साल में चौथी बार महंगी हुई मारुति कार:आज से कार खरीदने पर 25 हजार रुपए तक ज्यादा करने होंगे खर्च, सबसे सस्ती ऑल्टो भी 18 हजार रुपए तक महंगी हुई; देखें पूरी लिस्ट

नई दिल्ली2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक

देश की सबसे बड़ी कार मैन्युफैक्चर कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया ने आज से कारों की कीमत में इजाफा किया है। कंपनी ने बताया कि उसने सेलेरियो को छोड़कर सभी कारों की कीमत 1.9 फीसदी तक बढ़ाई है। नई कीमतें आज से लागू भी हो गई हैं। कारों की नई कीमत अलग-अलग मॉडल और वैरिएंट के हिसाब से बढ़ाया गया है।

कंपनी ने कहा कि कारों की कीमत बढ़ाने के पीछे रॉ मटेरियल के दामों में लगातार होने वाली बढ़ोतरी है। कंपनी इनपुट कॉस्ट का सारा भार खुद नहीं उठा सकती, इसलिए वो इसका कुछ हिस्सा ग्राहकों की जेब पर भी डाल रही है।

ऑल्टो की कीमत में 18 हजार का इजाफा
भोपाल के मारुति सुजुकी डीलशिप RMJ मोटर्स ने बताया कि सभी कारें आज से महंगी हो गई हैं। नई कीमतों की बाद मारुति की कारें 10 से 25 हजार रुपए तक महंगी हुई हैं। कंपनी की एंट्री लेवल ऑल्टो अब ऑनरोड 18 हजार रुपए तक महंगी हुई है। इसी तरह, स्विफ्ट, डिजायर, ईको, अर्टिगा, एस-प्रेसो जैसी गाड़ियां भी 25 हजार तक महंगी हुई हैं।

मारुति सुजुकी के सभी मॉडल की नई कीमतें

मारुति सुजुकी की नई कीमतें अलग-अलग स्टेट के हिसाब से भी हुई हैं। जैसे भोपाल में ऑल्टो का कीमत में 18 हजार रुपए तक की बढ़ोतरी हुई है, जबकि दिल्ली में इसकी कीमत में 16 हजार रुपए बढ़े है।

मॉडलकितनी महंगी हुई (नई दिल्ली)
ऑल्टो 80016,100 रुपए तक
एस-प्रेसो7,500 रुपए तक
वैगनआर12,500 रुपए तक
विटारा ब्रेजा10,000 रुपए तक
डिजायर10,000 रुपए तक
अर्टिगा20,000 रुपए तक
स्विफ्ट13,000 रुपए तक
बलेनो15,200 रुपए तक
इग्निस14,680 रुपए तक
सियाज20,000 रुपए तक
XL612,311 रुपए तक
एस-क्रॉस20,500 रुपए तक
टूर-एस20,300 रुपए तक
ईको22,500 रुपए तक

इस साल 4 बार बढ़ चुकी हैं कीमतें
ऐसा नहीं है कि मारुति ने इस साल पहली बार अपनी कारों की कीमतें बढ़ाई हैं। इससे पहले भी 3 बार उसने कारों के दाम बढ़ाए हैं। सबसे पहले जनवरी में कंपनी ने कारों की कीमत 34,000 रुपए तक बढ़ी थीं। अप्रैल में कुछ मॉडल्स पर 22,500 रुपए तक बढ़ाए गए थे। इसके बाद, जुलाई में कंपनी ने एक बार फिर कीमत बढ़ाईं। ऐसे में अब चौथी बार कारें महंगी हुई हैं।

कीमतें बढ़ने के 3 मुख्य कारण

  • 1. स्टील महंगी: गाड़ियों की कीमत बढ़ने को लेकर कंपनी का कहना है कि कच्चे माल की लागत बढ़ने से गाड़ी तैयार होने का खर्च भी बढ़ रहा है। खासकर स्टील की कीमत लगातार बढ़ रही हैं। पिछले एक साल में स्टील की कीमत 50 फीसदी तक बढ़ चुकी है।
  • 2. सेमीकंडक्टर की कमी: दुनियाभर में सेमीकंडक्टर की सप्लाई और डिमांड में बढ़ा अंतर आया है। कई कंपनियों को खराब मौसम और महामारी की मार के चलते अपने प्लांट बंद करने पड़े हैं। ऐसे में कार कंपनियों को ज्यादा रुपए देकर इन्हें खरीदना पड़ रहा है।
  • 3. ट्रांसपोर्टेशन महंगा: इन सभी के साथ बाहर से आने वाली गाड़ियों पर टैक्स ज्यादा लग रहा है। वहीं, पेट्रोल और डीजल की कीमत बढ़ने से ट्रांसपोर्टेशन भी महंगा हो गया है। इन सभी चीजों का असर गाड़ी की कीमत पर हो रहा है।
खबरें और भी हैं...