पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • Nuh News If The Names Of The Children Of Udka Village Are Not Cut Not A Single Child Of Atta Barota Will Go To School

उदाका गांव के बच्चों का नाम नहीं काटा गया तो आटा-बारोटा का एक भी बच्चा नहीं जाएगा स्कूल

2 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
गांव आटा-बारोटा के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में पढ़ने वाले उदाका गांव के समुदाय विशेष के छात्रों द्वारा बारोटा गांव की छात्राओं के साथ छेड़छाड़ करने, अश्लील फब्तियां कसने, रास्ते में आते-जाते लड़कियों का पीछा करने से गुस्साए ग्रामीण अब आर-पार की लड़ाई के लिए मैदान में उतर आए है। सोमवार को जिला सचिवालय में पहुंचे परिजनों व सैकड़ों स्कूली लड़के व लड़कियों ने डीसी के नाम अपना मांग पत्र सौंपा। जिसमें उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर उदाका गांव के बच्चों को स्कूल से नहीं निकाला गया तो आटा और बारोटा गांव का एक भी बच्चा स्कूल नहीं जाएगा।

जानिए क्या है पूरा मामला
7 सितंबर को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय आटा-बारोटा में पढ़ने वाले उदाका गांव के समुदाय विशेष के लड़कों ने एक लड़की के साथ छेड़छाड़ की थी, जिसका विरोध करने के लिए लड़की के परिजन स्कूल गए थे। उदाका गांव के कुछ शरारती तत्वों ने गांव में फोन कर अफवाह फैला दी कि बारोटा गांव के लोगों ने उन्हें बुरी तरह से पीटा है। इस पर उदाका गांव के दर्जनों लोग गाड़ियों और मोटरसाइकिलों पर लाठी, डंडे के साथ स्कूल पहुंच गए और वहां जो भी मिला, उसे पीट दिया। इसका पता जैसे ही बारोटा गांव के लोगों को लगा और वे स्कूल की तरफ बढ़े तो उदाका गांव के लोग वहां से भाग गए।

छात्राओं के साथ छेड़छाड़ करने, अश्लील फब्तियां कसने, रास्ते में आते-जाते लड़कियों का पीछा करने से गुस्साए ग्रामीण
उदाका के शरारती तत्व पहले भी छेड़छाड़ कर चुके हैं: सरपंच
बारोटा गांव के सरपंच धमेंद्र, आटा के सरपंच आनंद सिंह, सुरेंद्र नंबरदार बारोटा, लालसिंह नंबरदार, दिनेश यादव, जवाहर, जिले सिंह, योगेश, राजेश, चरण सिंह, मनोहर लाल, धर्मबीर, गजेंद्र सिंह आदि ने बताया कि उदाका गांव के बच्चों की यह कोई पहली हरकत नहीं है। इससे पहले भी वे कई बार लड़कियों के साथ छेड़छाड़ कर चुके हैं और स्कूल में माहौल तनाव का बनाए रखते हैं। घटनाओं को लेकर दोनों गांवों के लोगों के बीच पंचायतें भी हुई और पंचायतों में उदाका गांव के लोगों ने माफी मांगकर आगे से इस प्रकार की घटनाएं नहीं होने का भरोसा दिलाया। फिर भी हरकतें बंद नहीं हुई और 7 सितंबर को फिर से छात्राओं से छेड़छाड़ की गई। शिकायत में एक शिक्षक पर भी तनाव को भड़काने का आरोप लगाया गया है।

भास्कर न्यूज | नूंह

गांव आटा-बारोटा के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में पढ़ने वाले उदाका गांव के समुदाय विशेष के छात्रों द्वारा बारोटा गांव की छात्राओं के साथ छेड़छाड़ करने, अश्लील फब्तियां कसने, रास्ते में आते-जाते लड़कियों का पीछा करने से गुस्साए ग्रामीण अब आर-पार की लड़ाई के लिए मैदान में उतर आए है। सोमवार को जिला सचिवालय में पहुंचे परिजनों व सैकड़ों स्कूली लड़के व लड़कियों ने डीसी के नाम अपना मांग पत्र सौंपा। जिसमें उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर उदाका गांव के बच्चों को स्कूल से नहीं निकाला गया तो आटा और बारोटा गांव का एक भी बच्चा स्कूल नहीं जाएगा।

जानिए क्या है पूरा मामला
7 सितंबर को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय आटा-बारोटा में पढ़ने वाले उदाका गांव के समुदाय विशेष के लड़कों ने एक लड़की के साथ छेड़छाड़ की थी, जिसका विरोध करने के लिए लड़की के परिजन स्कूल गए थे। उदाका गांव के कुछ शरारती तत्वों ने गांव में फोन कर अफवाह फैला दी कि बारोटा गांव के लोगों ने उन्हें बुरी तरह से पीटा है। इस पर उदाका गांव के दर्जनों लोग गाड़ियों और मोटरसाइकिलों पर लाठी, डंडे के साथ स्कूल पहुंच गए और वहां जो भी मिला, उसे पीट दिया। इसका पता जैसे ही बारोटा गांव के लोगों को लगा और वे स्कूल की तरफ बढ़े तो उदाका गांव के लोग वहां से भाग गए।

छात्राओं ने कहा हमें नहीं पढ़ना: मामले की शिकायत लेकर डीसी से मिलने पहुंची आटा व बारोटा गांव की छात्राओं ने कहा कि वे किस प्रकार से स्कूल में रहती हैं, ये बयां नहीं किया जा सकता। लड़के हर समय उन्हें परेशान करते रहते हैं, उनके घर तक पीछा करते हैं। स्कूल में स्कूल जैसा कोई माहौल ही नहीं बल्कि हर समय शरारती लड़कों का जंगल राज रहता है, कई बार तो उन्होंने अध्यापकों को भी पीट दिया। ऐसे में अगर ये लड़के उस स्कूल में पढ़ेंगे तो वे अपने घर बैठ जाएंगी और स्कूल नहीं जाएंगी।

खबरें और भी हैं...