फ्यूल के सस्ते विकल्प पर कंपनियों का फोकस:डीजल-पेट्रोल की जगह फ्यूल-एग्नॉस्टिक सिस्टम से सीएनजी और हाइड्रोजन से भी चलेंगी गाड़ियां

23 दिन पहले
  • कॉपी लिंक

घरेलू ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री तेज बदलाव के दौर से गुजर रही है। नई दिल्ली में चल रहे ऑटो एक्सपो में कंपनियों का फोकस जहां ग्राहकों को इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) के अलावा ईंधन के अन्य सस्ते और उन्नत विकल्प देने पर रहा। वहीं ग्राहक भी ज्यादा खर्च करने के लिए तैयार नजर आए।

कुछ कंपनियों ने ऐसे इंजन सिस्टम भी दिखाए, जिसे पेट्रोल-डीजल गाड़ी में फिट करके उसे चलाने के लिए हाइड्रोजन, बायो-डीजल, एथेनॉल, सीएनजी और एलएनजी में से कोई भी विकल्प अपनाया जा सकता है।

इलेक्ट्रिक और एडवांस हाइब्रिड टेक्नोलॉजी वाली गाड़ियां दिखीं
एक्सपो में इंजन से जुड़ी ढेर सारी वैकल्पिक टेक्नोलॉजी प्रदर्शित की गईं। ऐसे दर्जनों बैटरी इलेक्ट्रिक व्हीकल दिखाए गए, जो कांसेप्ट या प्रोटोटाइप नहीं बल्कि प्रोडक्शन मॉडल हैं। यानी इन्हें इस साल या आगामी वर्षों में सड़क पर उतारा जा सकता है। फुल इलेक्ट्रिक वाहनों के अलावा एडवांस हाइब्रिड टेक्नोलॉजी वाली कुछ गाड़ियां भी दिखाई गईं। सेल्फ-चार्जिंग टेक्नोलॉजी और प्लग-इन हाइब्रिड्स इनमें शामिल हैं।

पेट्रोल-डीजल वाहनों की लॉन्चिंग सीमित रही
इसके अलावा कुछ कंपनियों ने हाइड्रोजन कंबशन इंजन मॉडल, हाइड्रोजन फ्यूल सेल व्हीकल और फ्लेक्स-फ्यूल मॉडल्स भी दिखाए। हालांकि सिर्फ पेट्रोल और डीजल से चलने वाले वाहनों की लॉन्चिंग सीमित रही। 114 व्हीकल मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों से कई गुना ज्यादा पुर्जे बनाने वाली करीब 800 कंपनियों ने इस शो में हिस्सा लिया।

एक ही गाड़ी में होंगे डीजल, हाइड्रोजन, एथेनॉल, सीएनजी
डीजल इंजन कंपनी कोलंबस ने ‘फ्यूल एग्नॉस्टिक इंजन सिस्टम’ का प्रोडक्शन की अनूठी टेक्नोलॉजी शुरू करने की घोषणा की है। ये मल्टिपल फ्यूल इंजन हाइड्रोजन, बायो-डीजल, एथेनॉल, सीएनजी, एलएनजी और अन्य ईंधन पर भी चल सकते हैं।