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बेटे का दोस्त निकला कातिल, पहले डॉक्टर दंपती को मारा, उसी समय आ गई बेटी उसे खत्म किया, दामाद से हाथापाई कर चाकू गोद कर मारा

Faridabad News - बल्लभगढ़ के सेक्टर सात में शुक्रवार रात हुई डॉॅ. प्रवीण मेहंदीरत्ता परिवार के चौहरे हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा...

Nov 11, 2019, 07:21 AM IST
बल्लभगढ़ के सेक्टर सात में शुक्रवार रात हुई डॉॅ. प्रवीण मेहंदीरत्ता परिवार के चौहरे हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस हत्याकांड में बेटे का दोस्त ही कातिल निकला। उसकी पहचान डबुआ कॉलोनी निवासी मुकेश पुत्र रामपाल के रूप में हुई है। वह सेक्टर 7 की मार्केट में जिम चलाता है। पुलिस के मुताबिक दोस्त होने के कारण मुकेश का डॉक्टर के घर आना-जाना था। उसने अकेले ही चारों की चाकू से गोदकर हत्या की है। सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में कैद स्कूटी सवार हत्यारोपी ही है। इसी फुटेज के आधार पर पुलिस आरोपी तक पहुंची। पुलिस ने आरोपी के घर रविवार सुबह दबिश दिया।

जहां से उसने घटना में प्रयुक्त स्कूटी, खून लगी चाभी और लेटर बरामद किया है। साथ ही पुलिस ने अजरौंदा के पास झाड़ियों से खून से सने आरोपी के कपड़े भी बरामद किए हैं। अंजरौदा के पास से ही डाक्टर की बेटी का मोबाइल मिला है, जिसे पुलिस ने कब्जे में ले लिया है। आरोपी ने लेटर में लिखा है कि हमसे बहुत बड़ी गलती हो गई है। इससे मैं सुसाइट भी कर सकता हूं। पुलिस इस हत्याकांड में तीन-चार अन्य लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। साथ ही हत्याकांड के मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के लिए क्राइम ब्रांच की दस टीमों को लगाया गया है।

आरोपी लेटर लिख कर अपने घर से हुआ फरार, लेटर में लिखा है कि हमसे बहुत बड़ी गलती हो गई, इससे मैं सुसाइड कर सकता हूं

जिम ट्रेनर पर ऐसे गहराया पुलिस का शक

पुलिस कमिश्नर कार्यालय में हत्याकांड का खुलासा करते हुए एसीपी क्राइम अनिल कुमार ने बताया कि डॉक्टर परिवार के हत्याकांड में पुलिस ने शनिवार शाम चार लोगों को डीएलएफ क्राइम ब्रांच में बुलाया गया था। लेकिन व्यस्तता अधिक होने के कारण पुलिस ने चारों को वापस भेजकर रविवार सुबह दस बजे आने के लिए कहा था, जिससे उनके बयान दर्ज किए जा सकें। एसीपी ने बताया कि रविवार सुबह तीन लोग थाने आ गए लेकिन मुकेश नहीं आया। इससे उस पर शक गहरा गया। पुलिस की टीम ने तत्काल उसके घर पर दबिश दी तो वह फरार था। उसने एक लेटर घर छोड़ रखा था। जिसे पुलिस ने कब्जे में ले लिया है। साथ ही पुलिस ने मुकेश की स्कूटी, चाभी व अन्य सामान भी कब्जे में ले लिया है। स्कूटी की चाभी में खून भी लगा है। उन्होंने बताया आरोपी मुकेश सेक्टर-7 में जिम चलाता है और डॉक्टर के बेटे दर्पण का दोस्त है।

आरोपी मुकेश


डाॅक्टर दंपती अपनी बेटी और दामाद के साथ। फाइल फोटो

आरोपी डॉक्टर के आने का करता रहा इंतजार

एसीपी ने बताया कि घटना की रात शुक्रवार को आरोपी मुकेश रात करीब 10.30 बजे स्कूटी लेकर डॉक्टर के घर पहुंचा था। गेट के बाहर वह करीब 20 से 25 मिनट तक इंतजार करता रहा। उस वक्त डॉ. प्रवीण मेहंदीरत्ता अपने कुत्ते को घुमाने निकले थे। डॉ. जब कुत्ते को घुमाकर घर में घुसे तो उनके घुसने के करीब 4-5 मिनट बाद ही स्कूटी सवार मुकेश अंदर जाता हुआ सीसीटीवी के फुटेज में दिखाई दे रहा है।

स्मृतिशेष


इत्तफाकन हुई दामाद और बेटी की हत्या

प्रारंभिक जांच में पुलिस को अंदेशा है कि आरोपी ने डॉ. प्रवीण और उनकी प|ी भारती उर्फ सुदेश की हत्या करने के इरादे से ही आया था। एसीपी ने बताया कि आरोपी ने पहले डॉक्टर की हत्या की। इसके बाद उनकी प|ी को बेडरूम में मारा। इसी दौरान डॉक्टर की बेटी प्रियंका और दामाद सौरभ वहां पहुंच गए। दामाद सौरभ अभी कार पार्क कर ही रहे थे तभी प्रियंका घर में घुसी होगी। प्रियंका ने आरोपी को देख लिया होगा। इसलिए आरोपी ने उसकी भी हत्या कर दी। इसी दौरान सौरभ घर में घुसे तो उन्हें भी चाकुओं से हमला कर मार डाला। आरोपी और दामाद सौरभ के बीच काफी हाथापाई भी हुई है। क्योंकि दीवारों पर खून से लगे पंजे के निशान मिले हैं।

झाड़ी से बरामद हुए कपड़े, घर से स्कूटी

अंजरौदा के पास एक झाड़ी से बरामद आरोपी के कपड़े।

आरोपी मुकेश के घर से बरामद उसकी स्कूटी।


हत्या के कारणों तक पुलिस अभी नहीं पहुंच पाई

इस हत्याकांड का आनन फानन में पुलिस ने खुलासा तो करने का दावा किया है लेकिन हत्या के कारणों से अभी दूर है। एसीपी क्राइम अनिल कुमार इस सवाल का जवाब नहीं दे पाए कि आरोपी मुकेश ने एक ही परिवार के चार लोगों की हत्या क्यों की। उनका कहना है कि जब तक आरोपी गिरफ्तार नहीं हो जाता और उससे पूछताछ नहीं हो जाती तब तक कुछ कह पाना जल्दबाजी होगी। पुलिस के पास इस बात का भी जवाब नहीं है कि आरोपी मुकेश और डॉक्टर के बेटे दर्पण की दोस्ती कब और कैसे हुई थी।

बेटे से पुलिस नहीं कर पाई है पूछताछ

एसीपी ने बताया कि मां-बाप, बहन व बहनोई की हुई निर्मम हत्याकांड के बाद से डॉक्टर का बेटा दर्पण बेसुध है। पुलिस अभी उससे पूछताछ नहीं कर पाई है। उसे संदिग्ध व्यक्तियों के बारे में जानकारी करने के लिए बुलाया गया था लेकिन वह अभी कुछ भी बोलने की स्थिति में नहीं है। इसी कारण वह बुलाने पर नहीं पहुंचा।

पुलिस के पहुंचने पर आरोपी भी पहुंचा था डॉक्टर के घर

पुलिस सूत्रों की मानें तो घटना का पता चलने पर जब पुलिस पहुंची और वहां भीड़ जमा हो गई तो आरोपी मुकेश भी वहां पहुंचा था। भीड़ से ही वह पुलिस की हरकतों पर बारीकी से नजर रख रहा था। हालांकि पुलिस अधिकारी इस बात की जानकारी होने से इंकार कर रहे हैं।

चारों का कर दिया गया अंतिम संस्कार

एसीपी बल्लभगढ़ जयवीर सिंह राठी ने बताया कि डॉक्टर परिवार के चारों सदस्यों का पोस्टमार्टम परिवार और रिश्तेदारों की मौजूदगी में रविवार को बीके अस्पताल में कराया गया। इसके बाद बाइपास रोड स्थित श्मशान स्थल पर दोपहर बाद करीब 3.30 बजे चारों का अंतिम संस्कार कर दिया गया।

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