देसी ट्विटर के बढ़ रहे यूजर्स:ट्विटर के ऑप्शन कू को तेजी से अपना रहे है लोग, ऐप ने 20 महीने में 1.5 करोड़ यूजर्स के आंकड़े को पार किया

नई दिल्लीएक वर्ष पहले
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स्वदेशी ऐप कू ने भारत में बीते साल लॉन्च हुआ और 20 महीने में ही इस ऐप ने 1.5 करोड़ (15 मिलियन) यूजर बेस तैयार कर लिए हैं। भारत के केंद्रीय मंत्रियों और विभिन्न सरकारी मंत्रालय और विभागों का सपोर्ट प्राप्त होने के बाद ऐप पर यूजर्स की संख्या में अच्छी खासी संख्या बढ़ रही है। बताते चलें कि यह एक भारतीय माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म है और ट्विटर का भारत में सबसे बड़ा कंपटीटर है।

कू सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के को-फाउंडर अप्रमेय राधाकृष्ण ने बताया है कि इस साल की तीसरी तिमाही में ऐप के 5 मिलियन ( 50 लाख) यूजर्स हो गए थे। साथ ही अब यह ऐप भारत के अलावा दूसरे देशों में भी अपने प्लान को बढ़ाएंगे और वहां इस ऐप को लॉन्च करेंगे। अब कू ऐप को बनाने वाली कंपनी की योजना भारत में ध्यान बनाए रखने के साथ-साथ जून, 2022 के बाद दक्षिण पूर्व एशियाई बाजार में कदम रखने की भी है।

राधाकृष्ण का कहना है कि वे दक्षिण एशिया में भी प्रयोग करेंगे। हालांकि सबसे पहले किस देश से शुरू किया जाएगा, उस बात की जानकारी नहीं दी गई है। लेकिन वे निश्चित रूप से अगले साल की दूसरी छमाही में एक नए बाजार में उतराने की योजना है।

नाइजीरिया में भी इस्तेमाल हो रहा कू ऐप
बताते चलें कि कू ऐप सिर्फ भारत में ही नहीं है बल्कि यह नाइजीरिया में भी उपलब्ध है। इस स्टार्टअप ने इस साल की शुरुआत में ही वहां कदम रखा है और वहां भी इस ऐप को अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। राधाकृष्ण का कहना है कि वह इस समय नाइजीरिया के सांस्कृतिक पहलुओं को समझने की कोशिश में लगे हुए हैं।

बीते साल शुरू हुआ था ऐप
इस ऐप को राधाकृष्ण और मयंक बिदावतका ने साल 2020 के मार्च महीने में शुरू किया था। लॉन्चिंग के सिर्फ 18 महीने में ऐप ने 1 करोड़ यूजर का आंकड़ा पार कर लिया था।

गुजराती और पंजाबी भाषा में मिलेगा
इसे 2020 के लिए गूगल प्लेस्टोर का डेली इस्तेमाल होने वाला पॉपुलर ऐप का नॉमिनेशन मिला था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मन की बात संबोधन में इसका विशेष उल्लेख किया था। फरवरी और अगस्त 2021 के बीच डाउनलोड काफी तेजी से बढ़े थे। कू ऐप में गुजराती और पंजाबी भाषा का भी सपोर्ट मिलता है। वर्तमान में कू ऐप 8 भाषाओं हिंदी, कन्नड़, मराठी, तमिल, तेलुगु, असमिया, बांग्ला और अंग्रेजी में उपलब्ध है।