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आपको ठगी से बचाने वाली खबर:ऑनलाइन शॉपिंग से सस्ता खरीदने की जल्दबाजी पड़ सकती है भारी, प्रोडक्ट फेक निकल रहे; कस्टमर केयर और रिटर्न का ऑप्शन भी नहीं

नई दिल्ली13 दिन पहले

100 रुपए में ब्रांडेड जूते, 300 में 1 kg काजू-बादाम, 1200 रुपए में स्टाइलिश लहंगा। अगर आपको भी अपनी सोशल वॉल पर इस तरह के विज्ञापन दिख रहे हैं तो सतर्क हो जाएं। ये डील देश के बड़े ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म जैसे अमेजन, फ्लिपकार्ट, मिंत्रा जैसे प्लेटफॉर्म की तुलना में बेहद सस्ती हैं। बाजार में 1 kg काजू-बादाम की कीमत 1000-1200 रुपए के करीब है। ऐसे में ऑनलाइन मिलने वाली इस तरह की डील को फाइनल करने से बचें।

दरअसल, फेसबुक और इंस्टाग्राम की वॉल पर इस तरह के विज्ञापन सबसे ज्यादा नजर आते हैं। ललचाने वाले इन विज्ञापनों पर मिलने वाली डील सही हो, इस बात की गारंटी नहीं है। इंस्टाग्राम पर इन विज्ञापनों से होने वाले फ्रॉड के मामले सबसे ज्यादा सामने आ रहे हैं। हम आज आपको इन विज्ञापनों की सच्चाई और इन डील से बचने के तरीकों के बारे में बता रहे हैं। इसकी शुरुआत काजू-बादाम के ऐड से ही करते हैं...

आखिर इतनी कम कीमत में कैसे मिलेगा कोई प्रोडक्ट?
इस सवाल को ग्राहक अपने जेहन में रखे तब शायद वो इस तरह के प्रोडक्ट को खरीदने से बचना शुरू कर दे। कोई भी प्रोडक्ट अपनी असल कीमत से 80 से 90 फीसदी सस्ता नहीं मिल सकता। कुछ कंपनियां प्रोडक्ट को महंगा दिखाकर उस पर बड़ा डिस्काउंट देती हैं, लेकिन हर प्रोडक्ट में ऐसा नहीं किया जा सकता। खासकर फूड प्रोडक्ट में ऐसा करना मुमकिन नहीं है। जैसे- बाजार में एक किलो काजू और बादाम की कीमत करीब 1200 रुपए तक है। ऐसे में यदि कोई सेलर इन ड्राई फ्रूट्स को 300 या 400 रुपए किलो बेचता है, तब प्रोडक्ट की क्वालिटी पर सवाल उठता है।

इंस्टाग्राम पर अब ऐसे कई सेलर मौजूद हैं, जो लगातार बेहद कम कीमत के साथ अपने प्रोडक्ट को यहां शेयर करते हैं। ये फ्लिपकार्ट, अमेजन जैसे ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से भी सस्ते होते हैं। खास बात यह है कि इंस्टाग्राम पर ज्यादातर सेलर्स का ऐप या कोई ऑथेंटिक प्लेटफॉर्म नहीं होता है। इनमें से ज्यादातर फेक ऐड होते हैं। जिसकी वजह से कई बार कस्टमर को मुसीबत का सामना करना पड़ जाता है।

फेक ऐड आपको कैसे नुकसान पहुंचा सकते हैं, इसे एक उदाहरण से समझिए...

इंदौर निवासी के साथ हुई इंस्टाग्राम पर ठगी

  • सालभर पहले इंदौर में रहने वाले वंश सिंह फेक प्रोडक्ट के चलते 1299 रुपए की ठगी का शिकार हो गए। उन्हें इंस्टाग्राम पर सर्फिंग के दौरान wear_your_glamour के पेज पर एक लहंगा पसंद आ गया। ये सूरत (गुजरात) की वेबसाइट है, जो मैन और वुमन दोनों के कपड़े ऑनलाइन सेल करती है।
  • जब उन्होंने इस पेज पर क्लिक किया तो shulabh.com की वेबसाइट खुल गई। इस बात पर उन्होंने ध्यान नहीं दिया और लहंगे को कैश ऑन डिलीवरी के साथ खरीद लिया। इस लहंगे की कीमत 7,999 थी। जिस पर 6,700 रुपए का डिस्काउंट मिल रहा था। यानी ये सिर्फ 1,299 रुपए में मिल गया।
  • डिलीवरी के वक्त जब बॉक्स खोला, तो लहंगा देखकर उनके होश उड़ गए। ये वो लहंगा नहीं था जिसे इंस्टाग्राम पर पेज पर देखा था। बॉक्स में पुराने और फटे कपड़े निकले, जैसा आमतौर पर हम भिखारियों को पहने देखते हैं। यानी वंश को 1299 रुपए का चूना लग गया। अब उन्होंने इसे लौटाने की प्रोसेस शुरू की।
  • shulabh.com पर कस्टमर केयर का कॉन्टैक्ट नंबर और ईमेल ऐड्रेस दिया गया था, लेकिन ये काम नहीं कर रहा था। वेबसाइट पर प्रोडक्ट रिटर्न का भी कोई ऑप्शन नहीं था। इसकी शिकायत के लिए wear_your_glamour पर भी कई बार कॉन्टैक्ट किया, लेकिन वहां भी किसी ने कॉल पिक नहीं किया। यानी प्रोडक्ट आने के बाद रिटर्न जैसी कोई सुविधा नहीं थी।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शॉपिंग से जुड़ी जरूरी बातें

  • जब भी आप किसी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ऐसे प्रोडक्ट देखते हैं, जो आपको पहली नजर में पसंद आ जाए तब उसको खरीदने में जल्दबाजी न दिखाएं। सबसे पहले सेलर, उसकी पॉलिसी, कॉन्टैक्ट के बारे में जानकारी जुटा लें। हो सके तो उसके रिव्यू या दूसरी खबरें भी देख लें।
  • यदि सेलर नया है तब प्रोडक्ट पर कैश ऑन डिलीवरी का ऑप्शन चुनें। यदि सेलर पेमेंट पहले ले रहा है तब उस प्रोडक्ट को खरीदने से बचें। COD के दौरान भी पेमेंट के बाद उस प्रोडक्ट को डिलीवरी बॉय के सामने ही खोलकर चेक कर लें।
  • ऐसा प्रोडक्ट जो दूसरे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर महंगा है, लेकिन नया सेलर इसे बहुत सस्ता बेच रहा है, तब मान लीजिए कि आपके साथ धोखा हो सकता है। ऐसे में प्रोडक्ट की कीमत को लेकर जानकारी जरूर जुटाएं।
  • पता करें कि जो प्रोडक्ट आपको पसंद आया है वो किसी दूसरे सेलर जैसे अमेजन, फ्लिपकार्ट, मिंत्रा या दूसरे पॉपुलर और भरोसेमंद सेलर के पास मौजूद है या नहीं। यदि वहां ये प्रोडक्ट उपलब्ध है तब वहीं से खरीदें।

इंस्टाग्राम पर धोखाधड़ी का शिकार होने से कैसे बचें?
इंस्टाग्राम पर धोखाधड़ी तब होती है, जब लोग फेक अकाउंट बनाते हैं या आपके द्वारा फॉलो किए गए मौजूदा इंस्टाग्राम अकाउंट को हैक कर लेते हैं। धोखाधड़ी करने वाले लोग आपसे पैसे या निजी जानकारी लेने के लिए आपको फंसाने में इन फेक या छेड़छाड़ से प्रभावित अकाउंट का उपयोग करते हैं।

इंस्टाग्राम, इंस्टाग्राम ऐप में आपके अकाउंट के बारे में आपको कभी डायरेक्ट मैसेज नहीं भेजेगा। फिशिंग और स्पैम ईमेल को पहचानने के लिए आप अपनी सेटिंग से पिछले 14 दिनों में इंस्टाग्राम की ओर से आधिकारिक तौर पर भेजे गए ईमेल देख सकते हैं।

इन चीजों से सावधान रहें

  • आपसे पैसे मांगने वाले ऐसे लोग जिन्हें आप निजी तौर पर नहीं जानते
  • ऋण, इनाम या अन्य पुरस्कार पाने के बदले आपसे पैसे या उपहार कार्ड मांगने वाले लोग
  • जॉब का आवेदन करने के लिए शुल्क मांगने वाले लोग
  • ऐसे लोग या अकाउंट जो बड़े पैमाने पर आइटम्स पर छूट देते हैं
  • बड़ी कंपनियों, संगठनों या सार्वजनिक हस्तियों को दिखाने वाले अकाउंट जो सत्यापित नहीं हैं
  • इंस्टाग्राम सुरक्षा टीम से होने का दावा करने वाले लोग जो आपसे अकाउंट की जानकारी मांगते हैं या आपको अकाउंट को सत्यापित कराने जैसी सेवाएं ऑफर करते हैं
  • किसी मित्र या संबंधी के मुसीबत में फंसे होने का दावा करने वाले लोग
  • लोग जो अपनी जगह की गलत जानकारी देते हैं
  • आपसे इनाम का दावा करने के लिए कहने वाले लोग या अकाउंट

इंस्टाग्राम पर ठगी होने की शिकायत कहां करें?

  • मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (MEITY) ने 25 फरवरी, 2021 को नए IT नियम जारी थे। जिन्हें 25 मई से लागू कर दिया गया था। नए नियमों में IT कंपनियों जैसे ट्विटर, फेसबुक, वॉट्सऐप, गूगल, इंस्टाग्राम, यूट्यूब समेत अन्य सभी के लिए कई जरूरी बातें कही गई हैं। कंपनियां इन बातों को नहीं मानती हैं, तब सरकार की तरफ से इन्टर्मीडीएरीज खत्म हो जाएगी।
  • जिन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर 50 लाख से ज्यादा यूजर्स हैं, उन्हें मुख्य शिकायत अधिकारी, एक नोडल अधिकारी और एक मुख्य अनुपालन अधिकारी रखने होंगे। ये सभी भारत में रहने वाले होने चाहिए।
  • कंपनियों को ग्रीवांस ऑफिसर की पूरी डिटेल और उनसे कॉन्टैक्ट करने का तरीका स्पष्ट तौर पर बताना होगा। यानी ऑफिसर का कॉन्टैक्ट नंबर, शिकायत करने की प्रोसेस बतानी होगी।
  • ठगी का शिकार होने पर आप इन अधिकारियों के पास अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
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