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जनवरी तक 180 ट्रांसफार्मर लगाने थे, अभी पोल पर तार ही लगे
बिजली निगम अधिकारियों की सुस्ती गर्मियों में आम उपभोक्ताओं पर भारी पड़ने वाली है। कारण है कि जनवरी माह में शुरू किया सिस्टम स्ट्रेंथनिंग प्रोजेक्ट 12 मार्च तक भी पूरा नहीं हो पाया। बिजली निगम ने दावा किया था कि गर्मियों से पहले अतिरिक्त लोड कम कर जनता को बिजली कटों से निजात दिलाई जाएगी। इसके लिए बिजली निगम की ओर से कंपनी को ठेका भी दिया गया है, लेकिन कंपनी के कर्मियों द्वारा काम में ढील बरती जा रही है।
कभी बारिश तो कभी पेड़ की ट्रिपिंग न होने का बहाना कंपनी की ओर से लगाया जा रहा है। इसके चलते अभी तक केवल पोल और तार ही लग पाए हैं, इन पर ट्रांसफार्मर नहीं रखे गए। इन पर डेंजर के बोर्ड भी लगाए दिए गए। एसई बिजली निगम योगराज का कहना है कि इस बारे में कंपनी से स्टेट्स रिपोर्ट ली जाएगी। कार्यों में तेजी लाने को कहा जाएगा, जिससे लोगों को गर्मियों में परेशानी का सामना न करना पड़े।
मॉडल टाउन से प्रोजेक्ट की शुरुआत हुई थी। ये कार्य जगाधरी के विभिन्न एरिया में भी किया जाना है। माॅडल टाउन में पोल लगाकर तार लगाए गए हैं। इसी तरह कन्हैया चौक के नजदीक भी बिजली निगम के चार पोल नए लगे हैं, जिन पर फिटिंग पूरी हो चुकी है। पोल को ट्रांसफार्मर का इंतजार है। इसी के साथ ही जगाधरी शहर में भी यही स्थिति बनी हुई है। यहां भी केवल तार खिंचाई का काम हुआ है। ट्रांसफार्मर यहां भी नहीं रखे गए हैं। बुड़िया में भी पैक्स केंद्र व किला के नजदीक लगे जनस्वास्थ्य विभाग के ट्यूबवेल पर पोल लगा दिए गए। ट्रांसफार्मर से पूर्व की प्रक्रिया पूरी हो गई। यहां भी ट्रांसफार्मर नहीं रखे जा रहे हैं। यहां ट्रांसफार्मरों पर लोड ज्यादा था, जिसे नया ट्रांसफार्मर लगा कम किया जाना है। बुड़िया क्षेत्र के राजीव कुमार, विकास, विशाल व मोहन का कहना है कि दो सप्ताह पहले यहां पोल पर ट्रांसफार्मर रखने की प्रक्रिया की गई थी। यानी पोल लगाए थे। यहां आए कंपनी के कर्मियों ने बताया था कि जल्द ही ट्रांसफार्मर लगा दिए जाएंगे, लेकिन काम की रफ्तार को देखकर नहीं लग रहा है कि इन गर्मियों में प्रोजेक्ट पूरा होने वाला है।
प्रोजेक्ट में ये काम होने हैं
प्रोजेक्ट के लिए बिजली निगम ने साढ़े चार करोड़ रुपए मंजूर से पहले सर्वे किया। ओवरलोड से जवाब दे रहे फीडर व ट्रांसफार्मरों की पहचान की गई। अब उनके पैरलल नए 11 फीडर व 180 ट्रांसफार्मर रखे जाने हैं। इससे एरिया में दो-दो फीडर बंट जाएंगे। ट्रांसफार्मर लगने से लोड कम हो जाएगा। कांट्रेक्टर प्रवीण का कहना है कि प्रोजेक्ट जनवरी में पूरा होना था, लेकिन पीडब्ल्यूडी व वन विभाग की ओर अपेक्षाकृत सहयोग नहीं मिला। प्रोजेक्ट में तीन करोड़ 68 लाख रुपए से होने वाले कामों का एसआर इंटरप्राइजिज को वर्क अलाॅट हुआ है। प्रोजेक्ट में तेजी आई है। उम्मीद है कि इस माह में काम पूरा हो जाएगा। 140 किलोमीटर लाइन बदली जा रही है। ट्रांसफार्मर बिजली निगम को लगवाने हैं। प्राथमिकता के आधार काम किया जा रहा है। जहां पहले जरूरत है वहां काम को प्राथमिकता दी जा रही है। इसके साथ ही प्रोजेक्ट में काफी काम पूरा हो चुका है। गर्मियों में लोगों को परेशानी न हो इसका पूरा प्रयास रहेगा।
यमुनानगर | कंपनी की ओर से कन्हैया चौक के नजदीक पोल लगाए गए, लेकिन इन पर ट्रांसफार्मर नहीं लगाए गए।