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32 साल पुराने सेक्टर में सवा चार करोड़ से नई पेयजल लाइन डालने का बना प्रपोजल

एक वर्ष पहले
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32 साल पुराने सेक्टर-3 में पीलिया के प्रकोप के बाद पुरानी की जगह नई पेयजल लाइन डालने के लिए सरकार तो तैयार है, लेकिन पुराने सेक्टर में नई लाइन के लिए अभी लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ेगा। पीलिया के प्रकोप के बाद विधायक सुभाष सुधा और सांसद नायब सैनी एवं आलाधिकारियों ने सेक्टर तीन में पेयजल सप्लाई लाइनें बदलने के आदेश दिए थे। पिछले हफ्ते इसे लेकर विधानसभा में भी मुद्दा उठा।

विधायक ने पेयजल व सीवरेज सप्लाई लाइन बदलने को लेकर पूछे सवाल पर मंत्री बनवारीलाल ने सीएम की तरफ से बताया था कि सेक्टर तीन में पेयजल व सीवरेज लाइन बदलने का प्रपोजल है। इस पर चार करोड़ 36 लाख रुपए खर्च आएगा। नई लाइन डालना इतना आसान भी नहीं है। इसके लिए लोगों को भी परेशानी उठानी पड़ेगी। लाइन बदलने से पहले सेक्टरवासियों के साथ रायशुमारी की जाएगी। सेक्टरवासी चाहेंगे, तो ही नई लाइन डालने का काम सिरे चढ़ेगा।

अस्टीमेट तैयार : मंजूरी बाकी : सेक्टर-3 में पेयजल सप्लाई लाइन बदलने के निर्देश तो पहले हो चुके हैं। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के पास सेक्टर में पेयजल सप्लाई का जिम्मा है। नई सप्लाई लाइन का प्रपोजल सरकार को भेजा है। करीब चार करोड़ 36 लाख रुपए का अस्टिमेट तैयार किया है। प्रपोजल को मंजूरी के साथ ही यह काम शुरू हो जाएगा।

32 साल पुरानी हैं लाइन, सीमेंट के पाइप : बता दें कि सेक्टर तीन करीब 32 साल पुराना है। उसी समय यहां पेयजल व सीवरेज लाइन डाली गई थी। जबकि सेक्टर 13 करीब 41 साल पुराना है। यहां भी तभी की लाइन डाली हैं।

इन सभी सेक्टरों में पेयजल आपूर्ति के लिए तब सीमेंट से तैयार एसी पाइप लाइन डाली गई थी। पुरानी होने के चलते ही ये खस्ताहाल हो चली हैं। विभाग द्वारा पाइप लाइन को बदलने या मरम्मत के लिए भी पर्याप्त बजट नहीं था। खस्ताहाल होने के कारण जगह जगह लीकेज हुई। जिससे पेयजल सप्लाई दूषित हुई। इसी वजह से पीलिया फैला। इसे लेकर सीए हुडा, एसीएस हुडा, पीएससीएम को भी लिखित में पत्र भेज अवगत कराया गया।

नए लेने होंगे कनेक्शन : सरकार सेक्टर तीन में पेयजल पाइपलाइन को बदला जाएगा, लेकिन यह काम इतना आसान नहीं है। सेक्टर पूरी तरह से आबाद है। सेक्टर तीन में करीब तीन हजार मकान हैं। नई सप्लाई लाइन डलने पर घरों को नए सिरे से कनेक्शन मिलेंगे। वहीं सेक्टर
की सभी सेक्टरों व गलियों को उखाड़ा जाएगा। इसमें एक से डेढ़ साल तक का समय लग जाएगा।

सेक्टरवासी चाहेंगे तो डलेगी लाइन

इस समस्या को देखते हुए सेक्टरवासियों की राय ली जाएगी। सेक्टरवासी चाहेंगे तो ही नई पाइपलाइन डाली जाएगी। इस बारे विधायक सुधा का कहना है कि लोगों को परेशानी न हो, इसी लिए नई लाइन डालने से पहले एक बार अगले दो चा दिनों में सेक्टरवासियों से राय लेंगे। इसे लेकर प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। बदलना ही एकमात्र समाधान वहीं वार्ड दस से पार्षद सुनीता शर्मा के बेटे व सेक्टर तीन रेजिडेंस वेल्फेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष योगेश शर्मा का कहना है कि सेक्टरवासी पेयजल सप्लाई लाइन बदलवाने के पक्षधर हैं। यही दूषित सप्लाई से बचने का एकमात्र समाधान है।

खस्ताहाल पड़ी है सेक्टर तीन में पेयजल सप्लाई लाइनें।
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