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एनजीटी ने दी हरी झंडी, बराही तालाब में भरा जाएगा पानी, सौंदर्यीकरण होगा
प्राचीन स्थाल पर चारों तरफ रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम भी लगाए जाएंगे
ओल्ड फरीदाबाद स्थित बराही तालाब को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की योजना में आ रही बाधा अब खत्म हो गई है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने 5 फरवरी को केस को हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट देखकर सुनवाई पूरी कर केस खत्म कर दिया है। रिपोर्ट में कोर्ट को बताया गया कि तालाब में कूड़ा नहीं बल्कि उसे आधुनिक तरीके से विकसित किया जाएगा। अब जल्द ही फरीदाबाद स्मार्ट सिटी लिमिटेड कंपनी इसे विकसित करने के लिए काम शुरू करेगी। स्मार्ट सिटी लिमिटेड अब तालाब को नया रूप प्रदान करेगी। इसके चारों को ओर रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाए जाएंगे।
ओल्ड फरीदाबाद का बराही तालाब काफी पुराना है। यहां हर साल बराही मेला भी लगता है। इसके अलावा छठ पर्व पर भी श्रद्धालु यहां पूजा करने के लिए आते हैं, लेकिन कई दशकों से यह दुर्दशा का शिकार है। फरीदाबाद स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने इस तालाब को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की योजना बनाई थी। अधिकारियों ने डीपीआर तैयार कर काम भी शुरू कर दिया था। तभी किसी ने एनजीटी में याचिका दायर कर इससे पर्यावरण को नुकसान होने का आरोप लगा दिया। एनजीटी ने काम रोकने का आदेश देते हुए हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से इसकी रिपोर्ट तलब किया था।
आकर्षण का केंद्र होगा बराही तालाब|स्मार्ट सिटी लिमिटेड कंपनी की सीईओ डॉ. गरिमा मित्तल ने बताया कि वर्तमान में तालाब जहां है, उसे वहीं रहने दिया जाएगा। इसमें पानी भरने के लिए एक छोटा एसटीपी लगाया जाएगा। इसमें आसपास के सेक्टरों के सीवर के पानी को ट्रीट कर इसमें डाला जाएगा। यह पानी हर महीने बदल दिया जाएगा। वहीं एक गार्डन तैयार किया जाएगा। इसके चारों ओर सुंदर पेड़ लगाए जाएंगे। तालाब के एक हिस्से में बच्चों के लिए मनोरंजन पार्क होगा। इसके अलावा रेस्त्रां का निर्माण किया जाएगा। इसमें एक बड़ा टावर भी लगाया जाएगा, जिस पर लोग चढ़कर दूरबीन से शहर का विहंगम दृश्य देख सकेंगे।
करने के लिए आते हैं, लेकिन कई दशकों से यह दुर्दशा का शिकार है। फरीदाबाद स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने इस तालाब को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की योजना बनाई थी। अधिकारियों ने डीपीआर तैयार कर काम भी शुरू कर दिया था। तभी किसी ने एनजीटी में याचिका दायर कर इससे पर्यावरण को नुकसान होने का आरोप लगा दिया। एनजीटी ने काम रोकने का आदेश देते हुए हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से इसकी रिपोर्ट तलब किया था।
यहां हर साल लगता है बराही मेला, देशभर से लाेग आते हैं