पेटीएम का टैप टू पे फीचर लॉन्च:इससे बिना इंटरनेट पेमेंट होगा, फोन बंद होने पर भी हो जाएगा भुगतान

नई दिल्ली4 महीने पहले
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पेटीएम ने ‘टैप टू पे’ सर्विस शुरू की है, जिससे यूजर्स रिटेल दुकानों पर मोबाइल इंटरनेट के बिना भी अपने वर्चुअल कार्ड्स से पेमेंट कर सकते हैं। इससे यूजर्स POS मशीन पर अपने फोन को टैप करके अपने पेटीएम रजिस्टर्ड कार्ड से तुरंत पेमेंट कर पाएंगे। यहां तक की फोन लॉक हो तब भी पेमेंट हो जाएगा। पेटीएम की ‘टैप टू पे’ सर्विस एंड्रॉइड और iOS दोनों यूजर्स के लिए है, जो पेटीएम ऑल-इन-वन POS डिवाइसेस और अन्‍य बैंकों की POS मशीनों से भुगतान करते हैं।

रिटेल स्‍टोर्स पर फास्ट पेमेंट ट्रांजेक्‍शंस मिलेगा
यूजर्स अपने पेटीएम ऐप पर सेव किए गए अपने डेबिट या क्रेडिट कार्ड को आसानी से ‘टैप टू पे’ सर्विस को एक्टिवेट कर सकते हैं। यह सर्विस आपके 16 डिजिट के कार्ड नंबर को एक डिजिटल पहचान बदल देती है, जिससे कार्ड पेमेंट्स ज्‍यादा सेफ हो जाते हैं और कुल मिलाकर ट्रांजेक्‍शन का अनुभव बेहतर होता है। साथ ही इससे रिटेल स्‍टोर्स पर फास्ट पेमेंट ट्रांजेक्‍शंस की सुविधा मिलेगी।

यूजर्स अपने कार्ड्स को पेटीएम ऐप पर एक सपोर्टेड डैशबोर्ड से मैनेज कर सकते हैं, जो कार्ड की ट्रांजेक्‍शन हिस्‍ट्री पर एक सेक्‍शन की पेशकश करता है और कभी भी कुछ आसान स्‍टेप्‍स से प्राइमरी टोकनाइज्‍ड कार्ड को बदल सकता है। इस डैशबोर्ड से यूजर्स जरूरी होने पर कार्ड को बदल सकते हैं या डी-टोकनाइज भी कर सकते हैं।

‘टैप टू पे’ सर्विस के लिए कार्ड्स को एक्टिवेट करने की प्रोसेस

  • ‘टैप टू पे’ होम स्‍क्रीन पर “Add New Card” को क्लिक करें या कार्ड लिस्‍ट से सेव्‍ड कार्ड को चुनें।
  • अगली स्‍क्रीन पर जरूरी कार्ड डिटेल्‍स डालें।
  • टैप टू पे के लिये कार्ड के जारीकर्ता की सेवा शर्तों को स्‍वीकार करें।
  • कार्ड के साथ रजिस्‍टर्ड अपने मोबाइल नंबर (या ईमेल आईडी) पर प्राप्‍त ओटीपी भरें।
  • अब आप टैप टू पे होम स्‍क्रीन के ऊपर की ओर एक्टिवेटेड कार्ड को देख सकते हैं।

पेटीएम के प्रवक्‍ता ने कहा, “वित्‍तीय सेवाओं का असल डिजिटाइजेशन तभी हो सकता है, जब उसमें डेटा की सीमाओं की बाधा न हो। ‘टैप टू पे’ की पेशकश के साथ हम अपने यूजर्स को मोबाइल डाटा के साथ या बिना भी सारे डिजिटल ट्रांजेक्‍शंस करने में समर्थ बना रहे हैं। इस सर्विस को पेटीएम ‘ऑल-इन-वन’ पीओएस और ज्‍यादातर प्रमुख बैंकों और कार्ड नेटवर्कों का भी सपोर्ट मिलता है, ताकि यूजर्स को विकल्‍पों की सबसे व्‍यापक रेंज मिल सके।”

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