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एलन मस्क दे रहे जॉब:भारत में शुरू होने वाली सैटेलाइट इंटरनेट कंपनी स्टारलिंक में वैकेंसी, जानिए पोस्ट और अप्लाई करने का प्रोसेस

नई दिल्ली12 दिन पहले
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एलन मस्क (टेस्ला के CEO) की कंपनी स्पेसएक्स (SpaceX) भारत में जॉब ऑफर कर रही है। स्पेसएक्स के स्वामित्व वाली स्टारलिंक देश में जल्द ही सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस शुरू करने जा रही है। कंपनी के कंट्री हेड इंडिया संजय भारद्वाज ने लिखा कि मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि अब हम भारत के लिए दो रॉकस्टार की तलाश कर रहे हैं।

कंपनी ने लिंक्डइन पर इसकी जानकारी शेयर की है। भारद्वाज ने लिखा कि ग्रामीण भारत से शुरू होने वाले परिवर्तन को तेज करने की दिशा में सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस शुरू करने की पहल एक छोटा कदम है। हम जैसे-जैसे आगे बढ़ेंगे नौकरियों के मौके खुलते जाएंगे। कंपनी को लाइसेंस मिलते ही इसमें तेजी आएगी। योग्य उम्मीदवार अपना रेज्यूमे भेज सकते हैं।

स्टारलिंक में निकली वैकेंसी की पूरी डिटेल

  • पोस्ट का नाम: एग्जीक्यूटिव असिस्टेंट, इंडिया
  • रिस्पॉन्सिबिलिटी: एक या एक से अधिक सी-लेवल अधिकारियों के लिए जरूरत के हिसाब से मीटिंग कोऑर्डिनेशन, कैलेंडर मैनेजमेंट, अपॉइंटमेंट लेना, ट्रैवल शेड्यूल अरेंज करना, कार्यक्रम की व्यवस्था करना, एजेंडा तैयार करना और दूसरी सहायता। रिकॉर्ड और सभी कानूनी डॉक्युमेंट्स के साथ-साथ मेल और कस्टमर कॉरसपॉन्डेंस की समय पर डिलीवरी करना। मीटिंग्स और सोशल इवेंटस में स्पेसएक्स का प्रतिनिधित्व करना।
  • क्वालिफिकेशन: ग्रेजुएशन की डिग्री हो। एग्जीक्यूटिव लेवल पर 3 साल से ज्यादा का अनुभव होना चाहिए। माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस एप्लिकेशन और प्रोजेक्ट मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर टूल्स का एक्सपीरिएंस हो। भारतीय नागरिक होना अनिवार्य है और मौजूदा लोकेशन भी भारत की होनी चाहिए।
  • स्किल और एक्सपीरियंस: एक हाई स्पीड स्टार्ट-अप वाले एन्वायरमेंट में हाई-लेवल एग्जीक्यूटिव का अनुभव हो। कम्प्यूटर के बारे में पूरी जानकारी हो। प्रोजेक्ट स्कोप डेवलप करने का एक्सपीरिएंस होना चाहिए। प्रोजेक्ट शेड्यूल मैनेजमेंट का भी अनुभव हो। कम्युनिकेशन स्किल मजबूत होना चाहिए। समस्याओं को हल करने के बारे में पहल करना आना चाहिए।

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भारत में कब उपलब्ध होगा सैटेलाइट से इंटरनेट?
अगले साल भारत में एलन मस्क की कंपनी स्टारलिंक का सैटेलाइट इंटरनेट उपलब्ध हो जाएगा। भारत में अभी रेगुलेटर से अप्रूवल की प्रक्रिया चल रही है। स्टारलिंक की ऑफिशियल वेबसाइट के अनुसार 99 डॉलर, यानी करीब 7,200 रुपए में इसकी प्री-बुकिंग शुरू हो चुकी है। यह अमाउंट पूरी तरह से रिफंडेबल है।

कुछ दिन पहले मस्क से एक ट्विटर हैंडल OnsetDigital (@Tryonset) ने पूछा कि स्टारलिंक सर्विसेस भारत में कब लॉन्च होंगी? इस पर मस्क ने जवाब दिया कि ‘रेगुलेटर से अप्रूवल की प्रक्रिया पर काम चल रहा है।’ साफ है कि जल्द ही भारत में सैटेलाइट से हाई-स्पीड इंटरनेट मिलने लगेगा, जो इस समय ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, UK, कनाडा, चिली, पुर्तगाल, USA समेत 14 देशों में मिल रहा है। इस समय स्टारलिंक ब्रॉडबैंड ने दुनियाभर में 90 हजार सब्सक्राइबर्स हासिल कर लिए हैं।

स्टारलिंक से सैटेलाइट इंटरनेट की स्पीड क्या होगी?

  • स्टारलिंक से सैटेलाइट इंटरनेट इस समय बीटा (टेस्टिंग) वर्जन में है। जहां तक स्पीड की बात है, डाउनलोड 50 एमबीपीएस से 150 एमबीपीएस के बीच है। यह लो-लेटेंसी इंटरनेट सर्विसेस 20 मिली सेकेंड्स से 40 मिली सेकेंड्स का समय लेता है। लेटेंसी यानी वह समय है जो डेटा एक पॉइंट से दूसरे तक पहुंचाने में लगता है।
  • अमेरिका में स्पीडटेस्ट इंटेलिजेंस के नंबर बताते हैं कि स्टारलिंक सैटेलाइट ब्रॉडबैंड 97.23 एमबीपीएस डाउनलोड स्पीड दे रहा है, जबकि 13.89 एमबीपीएस अपलोड स्पीड। अमेरिका में वायर्ड ब्रॉडबैंड एवरेज डाउनलोड स्पीड 115.22 एमबीपीएस और अपलोड स्पीड 17.18 एमबीपीएस के आसपास है।
  • US एयरफोर्स ने स्टारलिंक का इस्तेमाल कर 600 एमबीपीएस की स्पीड भी हासिल की है। यह साफ नहीं है कि आम लोगों के लिए जो इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध होगा, क्या वह इतनी तेज स्पीड से इंटरनेट सर्विसेस दे सकेगा। स्टारलिंक के लिए सैटेलाइट स्थापित कर रही मस्क की स्पेस रिसर्च एजेंसी स्पेसएक्स ने भी कहा है कि ग्राहक 50 से 150 एमबीपीएस की स्पीड की उम्मीद कर सकते हैं।
  • अगस्त में स्पीडटेस्ट ऐप बनाने वाली ऊकला (Ookla) ने कहा था कि स्टारलिंक सैटेलाइट ब्रॉडबैंड की स्पीड कई देशों में वायर्ड ब्रॉडबैंड की स्पीड के बराबर पहुंच गई है। वहीं, कुछ देशों में तो इसने वायर्ड ब्रॉडबैंड को भी पीछे छोड़ दिया है।