पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

ऑनलाइन पढ़ाई में अब होगी आसानी:माइक्रोसॉफ्ट के नए फीचर से लॉकडाउन से बच्चों की पढ़ाई का नहीं होगा नुकसान

नई दिल्ली3 महीने पहले
  • कॉपी लिंक

आपको याद ही होगा बचपन में जब पहली क्लास में पढ़ा करते थे तो टीचर सभी विषय के चैप्टर के एक-एक पैराग्राफ सभी बच्चों को पढ़ाया करते थे। जिसमें वे पढ़ने में होने वाली गलतियों के बारे में बताते थे। क्योंकि स्कूल बंद हैं फिर भी चिंता करने की जरूरत नहीं है। टेक फील्ड की माइक्रोसॉफ्ट कंपनी ने रीडिंग प्रोग्रेस फीचर लॉन्च किया है।जिसमें कुछ ऐसा ही अनुभव छात्रों को मिलेगा। दरअसल छात्र इसमें बुक्स के चैप्टर को पढ़ते हुए रिकॉर्ड करके शिक्षकों को भेज सकते हैं। उसी के अनुसार बताया जाएगा की छात्रों ने पढ़ते समय कितनी गलती की, सही बोल रहे हैं कि नहीं। लॉकडाउन के दौरान टीचरों को हो रही समस्या को देखते हुए माइक्रोसॉफ्ट ने इस पर काम करना शुरू किया था।जो कि अब तैयार है।

रीडिंग प्रोग्रेस फीचर कैसे काम करेगा

इसमें शिक्षकों के लिए डैशबोर्ड होगा जिसमें वे ऑटो करेक्शन से जान सकते हैं कि वह किसी शब्द को सही बोलता है कि नहीं,पढ़ने में प्रति मिनट कितना समय लेता है यदि वह ऑटो करेक्शन नहीं चाहते हैं तो इसे मैन्युअल मोड में कर सकते हैं। शुरुआत में इसको इंग्लिश भाषा में ही लाया गया है लेकिन जल्द ही इसमें और भी भाषाओं को जोड़ा जाएगा।

डायलेक्सिया को समझने में करेगा मदद

माइक्रोसॉफ्ट 350 शिक्षकों पर रीडिंग प्रोसेस के अल्फा वर्जन की टेस्टिंग शुरू की है। इसे अब अगले सेशन में लाने की तैयारी में है। यह एज्यूर (Azure) टेक्नोलॉजी पर आधारित है। यह छात्रों में होने वाली डायलेक्सिया की समस्या के बारे में भी शिक्षको पहचानने में मदद करता है। डायलेक्सिया छात्रों को बोलने में होने वाली समस्या को कहते हैं।

मिसप्रोनउंस टेक्नोलॉजी पर काम करता है

थोल्सेन का कहना है कि हम एज्यूर टीम के साथ पार्टनरशिप में काम करते थे। पॉवरपॉइंट प्रजेंटर कोच में सिर्फ एक ही प्रकार की बोलने वाली टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाता है, जबकि माइक्रोसॉफ्ट की टेक्नोलॉजी में मिसप्रोनाउंस टेक्नोलॉजी API पर आधारित है। इसमें पढ़ते समय बच्चे के आत्मविश्वास में आई कमी के अंतराल को मापा जाता है और शब्दों को किस तरह पढ़ता है इस पर फोकस करता है।

वयस्क साक्षरता के लिए भी उपयोगी

माइक्रोसॉफ्ट टीम ने जब देखा कि एक शिक्षक दूसरे शिक्षक के लिए 150 स्प्रेडशीट कॉपियां बना रहा है ताकि पढ़ने की स्पीड वाले डेटा को तैयार किया जा सके और उसे मैनुअल रूप में मर्ज किया जा सके तो माइक्रोसॉफ्ट ने इसमें काम करना शुरू किया। माइक्रोसॉफ्ट का मानना है कि अब इस तकनीक का उपयोग प्राथमिक स्कूलों में छात्रों के आलावा वयस्क साक्षरता और अन्य जगहों किया जा सकता है।

खबरें और भी हैं...