सर्विस बुक में रेड मार्क प्रमोशन में बनेगा रोड़ा, फेक्ट फाइंडिंग की इंक्वायरी शुरू
इब्राहिमपुर में एक तो भंगेड़ी स्कूल के दो जेबीटी किए सस्पेंड
हरियाणा बोर्ड की परीक्षाओं के कई वर्षों से प्रदेश में फिसड्डी रहे जिले से विधायक कंवरपाल के पास शिक्षा मंत्रालय आने के बाद से स्थानीय अधिकारी सरकारी स्कूलों में सुधार के दावे कर रहे हैं, लेकिन इसकी पोल खुद शिक्षामंत्री के सामने ही खुल गई।
सोमवार को औचक निरीक्षण में इब्राहिमपुर मिडिल स्कूल में शिक्षामंत्री कंवरपाल को बिना अर्जी तीन टीचर छुट्टी पर मिले। इनमें प्राइमरी हेड जेबीटी जींद के सुरेंद्र को सस्पेंड कर दिया वहीं, कुछ समय पहले रि-एंगेज पॉलिसी में लगे बिलासपुर के रिटायर्ड टीचर शिवकुमार व हिसार के रामफल को भी सेवामुक्त कर दिया। उधर, इसके बाद बीईओ धर्म सिंह राठी को भंगेड़ी प्राइमरी स्कूल में दो जेबीटी रोहतक के संदीप व फतेहाबाद के विनोद गायब मिले, उन्हें भी विभाग ने सस्पेंड करने के आदेश दे दिए। बतादें कि मामले में फेक्ट फाइंडिंग के लिए इंक्वायरी भी शुरू हो गई है, जिसमें तथ्यों के आधार पर हरियाणा सिविल सर्विस रूल-2016 के तहत नियम-7 या 8 में विभागीय कार्रवाई होगी।
विभाग के अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि कुछ समय पहले रि एंगेज पॉलिसी में रखे गए रिटायर्ड साइंस टीचर शिवकुमार व एसएस के टीचर रामफल पर सेवामुक्त के बाद अगामी कार्रवाई का ज्यादा असर नहीं पड़ेगा। जबकि दोनों स्कूलों से सस्पेंड हुए तीनों जेबीटी सुरेंद्र, संदीप व विनोद की सर्विस बुक में सस्पेंशन का रेड मार्क लगने से आगे प्रमोशन में दिक्कत बनेगी।
साथ ही इन पर नियम-7 में मेजर व नियम-8 में मेजर पनीशमेंट हो सकती है। जो इंक्वायरी में सामने आए तथ्यों के आधार पर तय होगी।
जिनके इंक्वायरी में तलाशे जाएंगे जवाब
इब्राहिमपुर स्कूल से सस्पेंड किए गए प्राइमरी हेड जींद निवासी जेबीटी सुरेंद्र से पूछा जाएगा कि बिना बताए स्कूल से छुट्टी पर क्यों और कहां थे। उनका पिछला पूरा रिकाॅर्ड भी जांचा जाएगा। भंगेड़ी के प्राइमरी स्कूल पर बीईओ को 12 बजकर 50 मिनट पर ही ताला लगा मिला। जबकि यहां तीन टीचर नियुक्त हैं, जिनमें से एक रजनीश फोन करने पर पहुंच गए और कार्रवाई से बचे। जबकि अन्य दो रोहतक के संदीप व फतेहाबाद के विनोद बिन बताए छुट्टी पर थे। अब जांच होगी कि वे बिन बताए छुट्टी पर क्यों व कहां थे। साथ ही स्कूल सुबह से ही नहीं लगा या बाद में छुट्टी हुई और बच्चों को क्या कहकर छुट्टी की गई।