एनसीएलएटी ने अदाणी गैस पर जुर्माना घटाया
राष्ट्रीय कंपनी कानून अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) ने अदाणी गैस को बाजार में उसकी मजबूत स्थिति का दुरुपयोग करने के लिए दोषी ठहराने के भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) के आदेश को सही ठहराया है। यह मामला फरीदाबाद में औद्योगिक ग्राहकों को पाइप से प्राकृतिक गैस की आपूर्ति से जुड़ा है।
हालांकि, एनसीएलएटी के चेयरमैन न्यायमूर्ति एसजे मुखोपाध्याय की अध्यक्षता वाली पीठ ने इस मामले में कंपनी पर जुर्माने का बोझ चार प्रतिशत से घटाकर एक प्रतिशत कर दिया।
कंपनी को यह जुर्माना मामले की संबंधित अवधि में तीन साल के औसत कारोबार पर देना होगा। सीसीआई ने 3 जुलाई 2014 को अदाणी गैस लिमिटेड पर 25.67 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया था। फरीदाबाद उद्योग संघ की शिकायत पर यह जुर्माना लगाया गया। जांच में कंपनी के गैस आपूर्ति समझौते में अनुचित शर्तें थोपे जाने का पता चला है। सीसीआई ने इसके साथ ही अदाणी गैस को उन गतिविधियों से दूर रहने को भी कहा है जो कि प्रतिस्पर्धा कानून के प्रावधानों का उल्लंघन करती हैं। अदाणी गैस ने सीसीआई के फैसले को एनसीएलएटी में चुनौती दी।