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खरल गांव की मुख्य गलियों में दो फीट तक भरा बारिश का पानी

एक वर्ष पहले
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खरल गांव की कलीरामणा पत्ती के लोगों ने गांव की गलियों में जमा बरसात के पानी की निकासी न होने को लेकर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर रोष व्यक्त किया। यहां बरसात होने के बाद गांव की गलियों में बरसात का पानी भर गया है, जिससे ये गलियों किसी माईनर के समाधान दिखाई देने लगी है। पानी इतना है कि इन गलियों में रहने वाले किसी भी तरीके से इस पानी से बच कर नहीं जा सके। उन्हें अपने जूते चप्पल हाथ में उठाकर गली में निकलना पड़ रहा है। अपनी इसी समस्या को लेकर ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर रोष व्यक्त किया।

ग्रामीण संतराज, रमेश, जशमेर, करनैल, बलवान, रणधीर, दर्शन, सुमन, कमलेश, भानी, बीरो ने बताया कि हमारी गलियों में इतना पानी खड़ा है कि बच्चे इस पानी में डूब सकते हैं। बुजुर्ग इस पानी के कारण गिरकर घायल हो रहे हैं, लेकिन प्रशासन के पास हमारी इस समस्या का कोई समाधान नहीं है। लोगों ने कहा कि यह पानी गंदा है। इसलिए कई प्रकार बीमारियां होने का भय भी सता रहा है। गलियों में पानी होने के कारण हम अपने ही घरों में कैद हो गए हैं। बाहर से आने वाले व्यक्ति अब हमारे घर आने की बजाय हमें दूसरी गलियों में बुलाते हैं और वहीं से मिलकर वापिस चले जाते हैं।

ग्रामीणों ने कहा कि उनके मकान बाढ़ ग्रस्त दिखाई देने लगे हैं। जब विवाह शादी होती है तो हम लोगों को गांव से बाहर मुख्य सड़क पर जाकर खुशी मनानी पड़ती है और जब कोई दुखद घटना होती है इसी पानी के अंदर से लोगों के जनाजे निकाले जा रहे हैं, लेकिन प्रशासन है कि इस समस्या के समाधान के कोई रास्ता नहीं निकाल पा रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि अगर जल्द उनकी गलियों से पानी नहीं निकाला गया तो वे सड़क पर बैठकर अपनी समस्या का समाधान चाहेंगे, जिसके लिए प्रशासन के अधिकारी जिम्मेवार होंगे।

महिला बौती ने बताया कि गली में दो से तीन फीट तक पानी भरा है, जिससे साथ लगते मकानों की दीवारों में दरारें पडऩी शुरू हो गई हैं। मकान गिरने का डर भी हमें सता रहा है, लेकिन प्रशासन हमारी इस समस्या को गंभीरता से नहीं ले रहा है। हमारी मांग है कि विभाग या तो हमारी गलियों को ऊंचा करवाए या फिर गांव से पानी निकासी की उचित व्यवस्था करे ताकि ग्रामीण सही तरीके से कामकाज करके अपना जीवन व्यतीत कर सकें। सुमन ने कहा कि अगर समाधान नहीं हुआ तो प्रशासन के खिलाफ आंदोलन भी शुरू करेंगे।

ग्रामीण बलमत ने बताया कि गली में खड़ा बरसात का पानी घरों में भी घुस रहा है। जिस कारण हमारे घरों में गंदा माहौल बना हुआ है। स्कूल बच्चों को सुबह अपनी वर्दी टांग कर व जूते हाथ में लेकर स्कूल जाना पड़ रहा है। कई प्रकार के विषैले जीव भी इस पानी में पैदा हो गए हैं, जिससे ग्रामीणों को नुकसान हो सकता है। लोगों को हर काम पानी में खड़े होकर करना पड़ रहा है। इसलिए जरूरी है कि प्रशासन इस गंभीर समस्या मुक्ति दिलाए ताकि हम लोग भी साधारण तरीके से अपना जीवन जी सके।

पानी की निकासी का कोई रास्ता नहीं : बीडीपीअाे

कलीरामणा पत्ती की गलियों के पानी की निकासी का कोई रास्ता नहीं है। इस पानी को तालाब मेंं निकाला जा सकता है। इसके लिए विभाग ने तालाब की खुदाई करवाने की तैयारी की थी, लेकिन ग्रामीणों ने इस तालाब की खुदाई करवाने से मना कर दिया। इसलिए गलियों से पानी की निकासी नहीं हो पा रही है। नाला बनाकर इस तालाब में बरसात का पानी निकाला जा सकता है। दूसरा कोई रास्ता नहीं है।
-राजेश टिवाणा, बीडीपीओ नरवाना

नरवाना. प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते खरल गांव के लोग।
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