दिल्ली एयरपोर्ट की बड़ी उपलब्धि:लगातार चौथे साल एशिया-पैसिफिक में चुना गया सर्वश्रेष्ठ हवाई अड्डा, कोविड के समय एक्सीलेंस अवॉर्ड भी मिल चुका

नई दिल्ली5 महीने पहले
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दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट (IGIA) को लगातार चौथे साल एशिया-प्रशांत में साइज और रीजन द्वारा सर्वश्रेष्ठ हवाईअड्डा घोषित किया गया है। ये जानकारी दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड GMR समूह के नेतृत्व वाले संघ ने दी है। डायल (DIAL) के CEO, विदेह कुमार जयपुरियार ने कहा कि हमें इस बात की खुशी है कि दिल्ली एयरपोर्ट पर हमारे प्रयासों को साल दर साल ACI-ASQ अवॉर्ड मिल रहा है।

40 मिलियन पैसेंजर कैटेगरी में एयरपोर्ट नंबर-1 रहा
IGIA को 2021 में एयरपोर्ट काउंसिल इंटरनेशनल (ACI) ने 40 मिलियन पैसेंजर पर एनम (MPPA) कैटेगरी के लिए एयरपोर्ट सर्विस क्वालिटी (ASQ) की मान्याता दी गई थी। इस कैटेगरी में एयरपोर्ट नंबर-1 रहा। एयरपोर्ट सर्विस क्वालिटी प्रोग्राम दुनिया का लीडिंग एयरपोर्ट का कस्टमर्स एक्सपीरियंस मैजरमेंट और बेंचमार्किंग प्रोग्राम है। इसमें एयरपोर्ट पर यात्रियों को मिलने वाली सर्विसेज शामिल हैं।

  • पैसेंजर के लिए रेस्ट रूम सुविधा
  • साफ-सफाई और बेहतर मैनेजमेंट
  • कोविड प्रोटोकॉल को ध्यान रखना
  • एंट्री से प्लेन में बैठने तक का सफर आसान करना

सितंबर 2011 को मिलेगा अवॉर्ड
नई स्वच्छता श्रेणी ACI के एयरपोर्ट हेल्थ अक्रेडटैशन प्रोग्राम का कॉम्प्लेमेन्ट भी है, जो एयरपोर्ट को ग्लोबल स्टैंडर्स के साथ अपने स्वास्थ्य उपायों को मेजर करने में मदद करता है। वर्तमान में इसमें 300 से अधिक एयरपोर्ट शामिल हैं। ये अवॉर्ड चौथे ASQ फॉरम और ACI वर्ल्ड कस्टमर एक्सपीरियंस ग्लोबल समिट में दिए जाएंगे। इसका आयोजन 13 से 15 सितंबर 2022 को पोलैंड के क्राको में होगा।

महामारी के दौरान एक्सीलेंस अवॉर्ड भी मिला
GMR के नेतृत्व वाले कंसोर्टियम द्वारा संचालित दिल्ली के इंदिरा गांधी एयरपोर्ट को 2021 में भी लगातार तीसरे वर्ष स्काईट्रैक्स ने भारत और मध्य एशिया में सर्वश्रेष्ठ क्षेत्रीय एयरपोर्ट के तौर पर चुना गया था। इतना ही नहीं ग्लोबल कोविड-19 महामारी के दौरान बेहतरीन सुरक्षा प्रोटोकॉल देने के लिए भी इंदिरा गांधी एयरपोर्ट को कोविड-19 एयरपोर्ट एक्सीलेंस अवॉर्ड से नवाजा गया था।

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट भी तैयार हो रहा
जेवर एयरपोर्ट के नाम से मशहूर नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट साल 2024 तक बनकर तैयार हो जाएगा। ये एयरपोर्ट दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से 72 किमी और दादरी से 40 किमी की दूरी पर स्थित है। आने वाले सालों में इस एयरपोर्ट के बनने के बाद उत्तर प्रदेश के लिए दस हजार करोड़ रुपए का निवेश आने की संभावना जताई जा रही है। ये एशिया का सबसे बड़ा और पहला नेट जीरो एमिशन एयरपोर्ट बनने वाला है। इस एयरपोर्ट को चार फेस में बनाया जाएगा। एक फेज की लागत लगभग 8916 करोड़ रुपए बताई जा रही है।