एक-दूसरे के मूल्यों की उपेक्षा करके हम आगे नहीं बढ़ सकते: स्मृति ईरानी

Gurgaon News - इंडियन कॉटन एसोसिएशन द्वारा रविवार को इंडियन कॉटन कॉन्फ्रेंस 2019 का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के तौर...

Nov 11, 2019, 07:25 AM IST
इंडियन कॉटन एसोसिएशन द्वारा रविवार को इंडियन कॉटन कॉन्फ्रेंस 2019 का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के तौर पर पहुंची टेक्सटाइल मिनिस्टर, वीमेन एंड चाइल्ड डेवलपमेंट मिनिस्टर स्मृति जुबिन ईरानी ने कहा की भारत एक कृषि प्रधान देश है, जहां हम एक दूसरे के मूल्य की उपेक्षा करके आगे नहीं बढ़ सकते। औद्योगिक विकास में किसानों को नजरअंदाज नहीं कर सकते। विकास में किसानों को भी भागीदार बनाना होगा। हमें सब को साथ लेकर चलना होगा, समय के साथ बदलाव को अपनाना होगा। हम कब तक इन चुनौती को लेकर आपस में बहस करते रहेंगे, क्या हम इस समय को भविष्य की विकास की योजना में नहीं लगा सकते।

कार्यक्रम में उर्वरक में उपयोग किए जाने वाले उजला प्लास्टिक पर पूरी तरह से पाबंदी लगाने की सुझाव दिया गया, जिससे की कपास की कीमत और किसानों की आय में बढ़ोतरी होगी। इस मौके पर कपास उद्योग में बदलाव की चुनौती व किसानों के साथ इंडस्ट्री के कई मुद्दों पर चर्चा की गई।

विश्व कपास उत्पादन में 26% योगदान देकर भारत पूरे दुनिया में सबसे आगे

गुड़गांव. इंडियन कॉटन कॉन्फ्रेंस में उद्यमी को सम्मानित करती केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, साथ में मंत्री पुरषोत्तम रुपाला।

किसानों के आय को बढ़ाने की जरूरत: पुरुषोत्तम

कृषि एवं किसान राज्य मंत्री पुरुषोत्तम रुपाला ने कहा कि इस कार्यक्रम में हम किसानों की समस्याओं पर तो चर्चा नहीं कर सकते पर उनके हालातों पर गंभीरता से सोचने की जरूरत है, जिसके लिए देश के प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अनेकों कदम उठाए जाएंगे। उद्योग के साथ-साथ हमें किसानों के आय को बढ़ाने की जरूरत है।

भारत कपास के उत्पादन में सबसे बड़ा देश: महेश

इंडियन कॉटन एसोसिएशन के प्रधान महेश शारदा ने कहा कि भारत कपास के उत्पादन में सबसे बड़ा देश है। यह 50 से 60 मिलियन लोगों को रोजगार देता है। विश्व का 37 फीसदी क्षेत्र और विश्व कपास उत्पादन में 26 फीसदी का योगदान देकर भारत पूरे दुनिया में कपास उत्पादन में सबसे आगे है। आज भी कपास की गुणवत्ता सबसे बड़ी चुनौती है।

X

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना