भारत में बैन होंगे सस्ते चाइनीज फोन:12000 रुपए से कम के स्मार्टफोन को बेचने पर लग सकती है रोक; घरेलू कंपनियों को मिलेगा बढ़ावा

नई दिल्ली4 महीने पहले

भारत में चाइनीज ऐप्स के बैन के बाद अब चीनी स्मार्टफोन कंपनियों के कुछ मोबाइल फोन पर बैन लगाने की तैयारी हो चुकी है। ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत जल्द ही चीनी स्मार्टफोन कंपनियों के ऐसे स्मार्टफोन पर बैन लगा सकता है जिनकी कीमत 12,000 रुपए (150 डॉलर) से कम है। बता दें कि चीन की कंपनियां लो बजट फोन वाले सेगमेंट में दुनियाभर में सबसे आगे हैं। सोर्स का कहना है कि इस कदम से उन्हें यहां से बाहर कर लोकल मैन्युफैक्चरर्स को बढ़ावा देने की योजना बनाई जा रही है।

इस फैसले से सबसे बड़ा झटका शाओमी को लगेगा, क्योंकि बजट स्मार्टफोन बेचने में यह नंबर 1 कंपनी है। इसके बाद आईटेल, टेक्नो और इन्फिनिक्स जैसे सस्ते फोन बनाने वाली ट्रांससियन के मार्केट पर भी इस फैसले से असर पड़ सकता है। गौरतलब है कि चीनी कंपनियों के आने से लावा और माइक्रोमैक्स जैसी घरेलू कंपनियों के स्मार्टफोन की बिक्री पर बुरा असर पड़ा था।

यह जानकारी सेंसटिव होने की वजह से खबर देने वाले ने अपनी पहचान उजागर नहीं की है।

एपल और सैमसंग पर असर नहीं
रिपोर्ट में बताया गया है कि एपल और सैमसंग कंपनी के फोन की कीमतें ज्यादा होने से उन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। हालांकि इस रिपोर्ट पर शाओमी, रियलमी और ट्रांससियन से पूछा गया तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। वही भारत के IT मिनिस्ट्री के प्रवक्ताओं ने भी ब्लूमबर्ग न्यूज की पूछताछ का जवाब नहीं दिया।

चीन में लॉकडाउन के वक्त भारत में खूब बिके फोन
भारत में एंट्री लेवल मार्केट से बाहर किए जाने पर शाओमी और उसके साथ की दूसरी कंपनियों को बड़ा नुकसान होगा। इन कंपनियों ने चीन में लॉकडाउन के बाद भारत में काफी ग्रोथ किया है। चीन में कोरोना के चलते फोन्स की मांग लगभग खत्म हो गई थी।

मार्केट को ट्रैक करने वाले काउंटरपॉइंट के मुताबिक जून 2022 तक की तिमाही में 12000 रुपए (150 डॉलर) से कम के स्मार्टफोन्स की एक तिहाई हिस्सेदारी थी। इसमें चीनी स्मार्टफोन कंपनियों की हिस्सेदारी 80% थी।

चीनी मोबाइल कंपनियों पर ED का छापा
वीवो के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ED ने 5 जुलाई को वीवो और इससे जुड़ी फर्मों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग जांच को लेकर कई राज्यों में 44 जगहों पर छापेमारी की थी। छापेमारी के बाद ही कंपनी के डायरेक्टर झेंगशेन ओउ और झांग जी देश से भाग गए।

चीनी मोबाइल कंपनियों पर रॉयल्टी के नाम पर देश से बाहर पैसा भेजने और टैक्स चोरी का आरोप लगा था। अप्रैल में फेमा उल्लंघन के आरोप में चीनी मोबाइल कंपनी शाओमी की 5,551 करोड़ रुपए की संपत्ति अटैच की गई थी। कंपनी पर अपनी कमाई को गैरकानूनी तरीके से भारत से बाहर भेजने का आरोप था।

2020 में डोकलाम में हुई झड़प में 12 से ज्यादा भारतीय सैनिकों के शहीद होने के बाद से भारत ने चीनी कंपनियों पर दबाव बनाना शुरू कर दिया था। तब से सरकार टेनसेंट होल्डिंग्स लिमिटेड के वीचैट और बाइटडांस लिमिटेड के टिकटॉक सहित 300 से ज्यादा चीनी ऐप्स पर बैन लगा चुकी है। हाल ही में सरकार ने BGMI ऐप को भी बैन कर दिया है।