पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

साधना तलवार पर चलने के समान : मुनि प्रणीत

एक वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक

मुनि प्रणीत ने कहा कि साधना करना आसान कार्य नहीं है। साधना तो नंगी तलवार पर चलने के समान है। मोम के दांतों से लोहे के चने चबाने के समान है। वह रामराए गेट स्थित जैन स्थानक में श्रद्धालुओं को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भगवान महावीर ने साधु जीवन में 22 परिषहों (कष्टों) का जिक्र किया है, जिनमें पहला अपनी भूख पर विजय पाना। वैसे जो आदमी इतनी दौड़-धूप करता है। अपनी पेट की भूख मिटाने के लिए करता है, मगर भगवान महावीर की आज्ञा है कि अपनी भूख मिटाने के लिए येन-केन प्रकारेण का सहारा नहीं लेना।

वैसे तो मुनि के लिए विवेकपूर्ण आहार लेने का विधान है, मगर किसी कारण आहार पानी का योग न बने तो अपने मन को अशांत न करे, बल्कि मन को अनेक बातों से मन को समझाइए कि आप उपवास करने का मन नहीं था। मगर सहज उपवास हो रहा है। इस प्रकार सोचने वाला मुनि कर्मों की निर्जरा करता है एवं अपने महाव्रतों में दोष लगने से बचाता है। मुझे वाचस्पति गुरुदेव मदन लाल जी महाराज की एक घटना याद आ रही है। एक बार वो विचरण करते हुए किसी गांव में ठहरे। उन्हें वहां आहार पानी का योग नहीं मिला। पुन: अपने स्थान पर आकर अन्य संतों से कहा कि आज गांव में आहार एवं पानी का योग नहीं बना। इसलिए आज अपना आहार करेंगे। संत सभी समझ गए कि गुरुदेव क्या इशारा कर रहे हैं। मगर कुछ आसपास बैठे व्यक्ति इस बात को नहीं समझ पाए और गुरुदेव ने अपनी स्वाध्याय माला निकाली पाठ करने लगे। काफी समय हो गया उन्हें आत्म-चिंतन करते हुए तो एक व्यक्ति ने कहा कि महाराज अपना आहार कब करोगे, तब गुरुदेव अपने लहजे में कहा कि साधु का तो शांति संतोष से रहना ही मुख्य भोजन है। भोजन मिल जाए तो अच्छी बात, नहीं मिले तो और अच्छी बात। आज उपवास करने का मन नहीं था सहज मौका बन गया। साधु को खाने के लिए नहीं जीना, जीने के लिए खाना है। यही साधुता के लक्षण हैं।

खाने में स्वाद नहीं ढूंढना अच्छे-बुरे की परिभाषा नहीं करने। अपने स्वास्थ्य के हिसाब से भोजन करना है। सच्चा त्यागी वही है जो मिले हुए को छोड़ दे, जिसको मिला ही नहीं वह त्याग नहीं है। इसलिए मुनि खुद को परम विजेता बनाने के लिए अपने मनोबल को मजबूत बनाए और साधना के क्षेत्र में आगे बढ़ें। इस अवसर पर प्रधान सुरेश जैन, विनोद जैन, मनोज जैन, अभय जैन, हेमचंद्र जैन, कैलाश जैन, पीसी जैन, पुनीत जैन, डीआर जैन, प्रकाश जैन, हरीश जैन, बिट्टू जैन, रामचंद्र जैन उपस्थित रहे।

खबरें और भी हैं...