सिविल अस्पताल पहुंचीं सात नई बीएलएस एंबुलेंस, किराया 15 रुपये प्रति किलोमीटर

Bhiwani News - गर्भवती महिलाओं व सड़क हादसों में घायलों समेत अन्य मरीजों को अब सिविल अस्पताल में समय पर एंबुलेंस सुविधा मिल...

Bhaskar News Network

Sep 14, 2019, 07:37 AM IST
Bhiwani News - haryana news seven new bls ambulances reached civil hospital fare rs 15 per km
गर्भवती महिलाओं व सड़क हादसों में घायलों समेत अन्य मरीजों को अब सिविल अस्पताल में समय पर एंबुलेंस सुविधा मिल पाएगी। एंबुलेंस बेड़े में लगभग ढाई करोड़ रुपये की अत्याधुनिक सुविधाओं युक्त सात एंबुलेंस शामिल की। इनसे अब मरीजों को समय पर उपचार के लिए स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंचाना और आसान हो जाएगा और अनेक लोगों की जान भी बचाई जा सकती है।

सिविल अस्पताल में आई बीएलएस एंबुलेंस में मरीजों के लिए अनेक तरह की सुविधाओं के लिए पर्याप्त दवाइयां भी उपलब्ध होगी। अभी तक सिविल अस्पताल में स्थित अधिकतर एंबुलेंस में सुविधाओं के नाम पर केवल स्ट्रेचर व ऑक्सीजन सिलेंडर ही होते थे। कुछ में तो कई बार ऑक्सीजन सिलेंडर की सुविधा भी मरीज को नहीं मिल पाती थी। लेकिन अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त बीएलएस एंबुलेंस के आने से इस स्थिति में काफी सुधार होने की उम्मीद है।

जो एंबुलेंस नौ से दस वर्ष की समयावधि या ढाई लाख किलोमीटर चल जाए उसको स्वास्थ्य विभाग कंडम घोषित कर देता है।

एंबुलेंस में ये होंगे उपकरण : ट्रांसपोर्ट वेंटिलेशन, पोर्टेबल सेक्शन ऑपरेटर्स, पोर्टेबल एंड फिक्सड ऑक्सीजन सिलेंडर, पॉकेट मास्क विद वन वे वॉल्व, एएमयू रेस्किशन बैग्स, एयरवेस, ऑक्सीजन सेचुरेशन मॉनीटर, मल्टी फंक्शनल मॉनिटर, सिरिंज पंप, कर्विकल कॉलर्स, मोबिलाइजेशन डिवाइस, स्ट्रेचर एवं स्प्रिंट्स, कम्यूनिकेशन, ऑब्स्ट्रिकल किट, इंजरी प्रिवेंशन इक्विपमेंट्स आदि उपलब्ध होंगे।

जिले में अब ये होगी एंबुलेंस की स्थिति

जिले में अभी तक केवल 15 एंबुलेंस थी। जिनमें से दो से तीन एंबुलेंस हर समय सिविल अस्पताल में आपताकालीन स्थिति के लिए खड़ी रहती है। जिन्हें दुर्घटना, वीआईपी ड्यूटी आदि के लिए खड़ा रखा जाता है। सात नई एंबुलेंस आने से अब जिले में 22 एंबुलेंस हो गई है। जिनमें तीन एडवांस लाइफ सपोर्ट ऐंबुलेंस (एएलएस), 15 बेसिक लाइफ सपोर्ट ऐंबुलेंस (बीएलएस) व चार पेशेंट ट्रांसपोर्ट ऐंबुलेंस (पीएल) शामिल है।

ये दिक्कत उठानी पड़ती थी मरीजों को

एंबुलेंस की कमी से गर्भवतियों को स्वास्थ्य केंद्रों तक व महिलाओं को नवजात बच्चों के साथ बैक टू होम के लिए एंबुलेंस सुविधा नहीं मिल पाती थी। लगभग दो महीने पहले एक महिला एंबुलेंस के इंतजार में अपनी नवजात बच्ची व परिजनों के साथ पांच घंटों तक अस्पताल की सीढिय़ों पर बैठी रही थी। इसके बाद भी जब विभाग एंबुलेंस उपलब्ध नहीं करवा पाया तो प्राइवेट वाहन से महिला अपनी घर पहुंची। इसके अलावा आए दिन महिलाएं अपने नवजात बच्चे के साथ परेशान होती रहती हैं।

एंबुलेंसों में मरीजों को ये मिलेगी सुविधा

1. एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस (एएलएस) : यह एंबुलेंस क्रिटिकल स्टेज के मरीजों को अस्पताल लाते समय इमरजेंसी सुविधाएं मुहैया कराती है। इसमें विशेष प्रकार के खास उपकरण स्थापित होते हैं। इस ऐंबुलेंस में मरीज की कार्डिक मॉनीटरिंग की जाती है और उसे इलेक्ट्रिकल थैरेपी मिलती है।

2. बेसिक लाइफ स्पोर्ट एंबुलेंस (बीएलएस) : इस एंबुलेंस में मरीज को लाइफ सेविंग सुविधाएं प्रदान की जाती हैं। कई बार यह एंबुलेंस मरीज को क्रिटिकल स्टेज से उबारने में काफी मददगार साबित होती है।

3. पेशेंट ट्रांसपोर्ट एंबुलेंस (पीएल) : इस एंबुलेंस को नॉन इमरजेंसी कॉल्स के दौरान मरीज की जांच के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इसमें रूटीन फिजिकल एग्जामिनेशन, एक्स-रे और लेबोरेट्री टेस्ट की सुविधा होती है। कई बार इसे इमरजेंसी के दौरान भी मरीज को अस्पताल पहुंचाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

एंबुलेंस में होनी चाहिए 32 प्रकार की दवाएं व इंजेक्शन

अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार ऐंबुलेंस में 32 तरह की ड्रग्स होती हैं। जिनमें अधिकांश इंजेक्शन ही होते हैं, जो आपात स्थिति में प्रयोग किए जाते हैं। इसके अलावा दर्जनों दवाएं भी होती हैं, लेकिन सरकारी अस्पतालों के अलावा अधिकांश निजी अस्पतालों की एंबुलेंस में ये सुविधा नहीं मिलती।


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