एपल की नई टेक्नोलॉजी:प्राइवेसी ग्लासेस का फीचर ला रहा एपल, इससे बगल में बैठे लोग नहीं देख पाएंगे आपकी मोबाइल स्क्रीन

2 महीने पहले
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मान लीजिए ​​आपके आस-पास लोग बैठे हैं और आप स्मार्टफोन का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो यह बात दिमाग में जरूरी आती होगी कि कहीं बगल में बैठा व्यक्ति मेरा फोन तो नहीं देख रहा! यदि ऐसा है तो एपल ऐसे चश्मे पर काम कर रहा है जो दूसरों को आईफोन की स्क्रीन पर कंटेंट देखने से रोक देगा। इस फीचर का नाम प्राइवेसी आईवियर होगा। जो आपके आईफोन पर ऑन-स्क्रीन कंटेंट को तभी दिखाएगा जब आप इसे पहनेंगे। इससे आपके बगल में बैठे लोग आपके स्क्रीन के कंटेंट नहीं देख पाएंगे।

इस बात का खुलासा US पेटेंट और ट्रेडमार्क ऑफिस (USPTO) में एपल द्वारा फाइल की गई एप्लिकेशन से हुआ है।

यूजर स्क्रीन को ब्लर भी कर सकेगा
पेटेंट के मुताबिक स्मार्टफोन से चश्मे पर स्टैंडर्ड ग्राफिकल आउटपुट मिलेगा। इससे जो भी स्मार्टफोन पर एक्टिविटी करेंगे वह चश्मे से दिखाई देगी। इसमें यूजर्स चाहें तो कैलिब्रेशन ग्राफिक्स ऑप्शन से स्क्रीन को ब्लर भी कर सकते हैं।

इसके साथ ही एपल यूजर के लिए फेस ID प्रोफाइल पर भी काम कर रहा है। इसके अलावा उस फीचर पर भी काम किया जा रहा है जो दूसरे यूजर्स को उसके हेयर स्टाइल, मूंछें, दाढ़ी, धूप का चश्मा और पढ़ने के चश्मे आदि के बीच अंतर की पहचान कर लेगा। एपल दोनों पेटेंट्स को इंटीग्रेट कर सकता है। हालांकि यह जरूरी नहीं है इसे आईफोन 13 में शामिल ही किया जाए।

प्राइवेसी ग्लासेस के फायदे
स्क्रीन के कंटेंट को आपके अलावा सभी से प्रोटेक्ट करेगा, साथ ही बस स्टॉप या मेट्रो स्टेशन में फोन पर ऑनलाइन ट्रांजैक्शन का पासवर्ड या जरूरी डॉक्युमेंट बगल में बैठे लोग नहीं देख पाएंगे।

अब बात उन कूल टेक्नोलॉजी की करते हैं जिनकी शुरुआत एपल से हुई ...

1.स्मार्टफोन में फिंगरप्रिंट स्कैनर
आईफोन 5s को 2013 में लॉन्च किया गया था। साथ यह दुनिया का पहला स्मार्टफोन था जिसमें फिंगरप्रिंट स्कैनर फीचर लाया गया था।

2. मल्टीटच फीचर
मल्टीटच टेक्नोलॉजी की शुरुआत 2007 में की गई थी। जब भी आप किसी फोटो को जूम आउट करने के लिए उंगलियों को पिंचिंग मूवमेंट में एक साथ लाते हैं, तो वो मल्टीटच फीचर कहलाता है। जिसे सबसे पहले एपल ने आईफोन में इस्तेमाल किया था।

3.गोरिल्ला ग्लास का इस्तेमाल
इसके इस्तेमाल से पतले डिस्प्ले होने के बावजूद इसकी मजबूती बनी रहती है। साथ ही स्क्रीन पर स्क्रैच नहीं आते हैं। गोरिल्ला ग्लास के इस्तेमाल का चलन एपल ने ही शुरू किया था।

4. USB पोर्ट
आईमैक पर USB आने के बाद पूरे बाजार में USB पोर्ट का सपोर्ट करने वाले कम्प्यूटरों की संख्या बढ़ने लगी।

5. ट्रैकपैड
इन दिनों ज्यादातर लैपटॉप में ट्रैकपैड होते हैं। एपल ने 1994 के मई में पावरबुक 500 नोटबुक की अपनी सीरीज के साथ सबसे पहले दो-इंच ट्रैकपैड का इस्तेमाल किया था।