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तेजपाल पर धोखे से वसीयत कराने और उसके बेटे पर चोरी का है आरोप

एक वर्ष पहले
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पूर्व मेयर, तहसीलदार तक पर धोखाधड़ी का केस दर्ज कराने वाले के परिवार को पुलिस ने किया गिरफ्तार, हुडा चौकी इंचार्ज कोर्ट पहुंचे तो कोर्ट ने फटकार लगाते हुए सिटी एसएचओ को किया तलब
तेजपाल पर धोखे से वसीयत कराने और उसके बेटे पर चोरी का है आरोप

धोखाधड़ी केस में दंपती और उनके बेटे को गिरफ्तार करना पुलिस के लिए गले की फांस बन गया। पूर्व मेयर से लेकर तहसीलदार, बैंक अधिकारियों समेत अन्य पर धोखाधड़ी का केस दर्ज कराने वाले तेजपाल को सुबह छह बजे हुडा चौकी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उन्हें दो फरवरी को दर्ज हुए धोखाधड़ी केस में गिरफ्तार किया है। जब पुलिस उन्हें कोर्ट में पेश करने पहुंची तो वहां पर उनके वकील साहिब सिंह गुर्जर की ओर से कहा गया कि तेजपाल की शिकायत पर जून 2019 को शहर यमुनानगर पुलिस ने केस दर्ज किया था। उस मामले में आज तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई और एक माह पहले तेजपाल पर दर्ज हुए केस में उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।

इस पर कोर्ट ने भी सख्ती दिखाई और हुडा चौकी इंचार्ज से जवाब मांगा। उन्होंने मामला सिटी यमुनानगर थाने का होने से अपना बचाव किया। इसके बाद कोर्ट ने सिटी एसएचओ को बुलाने को कहा। शाम पांच बजे सिटी एसएचओ कोर्ट में पहुंचे। उन्होंने मामला हाईकोर्ट में होने की बात कही। उधर कोर्ट ने गिरफ्तार तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया। अब उनकी जमानत पर सुनवाई रविवार को होगी।

जून 2019 में तेजपाल ने यह केस दर्ज कराया था, आज तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई| दशमेश कॉलोनी निवासी तेजपाल ने शिकायत दी थी कि हेमंत कुमार, भूपेंद्र कुमार दोनों सगे भाई हैं और उसकी बहन के बेटे हैं। उसने गोबिंदपुरी निवासी प्रयागराज से दो प्लाॅट खरीदे थे। एक प्लाॅट की 16 जनवरी 1987 को रजिस्ट्री अपने नाम करा ली। दूसरे प्लाॅट का फाइनल पेमेंट का इकरारनामा 25 नवंबर 1994 में हुआ और कब्जा ले लिया था। प्रयागराज की मौत होने के कारण एक प्लाॅट की रजिस्ट्री उनके नाम नहीं हो पाई।

वह अपना मकान बनाकर उस प्लाॅट पर रहने लग गया। 15 साल से वह हाउस टैक्स भी दे रहा था। कब्जा होने से प्लाॅट की असेस्टमेंट भी उनके नाम हो गई थी। शिकायतकर्ता का आरोप है कि प्रयागराज का कोई वारिश न होने का पता हेमंत कुमार, भूपेंद्र कुमार को लगा। उन्होंने यह प्लाॅट हड़पने के लिए नगर निगम के अधिकारियों व कर्मचारियों से मिलीभगत कर 13 मार्च 2014 को रिकॉर्ड से असेस्मेंट से उसका नाम कटवाकर अपने नाम करा ली। आरोप है कि यह फर्जीवाड़ा पूर्व पार्षद और पूर्व मेयर से मिलीभगत कर किया गया है। आरोप है कि दोनों भाइयों ने तहसीलदार व अन्य कर्मियों से मिलकर मलकियत अपने-अपने नाम करा ली। उनका आरोप है कि यह सब पूर्व पार्षद और पूर्व मेयर के तस्दीक करने पर तहसीलदार ने ऐसा किया है। आरोप है कि इस प्रॉपर्टी पर दोनों भाइयों ने नौ अगस्त 2016 को बैंक से लोन भी ले लिया। शहर यमुनानगर पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर जून 2019 में केस दर्ज किया था।

आरोप था कि साजिश रचकर बिना मलकियत और अधूरे कागजात के वसीका दर्ज कराई। भूपेंद्र सिंह की शिकायत थी कि दशमेश कॉलोनी में उनका प्लाॅट है। जिसकी रजिस्ट्री 100 वर्ग गज सीधे तौर पर प्लाॅट मालिक से तेजपाल के नाम करवा कर दी गई थी। उसके माता-पिता का देहांत होने के उपरांत उसके मामा व मामी ने उसकी माता के नाम पर जायदाद देखकर मन में लालच रखते हुए षड्यंत्र रचना शुरू कर दिया। अपने बेटे रोहित को आजाद नगर गली नं 8 वाले मकान में एक कमरा उनसे किराए पर लिया था। तब उसके मकान में दो बार चोरी हुई। रोहित पर चोरी का आरोप था। वहीं इस मकान की वसीयत भी फर्जी तैयार करा ली थी। इस तरह से शिकायत पर जगाधरी पुलिस ने दो फरवरी को तेजपाल, उसके बेटे, प|ी समेत अन्य लोगों पर धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया था। इस मामले में तेजपाल, उसकी प|ी और बेटे को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। वहीं तेजपाल की बेटियां एसपी के पास पहुंची और उन्होंने शिकायत देते हुए कहा कि उनके परिवार को झूठे केस में फंसाया गया है। यह सब पुलिस दबाव बनाने के कर रही है।
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