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क्वालकॉम का नया 5G मॉडेम:इससे 5G नेटवर्क पर 10Gbps की स्पीड मिलेगी, हर सेकंड 1.25GB डेटा कर पाएंगे डाउनलोड

नई दिल्ली3 महीने पहले
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  • स्नैपड्रैगन X62 5G मॉडेम-RF सिस्टम भी पेश किया

अमेरिकन चिपमेकर कंपनी क्वालकॉम ने स्नैपड्रैगन X65 5G मॉडेम पेश किया है। ये 4th जनरेशन 5G मॉडेम है। कंपनी का दावा है कि 5G नेटवर्क पर ये 10Gbps की स्पीड देगा। कंपनी ने इसे इस तरह डिजाइन किया है कि वायरलेस 5G नेटवर्क पर सबसे तेज स्पीड मिलेगी। इसका कवरेज एरिया भी ज्यादा होगा।

कंपनी ने स्नैपड्रैगन X65 5G मॉडेम के साथ स्नैपड्रैगन X62 5G मॉडेम-RF (रेडियो-फ्रीक्वेंसी) सिस्टम की भी घोषणा की है। ये मोबाइल ब्रॉडबैंड एप्लिकेशन पर काम करने के लिए मॉडेम-टू-एंटीना के लिए सॉल्यूशन का काम करेगा।

5G स्पीड का नया माइलस्टोन
क्वालकॉम के प्रेसिडेंट और सीईओ-इलेक्ट, क्रिस्टियानो अमोन ने कहा कि मौजूदा समय में 5G सबसे बड़ा अवसर है। इस टेक्नोलॉजी से सभी तरह की इंडस्ट्री को फायदा हो रहा है। हम स्नैपड्रैगन X65 5G मॉडेम-आरएफ सिस्टम के एक माइलस्टोन तैयार कर रहे हैं। इसकी मदद से प्रति सेकंड 10 गीगाबिट्स की स्पीड मिलेगी।

अमोन ने बताया कि नया सिस्टम प्रीमियम स्मार्टफोन में 5G के एक्सपीरियंस को बेहतर बनाएगा। साथ ही मोबाइल ब्रॉडबैंड, कम्प्यूटर, XR, इंडस्ट्रियल IoT (इंटरनेट ऑफ थिंग्स), 5G प्राइवेट जैसी फील्ड में भी नई संभावनाएं खोल सकती है।

10Gbps स्पीड के फायदे
क्वालकॉम स्नैपड्रैगन X65 5G मॉडेम पर 10Gbps तक स्पीड मिलेगी। ऐसे में जब इस मॉडेम से कई सारे डिवाइस कनेक्ट होंगे तब भी इंटरनेट की स्पीड पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। यानी एक समय पर कई यूजर्स हैवी फाइल्स को डाउनलोड कर पाएंगे। 10Gbps गीगाबिट नेटवर्क पर 1,250 मेगाबिट्स प्रति सेकंड या 1.25 गीगाबिट्स प्रति सेकंड ट्रांसफर कर सकते हैं।

सऊदी अरब में सबसे तेज 5G स्पीड
दुनिया में सबसे तेज 5G डाउनलोड स्पीड सऊदी अरब में है। जबकि दूसरे नंबर पर दक्षिण कोरिया है। भारत में अभी 5G की शुरुआती नहीं हुई है। हालांकि, इस साल इसके शुरू होने की पूरी उम्मीद है। हम मोबाइल की अलग-अलग नेटवर्क टेक्नोलॉजी के बारे में बता रहे हैं।

1G: वायरलेस टेलीफोन की यह पहली टेक्नोलॉजी थी। यह पहली बार 1980 में सामने आई। 1992-93 तक इसका इस्तेमाल हुआ। इसमें डेटा की रफ्तार 2.4 Kbps थी। इसमें रोमिंग की सुविधा नहीं थी।

2G: इसकी शुरुआत 1991 में फिनलैंड में हुई। यह ग्लोबल सिस्टम फॉर मोबाइल (GSM) कम्युनिकेशन पर आधारित है। इसमें पहली बार डिजिटल सिग्नल का इस्तेमाल किया गया। इससे फोन कॉल के अलावा पिक्चर मैसेज, टेक्सट मैसेज और मल्टीमीडिया मैसेज भेजे जाने लगे। इससे डाउनलोड और अपलोड की अधिकतम स्पीड 236 Kbps होती है।

3G: इसकी शुरुआत 2001 में जापान में हुई। इससे मोबाइल टीवी, वीडियो कांफ्रेसिंग और वीडियो कॉल भी किया जा सकता है। इसकी अधिकतम डाउनलोड स्पीड 21 Kbps और अपलोड स्पीड 5.7 Mbps होती है। इसके आने से ही स्मार्टफोन और ऐप को बढ़ावा मिला।

4G: इसकी शुरुआत 2000 के आखिरी में हुई। इससे 100 Mbps से लेकर 1 Gbps तक की स्पीड से डेटा का डाउनलोड-अपलोड किया जा सकता है। यह ग्लोबल रोमिंग को सपोर्ट करता है। यह तकनीक 3G के मुकाबले सस्ती है, लेकिन इसमें बैटरी की खपत ज्यादा होती है।

5G: इसकी शुरुआत 2010 में हुई। इसमें बड़े पैमाने पर डेटा ट्रांसफर होता है। इसमें एचडी क्वालिटी के वीडियो और वीडियो कॉलिंग में कोई रुकावट नहीं आती। इसमें 1 Gbps से अधिक स्पीड से डेटा की आवाजाही हो सकती है, हालांकि अभी तक इसकी अधिकतम स्पीड डिफाइन नहीं की गई है।

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