वेलेंटाइन-डे पर प्रकृति के प्रति दिखाया प्रेम, पौधरोपण किया

Sirsa News - यह बहुत ही दुर्भाग्य का विषय है कि संस्कृति व संस्कारों से युक्त भारत जैसे महान देश में युवा संस्कृति व...

Feb 15, 2020, 07:40 AM IST

यह बहुत ही दुर्भाग्य का विषय है कि संस्कृति व संस्कारों से युक्त भारत जैसे महान देश में युवा संस्कृति व संस्कारों के विरुद्ध वेलेंटाइन डे जैसे दिवस को मनाने में अपनी झूठी शान समझते हैं। सही मायनों में आज दूषित हो रहे पर्यावरण को बचाने के लिए पौधों को लगाकर उनसे प्यार करने की आवश्यकता है ताकि वे पेड़ बनकर हमें जीने के लिए आक्सीजन उपलब्ध करवा सके।

उपरोक्त शब्द शहीद भगतसिंह वेलफेयर ट्रस्ट के अध्यक्ष दीपक अरोड़ा व महासचिव एडवोकेट वीरेन्द्र सिंह भादू ने ऐलनाबाद में स्थित बाबा दीप सिंह गुरुद्वारा में पौधरोपण करने के बाद कहे। इस अवसर पर संदीप गाबा, रिकूं सबरवाल, विनोद शर्मा, रोहित कुमार, विजय भाराडिय़ा उपस्थित थे। उन्होंने कहा कि भारत जैसे संस्कारित रूप से समृद्ध देश को प्यार जताने के लिए विदेश से किसी दिन को आयात करने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि यह तो त्योहारों का वो देश है जो मानवीय संबंधों ही नहीं बल्कि प्रकृति के साथ भी अपने प्रेम और कृतज्ञता को अनेक त्योहारों के माध्यम से प्रकट करता है। जैसे गुरु पूर्णिमा (गुरु शिष्य), रक्षा बंधन, भाई दूज (भाई बहन), करवाचौथ (पति प|ी), गौरी गणेश व्रत (माता और संतान), मकर संक्रांति (पिता पुत्र प्रेम), पितृ पक्ष (पूर्वजों), गंगा दशहरा, तुलसी विवाह (प्रकृति) आदि हमारे देश में इस प्रकार के अनेक पर्व विभिन्न रिश्तों में प्रेम प्रकट करने का एक सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि हमने केवल वैलेंटाइन डे ही नहीं अपनाया बल्कि इसके साथ साथ बाज़ारवाद और उपभोक्तावाद भी अपना लिया।

X

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना