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18 कॉलोनियों में 3 से 5 घंटे तक बिजली रही गुल

एक वर्ष पहले
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शुक्रवार रात को हुई तेज बारिश के कारण शहर की 18 कॉलोनियों में बिजली गुल रही। शहर की अधिकतर कॉलोनियों में 3 से 5 घंटे बिजली नहीं आने के कारण लोगों काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। लोगों द्वारा बिजली गुल होने की शिकायत करने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो पाया। इससे सबसे ज्यादा परेशानी सुबह-सुबह हुई जब बिजली नहीं होने के कारण पेयजल व घर के जरूरी काम बाधित रहे।

सुबह के समय बिजली न आने के कारण पानी की सप्लाई भी नहीं हो पाई, जिसके कारण कई इलाकों में लोग पानी की समस्या से जूझते नजर आए। बिजली गुल होने के कारण कहीं फ्यूज उड़े तो कहीं जम्फर। बिजली ठीक करने के लिए बिजली निगम के कर्मचारियों को भी काफी मशक्कत करनी पड़ी। बिजली निगम के कर्मचारियों को भी फाल्ट बड़ी मुश्किल से मिल पाया। हालत ये हो गई कि एक एरिया की बिजली को ठीक करने में दो घंटे से ज्यादा का समय लगा रहा। पटियाला चौक स्थित फीडर चार भी 40 मिनट तक ब्रेकडाउन रहा।

यहां रही बिजली की सबसे ज्यादा समस्या: बिजली गुल होने के कारण सबसे ज्यादा समस्या सेक्टर 7, 8, 9 व 10 में रही। इसके अलावा विकास नगर, रामकॉलोनी, सुभाष नगर, विश्वकर्मा कॉलोनी, दुर्गा कॉलोनी, शिव कॉलोनी, प्रेम नगर, एकता कॉलोनी, स्कीम नंबर 5, 6, 19 और कौशिक नगर में जैसी जगहों पर शाम के समय तक बिजली नहीं आई, जिसके कारण यहां पर पानी की भारी किल्लत रही, लोग पानी के लिए इधर- उधर भटकते रहे।

किसानों को तुरंत मुआवजा दे सरकार: विद्या

नरवाना| महिला कांग्रेस की प्रदेश उपाध्यक्ष विद्या रानी दनौदा ने कहा कि प्रदेश में बेमौसमी बरसात के कारण किसानों का पीला सोना खराब हो गया है। इसलिए जरूरी है कि सरकार तुंरत पीडि़त किसानों के खेतों की गिरदावरी करवाकर उन्हें मुआवजा प्रदान करे। दनौदा ने कहा कि इस बरसात से सरसों की फसल तो पूरी तरह से नष्ट हो गई है। किसानों का दम भरने वाली भाजपा-जजपा सरकार को इस समय किसानों के जख्मों पर मरहम लगाकर अपनी किसान हितैषी नीतियों को दिखाना चाहिए। इससे पहले जब किसानों की फसल पर प्रकृति की मार पड़ी थी तो सरकार द्वारा अपने चेहते लोगों को फसल बर्बाद हुए बिना ही मुआवजा दे दिए गया। लेकिन जो किसान असल में पीड़ित थे वे आज भी मुआवजे के लिए भटक रहे हैं। विद्या रानी दनौदा ने कहा अगर इस बारे में सरकार द्वारा इस प्रकार अपने चेहतों को लाभ पहुंचाया गया तो कांग्रेस पार्टी पीछे नहीं हटेेगी और सरकार के खिलाफ आंदोलन शुरू करके किसानों की आवाज बुलंद करेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में प्रकृति की सबसे ज्यादा मार नरवाना क्षेत्र के किसानों पर पड़ी है।

तेज हवाओं के साथ हुई बारिश से गेहूं की फसल बिछी, नुकसान की अाशंका

अलेवा | क्षेत्र में पिछले तीन दिनो से तेज हवाओं के साथ रूक-रूक कर हो रही बेमौसमी बारिश ने गेहूं उत्पादक किसानों के अलावा आमजन की परेशानी बढ़ाकर रख दी है। शुक्रवार दोपहर बाद से बारिश होने का सिलसिला शनिवार सुबह दस बजे तक रूक-रूक चलता रहा। तेज हवाओं के साथ हो रही बारिश से पकने को तैयार खड़ी गेहूं की अधिकतर फसल खेतों में बिछौना बनकर रह गई है। सरसों का फूल भी झड़ गया है।

किसान राजा राम, शमशेर, धनी राम, बलजीत, कंवर सिंह, कृष्ण, सतीश, बलवान व राजकुमार ने बताया कि पिछले चार दिनो से हो रही बारिश ने फाल्गुन माह में सावन माह का अहसास करा दिया है। उन्होंने बताया कि इस बारिश के बाद से खेतों में पकने को तैयार खड़ी गेहूं की फसल जमीन पर बिछ गई है। इसमें किसानों की गेहूं की फसल में नुकसान होने की आंशका है।

किसानों ने ओलावृष्टि में खराब फसल के मुआवजे को लेकर किया प्रदर्शन

जींद| अखिल भारतीय किसान सभा हरियाणा के आह्वान पर जाट धर्मशाला में किसान एकता रैली का आयोजन किया गया। इसमें किसान सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अशोक धवले, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कामरेड अमराराम, हरियाणा किसान सभा के महासचिव फूलसिंह श्योकंद व उपाध्यक्ष इंद्रजीत सिंह, पूर्व महासचिव हरपाल सिंह और मजदूरों के नेता रमेश चंद्र ने शिरकत की। किसानों ने उपायुक्त कार्यालय पर जुलूस निकाल कर प्रदर्शन किया और मांगो का ज्ञापन मुख्यमंत्री के नाम सौंपा। प्रदर्शन के बाद रैली का समापन हुआ और अखिल भारतीय किसान सभा हरियाणा का दो दिवसीय 13वें त्रिवार्षिक प्रतिनिधि सम्मेलन शुरू हुआ।

रैली में बेमौसमी बारिश व ओलावृष्टि से बर्बाद फसलों की तुरंत गिरदावरी करवा कर न्यूनतम 30 हजार रुपए प्रति एकड़ मुआवजा देने का प्रस्ताव पास किया गया। प्राइवेट फसल बीमा कंपनियों की लूट को खत्म कर, सरकारी बीमा कंपनियों की मार्फत सभी लघु व सीमांत किसानों की बीमा प्रीमियम का भुगतान सरकार द्वारा करने व सभी फसलों के सभी तरह की प्राकृतिक आपदाओं के बीमा क्लेम देने का प्रस्ताव पास किया गया। रैली में आवारा पशुओं का समाधान करने व पशु मेले खोलने, नहरी पानी व शीघ्र कृषि ट्यूबवैल बिजली कनेक्शन देने, सामाजिक सौहार्द को बरकरार रखने, 58 वर्ष से उपर सभी मजदूर किसानों की 5000 रुपये मासिक पेंशन, शराब के खुर्दो के लाइसेंस की नीति रद करने, मनरेगा को खेती से जोड़ने व 600 रुपये दिहाड़ी व 200 दिन का काम का प्रस्ताव का पास किया गया।

शिकायतों का तुरंत करवाया गया समाधान

बारिश के कारण शहर में बिजली प्रभावित रही, लेकिन जैसे-जैसे लोगों की शिकायते मिलती गई और उनका समाधान कर दिया गया। कर्मचारी लगे हुए हैं। फाल्ट ठीक करने में।
-श्यामबीर सैनी, एसई दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम जींद।

बिजली निगम के शिकायत केंद्र का हाल

बिजली निगम के शिकायत केंद्र में शुक्रवार की रातभर में 150 शिकायतें बिजली की पहुंची। इसमें 40 से अधिक शिकायतें फ्यूज उड़ने की और 30 के लगभग शिकायतें जम्पर उड़ने की थी और 40 के करीब शिकायतें खराब बिजली तार टूटने की हैं।

विद्या रानी दनौदा।

जींद. मांगों को लेकर रैली के बाद प्रदर्शन करते हुए अखिल भारतीय किसान यूनियन के सदस्य।

जींद. अर्बन एस्टेट में बिजली ठीक करते हुए कर्मचारी।

अलेवा . जींद-असंध मार्ग पर अलेवा के समीप बिछी गेहूं की फसल।
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