राजा ध्रुव भगत सांग का किया मंचन
सफीदों. पाजू खुर्द में सांग के दौरान प्रस्तुति देते कलाकार।
सफीदों | रिश्तों पर भारी राजनीति का प्रतीक राजा ध्रुव भगत का हरियाणवी सांग शुक्रवार काे गांव पाजूखुर्द में आयोजित हुआ। इस सांग देखने के लिए आस-पास के गांवों से भी सैकड़ों पुरुष व महिलाएं सांग देखने पहुंची। यह सांग संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार नई दिल्ली के सौजन्य से सोसायटी फाॅर कल्चर एवं सोशल एलिमेंट नई दिल्ली द्वारा आयोजित करवाया गया था। कार्यक्रम की अध्यक्षता स्थानीय डीएसपी चंद्रपाल द्वारा की गई थी। जिसमें आंध्रप्रदेश सरकार के कमिशनर आईएएस जगदीश चंद्र शर्मा ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की।
गांव पाजूखुर्द में उत्तानपात (राजा ध्रुव भगत) हरियाणवी सांग का मंच सजाया गया था। जिसमें संक्षिप्त कहानी में दर्शाया गया कि अवधपूरी में राजा ऊतानपात राज करते हैं। जिनकी सनेहगढ़ में रानी सुनीती के साथ शादी होती है। काफी दिन बीत जाने के बाद भी घर में कोई संतान नहीं होती। रानी उदास रहती है और एक दिन नारद जी की बात सुनकर राजा की शादी अपनी छोटी बहन से करवाने की सोचती है, लेकिन राजा इनकार करता-करता रानी की जिद पर आखिर में मान जाता है। राजा बारात लेकर सुनेगढ़ में सरुची से शादी करने पहुंच जाते हैं। सरूची तीन फेरे लेकर बैठ जाती है। ब्राहम्ण कहते हैं अभी तो चार फेरे बाकी हैं। सरूची मैं बाकी फेरे नहीं लूंगी मेरे को राजा दाे बचन देगा, तभी फेरे लूंगी। राजा ने कहा कि मांगों, सरूची रानी मांंगती है पहला वचन जो राज पाट में काम होगा मुझसे पूछकर होगा। दूसरा वचन मेरे गर्भ से जो संतान होगी, तेरे बाद राज का मालिक वही होगा। इस मौके पर गांव के सरपंच सदींप, समाजसेवी यतनपाल, मुख्याध्यापक सतीश, मुख्य कलाकार विकास सैनी, राजींद्र राणा, याचिका, सरीता,कृष्णा शर्मा, आदि मुख्य रूप से मौजूद रहे।