 पशुओं को हर दिन पड़ोसी गांव के लोग सेक्टर-7 में घास चराने लाते हैं। यहां प्लाॅट खाली हैं। जबकि एचएसवीपी इस पर आंख बंद किए हुए है। सेक्टर-7 की सड़के टूट चुकी हैं। इनका निर्माण कार्य भी नहीं किया जा रहा। जबकि इनहांसमेंट देने का दबाव डाल रहा है।

रिकवरी पर रोष : सोनीपत पर एक अरब ‌Rs.75 करोड़ इनहांसमेंट बकाया

भास्कर न्यूज | साेनीपत

इनहांसमेंट का विवाद दो साल बाद भी सुलझ नहीं पाया है। जबकि अब इनहांसमेंट जमा किए बिना प्लाॅट ट्रांसफर करने पर रोक लगा दी है। बुधवार को जॉइंट वेलफेयर एसोसिएशन हुडा सेक्टर ने री-कैलकुलेशन में दर्ज त्रुटि, इनहांसमेंट जमा किए बिना प्लाॅट ट्रांसफर पर रोक लगाने का विरोध किया। एचएसवीपी कार्यालय सेक्टर-15 में ईओ विजय राठी के सामने आरोप लगाया कि री-कैलकुलेशन सही नहीं की गई। सेक्टर-12 के लोगों ने कहा कि शुरुआत में 3409 रुपए की इनहांसमेंट का नोटिस उनके पास भेजा गया। विरोध पर री-कैलकुलेशन की गई तो यह 505 रुपए प्रति स्कवेयर मीटर कर दी गई। जबकि अब दोबारा पता किया तो यह 1741 रुपए प्रति स्क्वायर मीटर कर दी गई है।

इस तरह से मनमानी की जा रही है। सरकार को री-कैलकुलेशन प्रक्रिया को परदर्शी बनाना चाहिए। ताकि जो ऑब्जेक्शन लगाया है वह तुरंत प्रभाव से दूर किया जाए। जब तक समाधान नहीं होता प्लाॅट ट्रांसफर पर जो रोक लगी है वह हटाई जाए। इस दौरान सेक्टर-12 पार्ट-तीन के प्रधान जोगेंद्र सिंह, सतपाल तोमर महासचिव, जसपाल हुड्‌डा, बीएस मलिक, गुरुमीत सिंह सहित अन्य मौजूद रहे।

200 पशुओं को घास चराने लाते हैं लोग सेक्टर सात में : सेक्टर-7 के लोगों ने कहा कि वह आउट साइडर से परेशान हैं। 200 पशुओं को हर दिन पड़ोसी गांव के लोग सेक्टर-7 में घास चराने लाते हैं। यहां प्लाॅट खाली हैं। जबकि एचएसवीपी इस पर आंख बंद किए हुए है। सेक्टर-7 की सड़के टूट चुकी हैं। इनका निर्माण कार्य भी नहीं किया जा रहा। जबकि इनहांसमेंट देने का दबाव डाल रहा है।

री-कैलकुलेशन में खामी : सेक्टर-12 की पहले 505 थी अब ‌Rs.1741

सोनीपत. एचएसवीपी कार्यालय में विरोध जताते हुए सेक्टरवासी।

175 करोड़ इनहांसमेंट बकाया : सोनीपत से कुल इनहांसमेंट 187 करोड़ 89 लाख 98 हजार जमा की जानी थी। जबकि अभी तक करीब 12 करोड़ ही इनहांसमेंट चुकाई गई है। करीब 175 करोड़ रुपए बकाया है। अब अधिकारी कह रहे हैं कि री-कैलकुलेशन के बाद दोबारा से इनहांसमेंट के नोटिस जारी होंगे। इसके बाद जो कुल इनहांसमेंट आंकड़ा हैं वह कम हो जाएगा। री-कैलकुलेशन के बाद इनहांसमेंट कम होगी।

जो आब्जेक्शन हैं वह भी दूर किया जाएगा


आॅब्जेक्शन नहीं हटाया तो आंदोलन करेंगे


क्या है इनहांसमेंट राशि

हुडा द्वारा सेक्टरों के लिए जमीन अधिग्रहण जाती है तो किसानों को मुआवजा दिया जाता है। जब किसान मुआवजे से संतुष्ट नहीं होते तो मुआवजा बढ़ाने की मांग को लेकर न्यायालय चले जाते हैं। उसके बाद कोर्ट की ओर से किसानों को अधिक मुआवजा देने के लिए हुडा को आदेश दिया जाता है। ऐसे में हुडा किसानों को मुआवजा देने के लिए सेक्टरों में प्लॉट लेने वालों से इनहांसमेंट राशि वसूल करता है।

सेक्टर-23 के लोगों ने यह आॅब्जेक्शन लगाया

सेक्टर-23 के लोगों ने री-कैलकुलेशन पर अपना एतराज जताया है। प्रधान राममेहर मलिक ने आरोप लगाया कि 28 एकड़ जमीन वाटर वर्कस के लिए एचएसवीपी ने सेक्टर से बाहर खरीदी है। इस वाटर वर्कस का पानी हाॅउसिंग बोर्ड, ग्रुप हाॅउसिंग काॅलोनी व काॅलोनियों को दिया जा रहा है। जबकि इस जमीन की इनहांसमेंट भी सेक्टर के प्लाॅट अलॉटियों पर जोड़ दी है। जो सही नहीं है। जब इनहांसमेंट का नोटिस दिया गया तो सेक्टर की कुल जमीन 126 एकड़ बताई थी, जबकि अब यह जमीन 151 एकड़ बताई जा रही है। रिलीज हुई जमीन का ब्यौरा भी नहीं दिया जा रहा।

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