प्लानिंग 2022 / अब वाहनों में सेफ्टी फीचर्स ESC और AEB अनिवार्य करने की तैयारी, 10 हजार रु. तक महंगे हो जाएंगे वाहन

safety standards update: India may make ESC and AEB mandatory for vehicles by 2022
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safety standards update: India may make ESC and AEB mandatory for vehicles by 2022

  • भारत समेत 6 देश अगर इसे लागू करते हैं, तो सालाना करीब 1.50 लाख सड़क मौतों रोकी जा सकेंगी
  • फिलहाल भारत में ड्राइवर साइड एयरबैग, एबीएस, सीट बेल्ट रिमाइंडर, स्पीड वार्निंग सिस्टम जैसे फीचर्स अनिवार्य हो चुके हैं

Dainik Bhaskar

Jan 16, 2020, 04:33 PM IST
ऑटो डेस्क. अप्रैल 2020 में नए एमिशन नॉर्म्स लागू करने के बाद ऑटो कंपनियों का अगला कदम गाड़ियों में इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल और ऑटोनोमस इमरजेंसी ब्रेक सिस्टम जैसे सेफ्टी फीचर्स को अनिवार्य करना होगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन्हें 2022 तक पूर्ण रूप से लागू किया जा सकता है। ESC और AEB जैसे सेफ्टी फीचर्स विश्व के ज्यादातर विकसित देश अपने यहां लागू कर चुके हैं। रिपोर्ट्स के बताया गया है कि भारत समेत 6 देश इसे लागू करने पर सालाना करीब 1.50 लाख सड़क मौतों रोकी जा सकता है। इसलिए संयुक्त राष्ट्र की ओर से इन दोनों फीचर्स को अनिवार्य किए जाने को लेकर भारत पर दबाव बनाया जा रहा है। जानिए आखिर क्या है ईएससी और एईबी...

सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों में भारत सबसे आगे

  1. सड़क दुर्घटनाओं में आएगी कमी

    संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के मुताबिक ईएससी और एईबी को लागू करने से सड़क दुर्घटना और उसमें होने वाली मौतों में कमी आएगी। भारत समेत 6 देश अगर इसे अपने यहां लागू करते हैं, तो इससे सालाना करीब 1.50 लाख सड़क मौतों पर रोक लग सकेगी। साथ ही 1,52,417 करोड़ रुपए की बचत हो सकेगी। बता दें कि सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौत के मामले में भारत दुनिया में सबसे आगे है। ऐसे में भारत जैसे देश में ईएससी लागू होने से सड़क दुर्घटनाओं में करीब 38 फीसदी की कमी आएगी।

  2. 10 हजार रुपए तक महंगे हो जाएंगे वाहन

    भारत साल 2022-23 तक देशभर में इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल (ईएससी) और ऑटोनोमस इमरजेंसी ब्रेक सिस्टम लागू कर सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक एबीएस वाले वाहनों में ईएसी को इंस्टॉल करने का खर्च करीब 3,543 रुपए आएगा। वहीं ऑटोनोमस इमरजेंसी ब्रेक सिस्टम लगाने का खर्च 1,417 से 2000 रुपए हो सकता है। मतलब वाहन में दोनों फीचर्स लगाने पर वाहन की कीमत 10 हजार रुपए तक बढ़ सकती है।

  3. क्या है ESC

    इलेक्ट्रानिक स्टेबिलिटी कंट्रोल (ESC) तकनीक वाहन को फिसलने से बचाती है और जब ड्राइवर स्टीयरिंग व्हील पर कंट्रोल खो देता है, तो ईएससी तकनीक स्टीयरिंग व्हील एंगल और वाहन के स्पीड के हिसाब वाहन की स्पीड को नियंत्रित करता है। वहीं दुर्घटना की स्थिति में ईएससी ऑटोमेटिकली ब्रेक अप्लाई कर देता है और इंजन के पावर को मैनेज करता है। भारत सरकार ने नए वाहनों के लिए ड्राइवर साइड एयरबैग, एबीएस, सीट बेल्ट रिमाइंडर, स्पीड वार्निंग सिस्टम और रिवर्स पार्किंग सेंसर को जैसे फीचर्स को अनिवार्य कर दिया है।

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