- Hindi News
- National
- Sirsa News Haryana News The Son Said Touching The Mother39s Foot In Front Of The Sp Get Us Treated We Will Not Take Drugs Again
एसपी के सामने मां के पैर छूकर बेटे बोले, हमारा इलाज करवा दो, दोबारा नहीं करेंगे नशा
पुलिस की ओर से नशा के खिलाफ चलाए जा रहे जागरूकता अभियान का असर दिखना शुरू हाे गया है। एक तरफ पुलिस तस्करों के खिलाफ सख्ती से पेश आ रही है। वहीं दूसरी ओर नशा से पीड़ित मरीज अब खुद नशा छोड़ने के लिए भी आगे आने शुरू हो गए हैं। बकायदा पुलिस खुद मरीजों का इलाज करवाने में सहयोग कर रही है। इसी का परिणाम है कि बुधवार को एसपी डॉ. अरुण नेहरा के समक्ष गांव थिराज से एक मां अपने दो बेटों को लेकर पेश हुई। जो चिट्टा का नशा करते हैं। पिछले 6 साल से वे इसके आदी हो चुके हैं। अब हालत यह है कि उन्होंने इंजेक्शन लगाकर नशा लेना शुरू कर दिया है। एसपी डॉ. अरूण नेहरा के समक्ष नशे के आदी दोनों युवकों ने गुहार लगाई कि हम नशा करके जिदंगी को नरक बना चुके हैं। इसलिए अब इस लत से छूटकारा चाहते हैं। एसपी ने दोनों युवकों से नशा छोड़ने की इच्छा शक्ति परखने के लिए कहा कि वे अपनी मां के पैर छूकर शपथ लें कि हम नशा छोड़ना चाहते हैं। इस पर दोनों भाईयों मां के पैर छूते हुए कहा कि हम अपना इलाज करवाना चाहते हैं। अब कभी नशा नहीं करेंगे। हमारा इलाज करवाया जाए। बेटों के चेहरे पर हमेशा नशे के लिए गुस्सा और गालियां सुनने वाली मां ने जब यह पुकार सुनी तो उसकी आंखें भर आई। वह रोने लगी और उसके साथ आई बहन भी रो पड़ी। नशा पीड़ित दोनों भाइयों ने बताया कि वे पिछले 6 साल से चिट्टा यानि हेरोइन का नशा ले रहे हैं, अब 6 महीने से इंजेक्शन से नशा लेना शुरू कर दिया है। वे गांव रघुआना से चिट्टा लेकर आते हैं। अब चिट्टा मिलने में भी परेशानी हो रही है। उनका शरीर बिना नशे के रह नहीं पाता। जिदंगी नरक जैसी लगने लगी है। इसलिए अब छोड़ना चाहते हैं। उसके बाद एसपी ने नागरिक अस्पताल के डॉक्टर को फोन करके उन्हें दाखिल करने का आदेश दिया और दोनों को नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती करवाया गया।
रोजाना पकड़े जा रहे 5-6 तस्कर, रिकॉर्ड बना
जिले में नशा तस्करों के खिलाफ पुलिस की ओर से चलाए गए अभियान में लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी का परिणाम है कि पिछले दो महीने में ही 210 केस दर्ज करके 353 से अधिक तस्कर जेल भेजे जा चुके हैं। औसतन 5 से 6 तस्कर प्रतिदिन जेल भेजे जा रहे हैं। यह हरियाणा में रिकार्ड है। दूसरे नंबर पर फतेहाबद जिला आता है जहां 95 तस्कर जेल भेजे गए हैं।
नशा मुक्ति केंद्र में नहीं है मरीजों को दाखिल करने की जगह, एसपी के कहने पर व्यवस्था की
एसपी डॉ. अरुण नेहरा ने जब नशा मुक्ति केंद्र के डॉ. पंकज शर्मा से मरीज दाखिल करने की बात कही तो डॉ. पंकज ने बताया कि केंद्र में 16 बैड हैं। उन सभी पर दो दो मरीज लेटा रखे हैं। अन्य भर्ती वाले मरीजों के लिए कोई जगह नहीं है। इस पर एसपी ने इन दोनों के लिए स्पेशल व्यवस्था के आदेश दिए। इस पर डॉ. पंकज ने भी दो अलग से बैड लगवाकर उन्हें दाखिल किया। डॉ. पंकज ने बताया कि केंद्र में केवल 10 मरीज भर्ती करने की व्यवस्था है। फिर भी हमने 16 बैड की व्यवस्था कर रखी है, मगर मरीजों की संख्या इतनी अधिक है कि यह व्यवस्था बिल्कुल कम है। मरीजों की संख्या लगातार बढती जा रही है। यहां बता दें कि पिछले 1 साल में 32 हजार से अधिक लोग नशा छोड़ने के लिए नागरिक अस्पताल पहुंचे हैं।

नशे में डूबता सिरसा
नागरिक अस्पताल में स्थापित नशा मुक्ति केंद्र जहां रोगियों के लिए जगह कम पड़ गई है।