मारुति अस्पतालों को देगी ऑक्सीजन:कंपनी 1 से 9 जून तक अपने कई प्लांट बंद रखेगी, ऑक्सीजन बनाने के साथ मेंटेनेंस का काम भी होगा

नई दिल्ली6 महीने पहले
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देश की सबसे बड़ी कार बनाने वाली कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया कोविड-19 महामारी की मदद के लिए आगे आई है। कंपनी ने बताया कि वो अपने कई प्लांट को अस्थाई तौर पर बंद कर रही है। वहीं, हरियाणा प्लांट में वो कुछ दिन ऑक्सीजन बनाएगी। कंपनी से मिली जानकारी के मुताबिक, इन प्लांट को 1 से 9 मई तक बंद रखा जाएगा।

मारुति ने बताया कि वह हरियाणा में चिकित्सा जरूरतों के लिए ऑक्सीजन उपलब्ध कराने के लिए अपने प्लांट को बंद कर रही है। कार मैन्युफैक्चरिंग प्रोसेस के तहत मारुति सुजुकी अपने प्लांट में ऑक्सीजन की एक छोटी यूनिट चलाती है। सुजुकी मोटर के गुजरात प्लांट में भी ऑक्सीजन बनाई जाएगी।

प्लांट में पहले से बन रही है ऑक्सीजन

कंपनी ने बताया कि उसके प्लांट में ऑक्सीजन को पहले से बनाया जा रहा है। इस ऑक्सीजन का इस्तेमाल कटिंग, बेल्डिंग, पेंट जैसे कई काम में किया जाता है। कंपनी अभी ऑक्सीजन का जितना प्रोडक्शन कर रही है, उतना ही प्लांट बंद करने के दौरान भी करेगी। बस इस ऑक्सीजन की सप्लाई अस्पतालों में की जाएगी।

अभी लोगों के लिए ऑक्सीजन जरूरी
मारुति की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि मौजूदा स्थिति को देखते हुए हम मानते हैं कि सभी उपलब्ध ऑक्सीजन का उपयोग जीवन बचाने के लिए किया जाना चाहिए। देश में इन दिनों ऑक्सीजन की कमी से कई कोविड संक्रमित मरीजों की जान जा रही है।

हर साल मेंटेनेंस के लिए दो बार बंद होता है प्लांट
कंपनी ने बताया कि हर साल समर और विंटर सीजन में प्लांट को सप्ताह भर के लिए बंद रखती है। इस दौरान प्लांट में मेंटेनेंस से जुड़ा काम किया जाता है। हालांकि, समर सीजन में मेंटेनेंस जून महीने में होता है, लेकिन इस साल उसने मेंटेनेंट का काम मई में करने का फैसला किया है।

पेटीएम 21,000 ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर्स की मदद करेगा
डिजिटल पेमेंट और फाइनेंशियल सर्विस देने वाली कंपनी पेटीएम ने 21,000 ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर्स के लिए ऑर्डर दिया है। ये देश में मई के पहले हफ्ते से उपलब्ध हो जाएंगे। कंपनी ने जनता से 5 करोड़ रुपए का योगदान जुटाया है और उतनी ही राशि स्वयं से मिलाई है। इस 10 करोड़ रुपए की राशि से ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर्स की खरीद की जाएगी। ये ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर्स हवा से ऑक्सीजन लेते हैं और जिन मरीजों को सांस लेने में दिक्कत आती है, उनके काम आते हैं।