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प्रेम नगर में अधिग्रहण की गई जमीन पर ही मेडिकल कालेज निर्माण को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे ग्रामीण नहीं मनाएंगे होली व धुलंडी
प्रेम नगर में अधिग्रहण की गई जमीन पर ही मेडिकल कालेज का निर्माण करवाए जाने की मांग को लेकर अनिश्चतकालीन धरने पर बैठे ग्रामीणों ने फैसला लिया कि होली व धुलंडी का पर्व नहीं मनाएंगे। रविवार को धरना स्थल पर पहुंचकर बवानीखेड़ा हलके के विधायक विशंभर वाल्मीकि ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि वे उनकी मांग को सीएम के सामने प्रमुखता से उठाएंगे और प्रेमनगर में ही कालेज का निर्माण करवाने का हर संभव प्रयास किया जाएगा।शनिवार को ग्रामीणों ने प्रेमनगर में निर्माणाधीन चौ. बंसी लाल यूनिवर्सिटी भवन के गेट के नजदीक अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया था। रविवार को धरने के दूसरे दिन गांव प्रेमनगर के सरपंच प्रतिनिधि नरसिंह समेत अनेक ग्रामीणों ने सर्व सम्मति से निर्णय लिया गया कि कालेज निर्माण की मांग पूरी नहीं होने पर इस बार ग्रामीण होली व धुलंडी का पर्व नहीं मनाएंगे। धरने पर रविवार को गांव तिगड़ाना के सरपंच प्रदीप, जमालपुर के सरपंच सते, रोहनात के सरपंच प्रतिनिधि रविंद्र, बोहल के सरपंच साधुराम मौजूद थे।
ये कहना है सरपंच प्रतिनिधि का
गांव प्रेमनगर के सरपंच प्रतिनिधि नरसिंह ने बताया कि सरकार व प्रशासन जानबूझकर मेडिकल कालेज निर्माण के मामले को लटका रही हैं। इसी के चलते घोषणा व शिलान्यास के बाद भी कालेज निर्माण का कार्य अधिग्रहण की गई गांव की जमीन पर नहीं करवाया जा रहा हैं। गांव प्रेमनगर की पंचायत की 37 एकड़ भूमि को मेडिकल कालेज के लिए प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। 29 जुलाई 2017 को मेडिकल कालेज का शिलान्यास तत्कालीन केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री व सीएम ने रखा था। इसके बावजूद सरकार व प्रशासन की मंशा यहां कालेज निर्माण का कार्य शुरू नहीं करवाया जा रहा है। इससे ग्रामीणों के साथ पूरे बवानीखेड़ा हलके ग्रामीणों में रोष है। उन्होंने कहा कि जब तक कालेज का निर्माण शुरू नहीं होगा रात-दिन धरना चलता रहेगा और ग्रामीण कोई त्यौहार नहीं मनाएंगे।
प्रेमनगर में मेडिकल कॉलेज निर्माण की मांग को लेकर धरने पर बैठे ग्रामीणों से बातचीत करते बवानीखेड़ा विधायक बिशंभर वाल्मिकी।