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पब्लिशर्स से मिलीं स्पेसीमैन कॉपी लाइब्रेरी में दीं

2 वर्ष पहले
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चौधरी देवीलाल यूनिवर्सिटी के प्रबंधन विभाग (एमबीए विभाग) के टीचर्स ने विद्यार्थियों के हित में नया कदम उठाया है। प्राध्यापकों ने पब्लिशर्स की ओर से मिलने वाली स्पेसीमैन कॉपी यानी नि:शुल्क बुक्स को घर में रखने की बजाय विभाग में लाइब्रेरी स्थापित कर उसमें दान कर दी।

अब इन पुस्तकों का इस्तेमाल विद्यार्थी कर पाएंगे और उन्हें बुक्स के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा। वीसी ने प्राध्यापकों के इस प्रयास की सरहना करते हुए 21 हजार रुपये का सहयोग भी दिया है ताकि और भी पुस्तकें उपलब्ध करवाई जा सकें। शिक्षक दिवस पर 5 सितंबर को सीडीएलयू के प्रबंधन विभाग के टीचर्स ने अपने विद्यार्थियों को अनोखा तोहफा दिया। विभाग के प्राध्यापकाें ने चेयरपर्सन डॉ. आरती गौड़, प्रो. सुलतान सिंह, डॉ. संजीत कुमार, डॉ. रजनीश अहलावत, डॉ. अमित, डॉ. साहिल चौधरी, सचिन शर्मा, समीश खुंगर, प्रवीण वशिष्ठ, अंकुर सांगवान, विपिन सांगवान, कुमार, विवेक, शिल्पा ने आपसी सहमति से फैसला किया कि विद्यार्थियों के लिए विभाग में लाइब्रेरी स्थापित की जाए। 5 सितंबर को प्रबंधन विभाग में लैब स्थापित कर वीसी प्रो. विजय कायत के माध्यम से विद्यार्थियों को समर्पित कर दी गई। अब विद्यार्थियों को पुस्तकों के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा। विभाग की लाइब्रेरी में ही विद्यार्थियों को करीब 250 पुस्तकें उपलब्ध होंगी।

घर की अलमारियों से लाइब्रेरी तक पहुंचीं
चौधरी देवीलाल यूनिवर्सिटी के एमबीए विभाग में नवस्थापित लाइब्रेरी में पढ़ते विद्यार्थी।

एमबीए का कंसेप्ट दूसरे विभागों के लिए भी प्रेरणा
जिस प्रकार एमबीए विभाग के टीचर्स ने लाइब्रेरी स्थापित करने में आइडिया प्रयोग किया है, उसी तर्ज पर सीडीएलयू के अन्य विभागाें में भी छोटी लाइब्रेरी स्थापित की जा सकती है। दूसरे विभागाें के प्राध्यापक भी घर पर रखी पुस्तकों से अपने-अपने विभाग में लाइब्रेरी विद्यार्थियाें के हित में बना सकते हैं। वीसी प्रो. विजय कायत ने एमबीए विभाग के इस प्रयास की सराहना की और विभाग को प्रोत्साहित करते हुए अपनी ओर से 21 हजार रुपये का सहयोग भी दिया ताकि इस लाइब्रेरी में नई पुस्तकें खरीदी जा सकें।

विभिन्न पब्लिशर्स शिक्षण संस्थानों में दौरा करते रहते हैं आैर शिक्षकों को अपनी पुस्तकों की स्पेसीमैन यानी नि:शुल्क कॉपी भी सैंपल के तौर पर वितिरत करते हैं। ताकि शिक्षक विद्यार्थियों को उन पुस्तकों को पढ़ने के लिए सलाह दे सकें। आम तौर पर शिक्षक पब्लिशर की ओर से मिलने वाली इन पुस्तकें को घर पर रख देते थे जिनका कोई यूज नहीं होता था। सीडीएलयू प्रबंधन विभाग के प्राध्यापकाें ने इन्हीं पुस्तकाें को अपने घर से लाकर विभाग में नवस्थापित लाइब्रेरी में दान कर दिया।

विद्यार्थियों के हित में सभी ने मिलकर किया प्रयास: डॉ. आरती गौड़
देखिए, हमारा प्रयास है कि विद्यार्थियाें के हित में काम करें। विभाग के प्रध्यापकों के घरों में पुस्तकें रखी रहती थी जिनका ज्यादा प्रयोग नहीं हो पाता था। सभी ने मिलकर उन पुस्तकाें की सहायता से विभाग में ही करीब 250 पुस्तकों की छोटी लाइब्रेरी स्थापित कर दी।\\\'\\\'डॉ. आरती गौड़, चेयरपर्सन, प्रबंधन विभाग, सीडीएलयू, सिरसा।

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