बादली में बंदरों से ग्रामीण हो रहे परेशान
बादली कस्बे के लोग बंदरों के आंतक से परेशान है। पंचायत और उपमंडल प्रशासन को ग्रामीणों ने दर्जनों शिकायतें की, लेकिन दोनों ओर से ग्रामीणों को आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला। ये बंदर किसी न किसी को कभी न कभी अपना शिकार बना रहे हैं। पंचायत इन बंदरों को पकड़वाने की एक बार खाना पूर्ति कर चुकी है। लाखों रुपए की ग्रांट बंदर पकड़ने के नाम पर खर्च हो चुकी है। इसके बाद भी कस्बे में कभी बंदरों की संख्या में कोई कमी आई हो ऐसा नहीं लगा। पंचायत की कार्रवाई के उपरांत भी बदरों की संख्या में कभी कोई कमी देखने को नहीं मिली। कस्बे में बच्चे और महिलाएं छतों पर जाने से डरते हैं। अगर कोई छत या घर में विशेषकर महिला या बच्चा खाने का सामान लिए दिख जाए तो बंदर उससे छीनने में भी नहीं डरते। ये बंदर लोगों पर अचानक हमला कर देते हैं। लोग अपले घरों में भी सुरक्षित नहीं हैं। बंदरों के दल हर समय घरों की छतों गलियों में लड़ते रहते है और लोगों के लिए परेशानियां पैदा करते हैं। ग्रामीण सुरेंद्र, सोमबीर, रमेश, अंजू, अनिल, पवन, सुनील व अन्य का कहना है कि बंदरों के उत्पात से स्थानीय लोग काफी परेशान हैं। लोगों ने बंदरों से निजात दिलाने की मांग ग्राम पंचायत व बादली उपमंडल प्रशासन से की है।