बाहरी कॉलोनियों में बिछेंगी सीवर व पेयजल लाइन

Bhiwani News - विधायक घनश्याम सर्राफ ने कहा कि शहर में बढ़ते यातायात के दबाव को कम करने तथा लोगों को सहूलियतें दिलाने के मकसद से...

Feb 15, 2020, 07:31 AM IST

विधायक घनश्याम सर्राफ ने कहा कि शहर में बढ़ते यातायात के दबाव को कम करने तथा लोगों को सहूलियतें दिलाने के मकसद से गांव निनान से तिगड़ाना मोड तक तथा तिगड़ाना मोड़ से लोहारू रोड तक बाईपास के निर्माण करवाने की मांग की जाएगी। इनके अलावा सीएम शहर में एक बड़ा उद्योग लगवााने के साथ साथ तथा शहर की 48 साल पुरानी सीवर व्यवस्था के सुधारीकरण तथा बाहरी कॉलोनियों में पीने के पानी तथा उनमें सीवर लाइन डलवाने की मांग की जाएगी उक्त प्रस्तावित योजनाओं का खाका तैयार किया गया है और वे शीघ्र इन योजनाओं के प्रस्तावों को लेकर सीएम मनोहर लाल से मिलेंगे। विधायक शुक्रवार को अपने आवास पर भिवानी विधानसभा क्षेत्र के लोगों की समस्याएं सुनने के बाद लोगों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भिवानी पिछड़े क्षेत्र में शामिल हैं। विगत में 474 वें पायदान पर था। रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने के लिए शहर में एक बड़ा उद्योग स्थापित करवाए जाने के लिए सीएम से मांग की जाएगी। वहीं भिवानी से लोहारू तक रेलवे लाइन, गांव मानहेरू से भिवानी तक तथा भिवानी से रोहतक तक की रेलवे लाइन के दोहरीकरण की मांग केंद्र सरकार व रेलमंत्री से की जाएगी, ताकि शहर के लोगों को ज्यादा से ज्यादा सुविधाएं मिल सके।

लाइन बिछवाने के लिए खाका तैयार कर लिया

विधायक सर्राफ ने बताया कि उन्होंने शहर की बाहरी कॉलोनियां जहां पर ज्यादा आबादी है। उन कॉलोनियों में सीवर व पीने के पानी की लाइन बिछवाने की योजना है। इसको लेकर उन्होंने सभी बाहरी कॉलोनियों में सीवर व पानी की लाइन डलवाने का खाका तैयार कर लिया है। साथ ही उन्होंने बताया कि शहर में 48 साल पहले बिछाई गई सीवर लाइन खस्ताहाल में है। उसकी जगह नई लाइन डलवाए जाने की सीएम से मांग की जाएगी। फिलहाल शहर की 80 फीसदी सीवर समस्या को नियंत्रित किया जा चुका है।

स्वराज इंडिया बजट से पहले विधायकों को सौंपेंगी उनके क्षेत्रों की समस्याओं की सूची

भिवानी| स्वराज इंडिया हरियाणा बजट से पहले हर जिले से संबंधित क्षेत्र के विधायक को जनता की समस्याओं की सूची देगी ताकि 17 व 19 फरवरी को मुख्यमंत्री के साथ होने वाली विधायक बैठक में उन्हें रखा जा सके। स्वराज इंडिया के महासचिव दीपक लांबा ने इस मुहिम के बारे शुक्रवार को पत्रकारों से चर्चा करते हुुए कहा कि मुख्यमंत्री विधायकों को अपनी क्षेत्र की समस्या को रखने का मौका विधानसभा पटल पर दे रहे हैं। उन्होंने हरियाणा प्रदेश पर बढ़ते कर्ज के बोझ पर चिंता जताते हुए कहा कि पांच साल मे हरियाणा के कर्ज में 132 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। 2013-14 मे जहां हरियाणा के प्रति व्यक्ति पर 28,778 रुपया कर्ज था जो वर्ष 2018-19 मे बढ़कर 63,078 रुपये हो गया है। एक सवाल के जवाब में लांबा ने कहा कि एक तरफ जहां राज्य सरकार शराब बिक्री पर रोक थाम की बात करती है वही दूसरी ओर राजस्व प्राप्ति के लिए प्रति वर्ष शराब बिक्री से ज्यादा से ज्यादा राजस्व प्राप्ति का लक्ष्य रखती है।

X
COMMENT

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना