सख्ती का नहीं हो रहा असर, कूड़े का उठान नहीं हो पा रहा, लोग परेशान

Faridabad News - नगर निगम कमिश्नर की सख्ती का कूड़ा उठाने वाली ईकोग्रीन कंपनी पर कोई असर नहीं दिखाई दे रहा है। कंपनी अभी भी प्रॉपर...

Bhaskar News Network

Nov 11, 2019, 07:15 AM IST
Faridabad News - strictness is not affecting garbage is not getting up people are worried
नगर निगम कमिश्नर की सख्ती का कूड़ा उठाने वाली ईकोग्रीन कंपनी पर कोई असर नहीं दिखाई दे रहा है। कंपनी अभी भी प्रॉपर तरीके से सेकेंड्री डंपिंग साइटों से कूड़ा नहीं उठा पा रही है। रविवार को बल्लभगढ़ के मोहना रोड पर कूड़ा आधी सड़क तक पहुंच गया। इससे वाहन चालकों व शहरवासियों को आने-जाने में परेशानी हो रही थी। उधर कंपनी अधिकारियों का कहना है कि अवैध वेंडरों के कारण यह समस्या आ रही है। कंपनी एक डंपिंग साइट बंद करती है तो वेंडर दूसरी जगह कूड़ा एकत्र करना शुरू कर देते हैं। ऐसे वेंडरों की पहचान की जा रही है। इनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

निगम कमिश्नर सोनल गोयल समेत अन्य पूर्व में रहे अन्य निगम कमिश्नर कूड़ा उठान को लेकर कंपनी अधिकारियों के साथ कई बार बैठकें कर चुके हैं। अभी चार दिन पहले ही मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने गुड़गांव दौरे पर शहर में कूड़े के ढेर को देख नाराजगी जताई और क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से ईकोग्रीन कंपनी पर 25 लाख रुपए का जुर्माना लगाने का आदेश दिया था। इस कार्रवाई के बाद शुक्रवार को निगम कमिश्नर बल्लभगढ़ क्षेत्र में कई डंपिंग साइटों का निरीक्षण किया जहां कूड़ा एकत्र पाया गया। कंपनी अधिकारियों को फटकार लगा व्यवस्था सुधारने का आदेश दिया। इसके बावजूद व्यवस्था अभी पटरी पर नहीं आ पाई है। ईकोगीन कंपनी के अधिकारी रवि त्रिवेदी ने बताया कि अवैध वेंडरों के कारण समस्या आ रही है। इनकी पहचान कर व्यवस्था दुरुस्त करने का प्रयास किया जा रहा है।

बल्लभगढ़ के मोहना रोड पर आधी सड़क तक फैला कूड़ा।

यहां तैनात हैं आईएएस: मंडलायुक्त जी. अनुपमा, डीसी अतुल कुमार, एडीसी धर्मेंद्र सिंह, निगम कमिश्नर सोनल गोयल, एडिशनल कमिश्नर विक्रम, सचिव जितेंद्र दहिया, एफएमडीए की अनीता यादव, स्मार्ट सिटी लिमिटेड की सीईओ डा. गरिमा मित्तल, एडिशनल सीईओ मोनिका गुप्ता आदि कुल 11 आईएएस तैनात हैं।

शहर में 11 आईएएस फिर भी हालात खराब

शहर में प्रदूषण और गंदगी को देखते हुए शहर के कई संगठनों ने यहां तैनात आईएएस, आईपीएस और एचसीएस अफसरों की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि जिस शहर में 11 आईएएस अफसर तैनात हों, इसके बाद भी शहर दुनियाभर के सबसे गंदे शहरों में शुमार हो तो शर्म आती है। सरकार को चाहिए कि ऐसे नाकारा अफसरों को यहां से दूर भेजें और काम करने वाले अफसरों की तैनाती करें और उनकी जवाबदेही तय करें। रोड सेफ्टी ओमिनी फाउंडेशन के सरदार देवेंद्र सिंह, टीनू सैनी, राकेश सैनी, उत्तम शर्मा, भ्रष्टाचार विरोधी मंच के संरक्षक एवं पद्मश्री डॉ. ब्रह्मदत्त, वरुण श्यौकंद, आरटीआई एक्टिविस्ट अजय बहल, रविंद्र चावला आदि का कहना है कि वर्तमान में हमारे शहर में 11 आईएएस, 13 एचसीएस, 5 आईपीएस, 18 एचपीएस काम कर रहे हैं उसके बावजूद शहर में प्रदूषण कम नहीं हो रहा है। इस पर सभी को मंथन करने की जरूरत है। इस विषय पर अधिकारियों के साथ एक डिबेट होनी चाहिए कि आखिर इतने सारे अधिकारी होने के बावजूद काम क्यों नहीं हो पा रहा।

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