पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • Kurukshetra News Haryana News The Dynamics Of Creation Based On The Interaction Of Male Nature And Shiva Bk Saroj Bahn

सृष्टि की गतिशीलता पुरुष प्रकृति व शिव की परस्पर क्रिया पर आधारित : बीके सरोज बहन

एक वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक

प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय कुरुक्षेत्र केंद्र में सत्संग किया गया। इस दौरान केंद्र की निर्देशिका राजयोगिनी बीके सरोज बहन ने प्रतिभागियों का मार्गदर्शन किया। उन्होंने कहा कि परम सतगुरु परमात्मा शिव ने बताया है कि यह सृष्टि एक रंगमंच है, इसका न अंत है न आदि, यह शाश्वत और पूर्व निश्चित है, इसकी गतिशीलता पुरुष, प्रकृति और परमात्मा शिव इन तीनों की परस्पर क्रिया पर आधारित है। यह नाटक मानव के उत्थान और पतन जय-पराजय, सुख और दुख मुक्ति और बंधन की कहानी है, चारों युगों की उन अतिथियों का इतिहास है, जिससे वह होकर गुजरती है। यह आत्मा की मनोरंजन कहानी है, जिसमें वह अपने आप को देह प्रकृति समझने लगती है। इस देह अभिमान के कारण ही पतन होता है, फिर आत्म ज्ञान द्वारा पुनरुत्थान। वास्तव में देह तो आत्मा से भिन्न एक नाशवान वस्तु है। परमात्मा शिव कहते हैं कि हर कल्प के बाद इतिहास की पुनरावृति होती है हर सृष्टि चक्र में आत्मा रूपी वही अभिनेता रहते हैं, क्योंकि आत्मा तो अजर अमर अविनाशी है। माैके पर सर्व बीके जरनैल कौर, संतोष शर्मा, माधुरी शर्मा, मनजीत कौर, अमृत माता, शिखा देवी बीके दिलबाग सिंह, अनिल कुमार, करण सिंह, सुरेश चंद, जगदीश चंद्र, श्याम भाई और मास्टर संत कुमार मौजूद रहे।

खबरें और भी हैं...