• Hindi News
  • Harayana
  • Sonipat
  • Sonipat News haryana news rule 134a private schools are not giving information about vacant seats department will take action after 15

नियम 134ए : खाली सीटों की जानकारी नहीं दे रहे है निजी स्कूल, 15 के बाद कार्रवाई करेगा विभाग

Sonipat News - जहां शिक्षा विभाग नियम 134ए के तहत जरूरतमंद विद्यार्थियों के एडमिशन में हर साल हो रही देरी को देखते हुए प्रक्रिया...

Feb 15, 2020, 08:50 AM IST

जहां शिक्षा विभाग नियम 134ए के तहत जरूरतमंद विद्यार्थियों के एडमिशन में हर साल हो रही देरी को देखते हुए प्रक्रिया जल्द शुरू करने का फैसला किया, वहीं अधिकांश निजी स्कूलाें का रवैया सकारात्मक है। वे लोग इसके तहत प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों की जानकारी नहीं दे रहे हैं। इसके चलते विभाग ने भी सख्त रुख अपनाने का निर्णय लिया है। 15 फरवरी तक जानकारी न देने पर नोटिस देकर अागे की कार्रवाई की जाएगी।

निजी स्कूलों को गरीब बच्चों को नियम 134ए के तहत अपने स्कूल में दाखिला देना होता है। इसमें सरकार कुछ अनुदान देती है. लेकिन राशि कम मिलने को लेकर निजी स्कूल नराजगी जता रहे हैं। हर साल में गड़बड़ी और अावेदन में देरी होती है। इसे देखते हुए सरकार ने अभी से प्रक्रिया शुरू कर दी और स्कूलों से डेटा मांग रही है। लेकिन अभी तक कई स्कूल डेटा नहीं दिए हैं।

निरीक्षण के दौरान हुआ खुलासा


ऑनलाइन प्रकिया से दाखिले किए जाएंगे


विभाग का सिस्टम अपडेट नहीं, इसलिए डाटा अपलोड नहीं हो सका



इस बार प्रक्रिया पूरी तरह अानलाइन


आवेदन प्रकिया मार्च में शुरू होगी। इस बार यह प्रकिया ऑनलाइन होगी। पहले विभाग को स्कूलों से डिटेल लेनी होती थी, इस बार स्कूलों को ऑनलाइन सभा जानकारी अपलोड करनी होगी। साथ ही नोटिस बोर्ड पर नियम 134ए की रिक्त सीटों की सूची लगानी होगी। बीईओ कार्यालय में डिटेल उपलब्ध होगी।

ऑनलाइन ये जानकारी देनी है स्कूलों को

स्कूल का नाम व उसका कोड व यू डाइस कोड, बोर्ड का नाम, मान्यता की स्थिति( किस कक्षा तक), माध्यम (हिदी या अंग्रेजी), क्षेत्र (शहरी या ग्रामीण) व उसका पिनकोड, ग‌र्ल्स व ब्वायज, प्रिसिपल को मोबाइल नंबर और ई-मेल एड्रेस और दूसरी कक्षा से 12वीं तक की रिक्त सीट

पिछले साल कुछ ऐसी रही थी स्थिति

पिछले साल इस िनयम के तहत जिलेभर से 9,178 विद्यार्थियों ने ऑनलाइन आवेदन किए थे। 14 अप्रैल को हुई परीक्षा 7,566 उपस्थित हुए और 5,225 पास हुए थे। इनमें से 3,790 बच्चों को प्रथम चरण के ड्रा में स्कूल अलॉट कर दिए गए थे। हालांकि 1,766 बच्चों को ही दाखिला मिला था।

निजी स्कूल संचालक इसलिए भी है निराश

निजी स्कूल संचालक का कहना है कि सरकार ने प्रति दाखिला राशि बहुत कम दी है। पिछले साल जिले के लिए 3,60,92,400 रुपए जारी हुअा। इसमें विभाग की ओर से औसतन 500 की राशि जारी की गई।

कोर्ट के आदेश का इंतजार

जबकि निजी स्कूल संचालकों का कहना है कि सरकार जितनी राशि एक विद्यार्थी पर सरकारी स्कूल में खर्च करती है उतनी भी राशि प्रदान कर दे। हालांकि इस मामले में अभी कोर्ट का आदेश आना बाकी है।


इन मानक पर खरा उतरना जरूरी


{3 से 6 साल तक के बच्चों को ही पढ़ा सकते हैं

{बाल विकास विभाग से अनुमति लेनी होगी

{पैरंट्स-टीचर एसोसिएशन का गठन होना चाहिए

{4 घंटे से अधिक नहीं लगा सकते क्लास

{20 बच्चों पर एक टीचर और एक केयर टेकर जरूरी

{प्ले स्कूलों की हर साल मान्यता रिन्यू अनिवार्य है

{बच्चों के लिए रेस्ट रूम और दिव्यांग बच्चों के लिए शौचालयों का बेहतर इंतजाम हो

{प्ले ग्राउंड और परिसर में सीसीटीवी

{सुरक्षित भवन और फायर सेफ्टी प्रबंध हों

{लाइब्रेरी की व्यवस्था भी की जाए

ऐसे तय हुई ये व्यवस्था


प्ले स्कूलों के लिए एनसीपीसीआर (नेशनल कमीशन प्रॉटेक्शन चाइल्ड) की ओर से नियम 2018 में तय किए जा चुके हैं। एक लंबे समय तक तो यह भी तय नहीं था कि प्ले स्कूल मौलिक शिक्षा विभाग के तहत आएंगे या फिर महिला एवं बाल विकास विभाग के तहत संचालित होंगे, लेकिन 2019 में ये तय किया गया कि प्ले स्कूलों का पूर्ण संचालन महिला एवं बाल विकास के तहत होगा और मान्यता समेत सभी व्यवस्थाओं को लेकर जिला स्तर पर बाल विकास अधिकारी काम करेगा। वहीं, नियमों पर खरा नहीं उतरने वाले प्ले स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई भी होगी।


मानक पर खरे नहीं उतरे 48 प्ले स्कूल, नए सत्र से बंद करवाने की तैयारी

सोनीपत | प्ले स्कूलों को लेकर मौजूदा सत्र में राहत पा गए शहर के स्कूलों को नए सत्र में कोई राहत नहीं मिलेगी। विभाग की ओर से शुरुआती चरण में 48 ऐसे स्कूलों की लिस्ट बनाई गई थी जो मानक अनुसार संचालित नहीं हो रहे। ज्यादातर स्कूल में तय मानक अनुसार सुविधा नहीं है। अगले सत्र से इन्हें बंद किए जाने के नोटिस दिए जाएंगे। इसकी रिपोर्ट को अगले सप्ताह अंतिम दिया जाएगा। इसके आधार पर महिला एवं बाल विकास विभाग ब्लाक एजुकेशन ऑफिसर के साथ संयुकत अनुंशसा पर संबंधित स्कूल को बंद करने के निर्देश जारी करेंगे।

नए सत्र में वो ही स्कूल में प्ले की गतिविधि चलेगी जिसके पास मान्यता होगी, लेकिन महिला एवं बाल विकास विभाग एवं शिक्षा विभाग द्वारा किए जा रहे निरीक्षण के दौरान अधिकांश प्ले स्कूल मानक पर खरे नहीं उतर पा रहे हैं। विभाग ने मान्यता अनिवार्य करने के साथ ही विभागीय स्तर पर प्रक्रिया को भी शुरू किया है, जिसके तहत संबंधित स्कूलों को महिला एवं बाल विकास विभाग में ऑनलाइन एवं ऑफ लाइन आवेदन करना होगा। इसमें बच्चों को दी जा रहीं सुविधाओं के बारे में अंकित करना होगा। इसके बाद महिला एवं बाल विकास अधिकारी की कमेटी प्ले स्कूलों का निरीक्षण करेगी और प्रफोर्मा में दी गईं सभी चीजें और स्कूल में सभी सुविधाएं मौजूद होती हैं तो स्कूल को मान्यता दे दी जाएगी।

X
COMMENT

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना