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रोडवेज ने फिर से भेजी 12 मिनी बसों की डिमांड

एक वर्ष पहले
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रोडवेज विभाग ने एक बार फिर से प्रदेशभर के सभी डिपो से मिनी बसों की जरूरत को लेकर ब्याेरा देने को कहा गया है। जींद डिपो ने फिर से विभाग से 12 मिनी बसों की डिमांड भेज दी है। इससे पहले सरकार ने जींद डिपो के लिए 5 मिनी बसें देने के लिए मंजूरी दी है, लेकिन अभी तक यह बसें डिपो को नहीं मिल सकी। विभाग ने प्रदेशभर के डिपो के लिए 150 बसें खरीदनी है। इसके लिए विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है।

रोडवेज भी ने अंबाला व पंचकूला जैसे जिलों में मिनी बसें शुरू कर दी है। यह बसें महिलाओं के लिए चलने वाली स्पेशल बसें होंगी। इन बसों का रंग भी गुलाबी होगा। जींद में पिछले काफी समय से महिलाओं के लिए स्पेशल बसें दो ही है। जो काफी कम है। 6 हजार के करीब आसपास की लड़कियां शिक्षण संस्थानों में पढ़ने के लिए आती है और नरवाना व सफीदों का ही रूट जिनमें एक-एक बसें महिलाओं के लिए होती है, जबकि महिलाओं के लिए 10 स्पेशल बसों की जरूरत है। पिछले दिनों सरकार ने जींद डिपो के लिए 5 बसों की मंजूरी दी है, लेकिन अभी तक एक बस भी नहीं मिल पाई है।

जल्द ही डिपो को मिलेंगी मिनी बसें


विभाग को 12 मिनी बसों की दोबारा डिमांड भेजी गई है। पहले विभाग ने डिपो के लिए 5 मिनी बसों की मंजूरी दी है। जल्द ही यह बसें भी डिपो को मिल जाएगी। बिजेंद्र सिंह, जीएम रोडवेज जींद।

गांव की छात्राओं को होती है परेशानी


ग्रामीण क्षेत्र से निकलकर शहर के शिक्षण संस्थानों में पढ़ने आने वाली छात्राओं को आने-जाने में काफी परेशानी होती है। काफी रूट ऐसे हैं जहां बसें बिल्कुल कम है। बसें होती भी है तो बैठने के लिए कोई जगह नहीं होती। नरवाना, सफीदों अाैर जुलाना रूट पर सबसे से ज्यादा परेशानी होती है।


जींद. स्टैंड परिसर में बस का इंतजार करतीं छात्राएं।

है। 6 हजार के करीब आसपास की लड़कियां शिक्षण संस्थानों में पढ़ने के लिए आती है और नरवाना व सफीदों का ही रूट जिनमें एक-एक बसें महिलाओं के लिए होती है, जबकि महिलाओं के लिए 10 स्पेशल बसों की जरूरत है। पिछले दिनों सरकार ने जींद डिपो के लिए 5 बसों की मंजूरी दी है, लेकिन अभी तक एक बस भी नहीं मिल पाई है।
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