यूट्यूबर अभिषेक तैलंग के साथ Tech Talk:पावरबैंक खरीदते वक्त अपनी जरूरत, टेक्नोलॉजी और फास्ट चार्जिंग का भी रखें ध्यान; 3 बातें हमेशा करेंगी आपकी मदद

नई दिल्ली9 महीने पहले

पावरबैंक शायद इकलौता ऐसा गैजेट होगा, जिसका इस्तेमाल सभी करते हैं, पर उसे खरीदते वक्त हम में से शायद ही कोई बहुत दिमाग लगाता होगा। पावरबैंक चुनने से ज्यादा वक्त तो हम लोग शायद अपने लिए शैंपू खरीदने में देते होंगे, लेकिन पावरबैंक को हमें कभी भी हल्के में नहीं लेना चाहिए, क्योंकि ये अच्छा होगा तो आपके गैजेट की बैटरी लाइफ भी अच्छी रहेगी। आज जानते है कि पावरबैंक खरीदते वक्त किन बातों का ध्यान रखना चाहिए...

पावरबैंक खरीदने से पहले किन बातों का ख्याल रखें?

1. पावरबैंक को लेकर अपनी जरूरत समझें
सबसे पहले तो अपनी जरूरत को समझें और अपनी जरूरत से दोगुनी कैपेसिटी का पावरबैंक लें। जैसे टैबलेट चार्ज करना है या मोबाइल फोन? कितने mAh के फोन को चार्ज करना है। वो सब टोटल कर के ही लीजिए। आमतौर पर स्मार्टफोन की बैटरी 5000mAh से 7000mAh तक ही होती है, वहीं टैबलेट कम्प्यूटर की बैटरी 10000mAh से ज्यादा ही होती है। अगर आपको सिर्फ मोबाइल फोन ही चार्ज करना है तो 10000 से 15000mAh का पावरबैंक ठीक रहेगा, लेकिन टैबलेट भी चार्ज करना है तो 20000 से 30000mAh का पावरबैंक बेहतर होगा।

2. फास्ट चार्जिंग का ध्यान रखें
अगर आपको अपने फोन को तेजी से चार्ज करना है तो ऐसा पावरबैंक लीजिए जो फास्ट चार्जिंग के साथ आए। ये ध्यान रखें कि हाई आउटपुट करंट का पावरबैंक लेने से आपको फास्ट चार्जिंग मिलेगी। कितने पोर्ट हैं ये भी देखें। जितने ज्यादा पोर्ट होंगे, उतने गैजेट्स आप चार्ज कर पाएंगे, लेकिन ये ध्यान रखिएगा कि एक साथ कई गैजेट चार्ज करने पर चार्जिंग स्लो हो जाती है।

3. लिथियम पॉलिमर टेक्नोलॉजी ज्यादा बेहतर
पावरबैंक का फॉर्म फैक्टर भी मायने रखता है। जितनी ज्यादा कैपेसिटी का पावरबैंक होगा, उतना कम पोर्टेबल होगा। कोशिश करें कि लिथियम पॉलिमर टेक्नोलॉजी वाला पावरबैंक लें। लिथियम ऑयन के मुकाबले, लिथियम पॉलिमर ज्यादा नई और बेहतर टेक्नोलॉजी है। लिथियम पॉलिमर टेक्नोलॉजी वाले पावरबैंक ज्यादा ड्यूरेबल होते हैं, ज्यादा चार्जिंग साइकिल होती है। साथ ही, लिथियम पॉलिमर टेक्नोलॉजी पर चलने वाले पावरबैंक की बैटरी लाइफ भी काफी लंबी होती है, जो फायदेमंद रहता है।

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