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बारिश से गेहूं, सब्जी व बरसीम की फसल खराब, ~60 हजार प्रति एकड़ मुआवजा की मांग
सीवन क्षेत्र में गत 5 दिनों से तेज बरसात और हवाओं ने किसानों को बर्बादी के कगार पर लाकर खड़ा कर दिया है। बरसात के पानी से गेहूं की फसल में भारी जल भराव हो गया है। बरसाती पानी की कोई निकासी न होने के कारण फसलें पीली पड़ने लगी हैं। जो गेहूं बालियां ले चुकी थी, वे अब सफेद होने लगी हैं। कुछ किसान फसल को बचाने के लिए खेत के पानी को अपने सबमर्सिबल बोर में डाल कर भारी रिस्क उठा रहे जिससे बोर भी खराब हो सकता है। कुछ किसान टैंकरों द्वारा खेतों से पानी निकालने का प्रयास कर रहे हैं लेकिन प्रतिदिन हो रही बरसात किसानों की मेहनत पर साथ की साथ पानी फेर रही है। सीवन क्षेत्र में लगातार बरसात होने से जमा हो रहा पानी किसानों की बर्बादी कारण बनने जा रहा है। बरसात न रुकने से किसान इंद्र देवता के सामने अपने आपको विवश होकर रह गए हैं। गेहूं के साथ सब्जियां और पशु चारा यानी बरसीम की फसल भी गलने लगी है। पांच दिनों से हो रही बरसात ने किसानों की चिंता को अाैर बढ़ा दिया है। किसान अपनी आंखों के सामने बर्बाद हो रही फसल को देख हताश है। किसान अशोक कुमार, जसविंद्र सिंह, नसीब सिंह, आनंद मुंजाल, इंद्रजीत मदान, मनीष मेहता, सुरेंद्र सरदाना, यशपाल, अमरेंद्र सिंह, श्याम लाल, राजकुमार व ईश्वर चंद का कहना है कि लगातार हो रही बरसात से गेहूं, सब्जी और पशु चारा बरसीम की फसलों में पानी जमा रहने से फसलें खराब होने लगी है। पानी निकालने का भी कोई साधन नहीं है क्योंकि बरसात हर रोज होने से खेतों में पानी का जलस्तर लगाता बढ़ता जा रहा है। किसानों का कहना है कि वह सरकार से वर्षों बरसाती पानी के प्रबंध के लिए हर किसान के खेत में कम से कम एक-एक रिचार्ज बोर अनुदान राशि पर लगवाने के लिए मांग करते आ रहे हैं लेकिन सरकार व विभाग ने आज तक किसानों की इस समस्या की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जिससे किसानों की बरसाती पानी के करण हर वर्ष फसल बर्बाद होने से किसान कर्ज के दलदल में धंसता जा रहा है। किसानों ने सरकार व प्रशासन से मांग की है कि बरसात से बर्बाद हो रही फसलों की जल्दी से जल्दी जांच कर उन्हें प्रति एकड़ 60 हजार रुपए खराबे के रूप में दिया जाए और उनके बैंकों का कर्जा माफ किया जाए ताकि किसान कर्ज में डूब कर हत्या करने से बच सके।
ये कहते हैं कृषि अधिकारी: खंड कृषि अधिकारी सुशील कुमार का कहना है कि लगाता बरसात होने से गेहूं की फसल को काफी नुकसान होने की संभावना है। सब्जी की फसल को भी नुकसान है। किसान अपनी खराब हो रही फसलों के मुआवजा लेने के लिए बैंक में हुई लिमिट की कापी और आधार कार्ड लेकर कृषि विभाग में फार्म भर सकते हैं। किसानों को फसल बीमा का लाभ देने के लिए विभाग फार्म ले रहा है और फार्म रविवार को भी लिए जाएंगे।
बारिश व ओलावृष्टि से गेहूं व टमाटर की फसल बर्बाद, 60 से 65 प्रतिशत नुकसान की आशंका
पूंडरी | क्षेत्र में बीती रात से तेज हवा के साथ ही बारिश व ओलावृष्टि से गेहूं व टमाटर की फसल को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा है। बारिश के साथ चली तेज हवा से गेहूं की फसल खेतों में बिछ गई है और टमाटर के पौधों पर आए फूल झड़ गए हैं। गांव फरल के किसान कप्तान राणा, गुलाब सिंह, कुलविंद्र हाबड़ी, शमशेर फतेहपुर व फूलाराम बरसाना ने बताया कि बेमौसमी बरसात ने किसानों के अच्छे उत्पादन की उम्मीदों पर पानी फिर गया है। इस बार ठंड अधिक होने से अच्छे उत्पादन की उम्मीद जताई जा रही थी। गेहूं की फसल खेतों में बिछने से बालियों में बनने वाला दाना खराब हो जाता है। इसके अलावा निचले क्षेत्र में होने के कारण गांव डीग, हाबड़ी, फरल, हजवाणा में और ज्यादा नुकसान की संभावना है।
बरसात के कारण गेहूं की फसल हुई खराब, अधिकारी मुआवजे के लिए नहीं ले रहे आवेदन, किसानों में रोष
पाई | पिछले कई दिनों से हो रही बरसात के कारण खराब हुई किसानों की गेहूं, सरसों की फसल के मुआवजे के कागज न लेने के कारण किसानों में सरकार के प्रति रोष है। किसान यूनियन के राष्ट्रीय सलाहकार अजीत सिंह हाबड़ी, बलवान पाई, करतारा पाई, धीरा पाई, महावीर पाई, राजा राम, राम मेहर, सतवीर, धन्नो देवी, सतपाल, बसाऊ, हरिकेश, केशा राम, नरसी, राजेंद्र, रामपाल, जोगिंद्र तथा डीसी ढुल ने बताया की कई दिनों से हो रही बरसात व ओलावृष्टि से खेतों में खड़ी किसानों की फसल नीचे जमीन पर गिर गई है। जो थोड़ी-बहुत गिरने से बची है, उसमें पानी जमा है जिससे किसानों को इस बरसात से लगभग 80 प्रतिशत से ज्यादा का नुकसान हो गया है। एडीओ ने कहा की जिस फसल का बैंकों द्वारा बीमा किया हुआ है, उसी फसल के कागज लिए जाएंगे और मुआवजा भी उन्हीं किसानों को मिलेगा। विधायक लीला राम ने बताया की कैथल में सभी किसानों के कागज लिए गए हैं और सरकार की ओर से भी कोई ऐसे आदेश नहीं है।
रुक-रुक कर हो रही बरसात से किसानों को भारी नुकसान
कलायत | कई दिनों से जारी बेमौसमी बरसात ने कलायत के साथ-साथ कई अन्य गांव के खेती-किसानी को काफी नुकसान पहुंचा है। शनिवार को कई जगह को पूरे दिन रुक-रुक कर मध्यम और तेज बारिश होती रही। सुबह से काले बादलों के बीच तेज हवा चली। किसान पाली, भूषण, रवि, गोपाल, संजु, कृष्ण, रामेश्वर, ईश्वर ने कहा कि इस बार रबी सीजन में अच्छी उपज की उम्मीद थी। बारिश से गेहूं व सरसों की फसल को नुकसान पहुंचा है। खराब मौसम की वजह से गर्मियों के लिए बिजाई की गई सब्जी की खेती को काफी नुकसान होने का अनुमान है।
फसल क्षति के जमा हुए 4 हजार आवेदन: कृषि अधिकारी डाॅ. रामेश्वर श्योकंद ने बताया कि कलायत व अन्य गांवों से विभिन्न फसलों क्षति के लिए अब तक करीब 4 हजार आवेदन जमा किए गए हैं। उन्होंने बताया कि फसलों की क्षति के लिए किसानों से आवेदन जमा करवाने उपरांत ऑनलाइन अपलोड किया जाएगा। उसके उपरांत सर्वे टीम द्वारा फसलों की क्षति का आंकलन किया जाएगा। मार्च महीने में हुई बेमौसम बरसात से जिन भी किसानों की फसल खराब हुई है उन्हें नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा।
पूरे जिले में 1.72 लाख हैक्टेयर में गेहूं की फसल है और पूरे जिले में 60 से 65 प्रतिशत नुकसान की आशंका है। ऐसे में किसानों से अपील है कि वे अपनी खराब फसल का ब्यौरा जल्द से जल्द कृषि कार्यालय में दें, ताकि सर्वे करवाकर संबंधित कंपनी द्वारा मुआवजा दिलवाया जा सके।
डाॅ. दिनेश शर्मा, कृषि अधिकारी, कृषि विभाग कैथल।
पूंडरी | बारिश व ओलावृष्टि से जमीन पर गिर चुकी गेहूं की फसल को दिखाते किसान।
कलायत | खेत में जमा पानी को निकालते किसान।
सीवन | सीवन में किसानों की फसलों में जमा पानी।