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जब घने कोहरे में करनी पड़े कार ड्राइव तो लाइट्स का करें सही इस्तेमाल, 10 काम की बातें

एक वर्ष पहले
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1) कोहरे में तेज रफ्तार ड्राइव हादसे का कारण बन सकती है...

कोहरे में विजिबिलिटी कम हो जाती है, ऐसे में लाइट्स ही है जिनसे आप अपने पीछे आ रही गाड़ियों को सिग्नल देते हैं। कोहरे में कहीं जाना पड़े को सड़क पर निकलने से पहले ये जरूर सुनिश्चित करलें की कार के हेडलाइट, टेललाइट्स, फॉग लैंप्स, इंडीकेटर्स और वाइपर्स सही काम कर रहे हैं या नहीं।

गाड़ी में फॉग लैंप खासतौर से इसी मौसम के लिए दिया होता है। इसलिए हेडलाइट के साथ फॉग लैंप का इस्तेमाल जरूर करें। यह बंपर पर लगे होते हैं। हेडलाइट्स में जहां दूर की चीजें पर फोकस करती हैं वहीं फॉगलैंप से नियरबाय यानी आसपास की चीजों की बेहतर विजिबिलिटी मिलती है। कोशिश करें कि फॉग लगवाते समय कंजूसी न करें। बाजार से अच्छी क्वालिटी का फॉग लैंप ही खरीदें और अनुभवी मैकेनिक से ही लगवाएं ताकि शॉर्ट सर्किट जैसी समस्या न हो।

घने कोहरे रफतार हमेशा धीमे रखे ताकि उसे आसानी से कंट्रोल किया जा सके। तेज रफ्तार होने पर कंट्रोल करना थोड़ा मुश्किल हो जाता है। इसके अलावा अन्य गाड़ियों से दूरी बनाए रखें। हमेशा डिवाइडर या फुटपाथ के समानंतर बनीं रोड लाइन्स के हिसाब से चले, यानी एक ही दिशा में चलें, कोहरे में बार-बार साइड न बदलें।

अक्सर लोग कोहरे में चलते समय हजार्ड लाइट ऑन कर लेते हैं जोकि बिल्कुल गलत है। हजार्ड लाइट ऑन रखकर चलने पर पीछे आ रही गाड़िया ये नहीं समझ पाती कि आप किस दिशा में मुड़ेंगे। हजार्ड लाइट खासतौर से इमरजेंसी में ऑन की जाती है। उदाहरण के तौर पर यदि गाड़ी खराब हो गई है और उसे सड़क किनारे पार्क करना है ताकि बाकी लोग समझ जाए कि गाड़ी खराब है।

अगर रास्ता पता हो जो जिस दिशा में मुड़ना हो उसी दिशा में इंडिकेटर देते हुए चले ताकि पीछे आने वाली गाड़ियां समझ सके कि आपकी कार उसी दिशा में चलेगी और वो अन्य साइड से आगे निकल जाएगा।

घने कोहरे में बीच सड़क पर ड्राइव करना हादसे का कारण बन सकता है। बीच में पीछे चलने पर पीछे चलने वाली गाड़ियों हमेशा कन्फ्यूजन में रहेंगे कि आप किस तरफ मुड़ेंगे। ऐसी स्थिति में दुर्घटना हो सकता है।

अगर किसी फॉग लैंप नहीं है तो अपनी हेडलाइट बीम का इस तरह से सेट करें ताकि आगे चलने वाली गाड़ी ठीक तरह से दिखे। लाइट न तो लो-बीम पर रखे न ही हाई पर रखें, इसे बीच में रखे ताकि अन्य गाड़ियों से दूरी मेनटेन की जा सके।

अन्य मौसम में हम ज्यादातर ए.सी. का इस्तेमाल करते हैं लेकिन ठंड के मौसम में ब्लोअर ही ज्यादा काम आता है। ब्लोअर ऑयल हीटिंग सिस्टम पर काम करता है, इसलिए ठंड ज्यादा बढ़े इससे पहले किसी अच्छे मैकेनिक से ब्लोअर जरूर चेक करवा लें, क्योंकि कभी कभार इसमें शॉर्ट सर्किट जैसी समस्या हो जाती है।

विंडस्क्रीन पर यदि बाहर से धुंध जम रही हो तो वाइपर के इस्तेमाल से हटाएं। घर से निकलने से पहले सुनिश्चित करलें की कार के वॉटर टैंक में पर्याप्त पानी हो। इसके अलावा कार के केबिन का टेंपरेचर मेनटेन करने के लिए हीटर की मदद भी ले सकते हैं ताकि अंदर से विंडस्क्रीन पर धुंध न जमे। ड्राइवर अपनी सुविधानुसार हीटर का टेंपरेचर मेनटेन कर सकता है।

घना कोहरा होने की स्थिति में कार को कभी भी सड़क किनारे न रोके क्योंकि यह आपके लिए महंगा साबित हो सकता है। क्योंकि पीछे आ रही तेज रफ्तार कार दुर्घटना का कारण बन सकती है। अगर किसी कारण वश रोकना जरूरी हो जाए तो सड़क के एकदम किनारे ले जाकर रोकें और तुरंत पार्किंग या हजार्ड लाइट ऑन करें ताकि पीछे आ रही गाड़ियों को जानकारी मिल जाए।