कोविड की दूसरी लहर के साइड इफेक्ट:अप्रैल से जून के दौरान 15% तक गिर सकता है स्मार्टफोन का शिपमेंट, बढ़ती कीमतों के भी इस पर होगा असर

नई दिल्ली6 महीने पहले
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कोरोनावायरस का असर बीते साल की तरह एक बार फिर स्मार्टफोन इंडस्ट्री पर दिखने लगा है। काउंटरपॉइंट रिसर्च मार्केट ट्रैकर के अनुसार,कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर की वजह से अप्रैल से जून की तिमाही के दौरान स्मार्टफोन शिपमेंट में 10 से 15% की गिरावट की संभावना है। दिल्ली, मुंबई के साथ दूसरे बड़े शहरों के शिपमेंट में गिरावट आई है। इन शहरों में कुल शिपमेंट का एक चौथाई हिस्सा शामिल है। इस दौरान 5 मिलियन (करीब 50 लाख) स्मार्टफोन का शिपमेंट कम होगा।

काउंटरपॉइंट रिसर्च के डायरेक्टर, तरुण पाठक ने कहा कि ज्यादातर राज्यों में आंशिक लॉकडाउन की संभावना चलते स्मार्टफोन की मांग में कमी आई है। हालांकि, स्मार्टफोन की मांग को ई-लर्निंग जैसे खेल बढ़ा सकते हैं।

स्मार्टफोन शिपमेंट में साल-दर-साल 51% की गिरावट आई
काउंटरपॉइंट के आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल से जून 2020 में भारत के स्मार्टफोन शिपमेंट में साल-दर-साल 51% की गिरावट आई है। जहां अप्रैल के दौरान देशभर में लॉकडाउन ने शिपमेंट को खत्म किया। वहीं, मई और जून में मांग में बढ़ोतरी से तेजी आई। इंडस्ट्री इंटेलिजेंस, सीएमआर के हेड, प्रभु राम ने कहा कि स्मार्टफोन मैन्युफैक्चर्स के लिए स्थानीय कोविड कर्फ्यू के साथ-साथ ग्लोबल सप्लाई चेन में आने वाली बाधाओं की दो-तरफा चुनौती की संभावना है।

2021 के दूसरे क्वार्टर में 50 लाख फोन शिपमेंट कम होने का अनुमान
तरुण पाठक ने कहा कि हम वर्तमान में 2021 के दूसरे क्वार्टर में स्मार्टफोन शिपमेंट 3 से 5 मिलियन (करीब 50 लाख) तक कम होने का अनुमान लगा रहे हैं। इसमें करीब 8 से 10% प्रमुख शहरों में लॉकडाउन के कारण है। अगर नोएडा में स्मार्टफोन का प्रोडक्शन रुक जाता है, तो इससे इंडस्ट्री को मिलने वाले शानदार रिबाउंड पर लगाम लग जाती। नोएडा में सैमसंग, शाओमी, वीवो, ओप्पो जैसी कंपनियों के प्रोडक्शन प्लांट हैं।

बढ़ती कीमतों के चलते भी फोन की डिमांड पर असर
रिटेल साइट में इंडस्ट्री की सबसे बड़ी मंदी इस फैक्ट से आने की संभावना है कि ई-कॉमर्स फर्मों को केवल प्रमुख बाजारों दिल्ली और मुंबई में आवश्यक डिलीवरी करने की अनुमति है, और वर्तमान में ई-रिटेल कुल स्मार्टफोन बिक्री में लगभग 45% योगदान देता है। चेन्नई में एक मोबाइल रिटेलर ने कहा कि बढ़ती कीमतों के चलते भी फोन की डिमांड पर असर हो सकता है। कम्पोनेंट की कमी के चलते कंपनियों को स्मार्टफोन की कीमतें बढ़ाने के लिए मजबूत होना पड़ सकता है।

स्मार्टफोन ऑफलाइन मार्केट में 60% तक गिरावट आई
स्मार्टफोन का ऑफलाइन मार्केट बीते एक साल से संघर्ष कर रहा है। ऑल इंडिया मोबाइल रिटेलर्स एसोसिएशन के नेशनल प्रेसिडेंट, अरविंदर खुराना ने कहा कि कंज्यूमर का व्यवहार ऑनलाइन गैजेट खरीदने के पक्ष में काफी बदल गया है। ब्रांड्स ने भी ई-कॉमर्स साइटों के साथ विशेष टाई-अप किया है। इस वजह से स्मार्टफोन रिटेलर्स के लिए मुश्किल वक्त चल रहा है। हमारे व्यापार में पहले ही लगभग 60% की गिरावट आई है। ई-कॉमर्स को मौजूदा प्रतिबंधों के दौरान मोबाइल जैसी गैर-जरूरी चीजों को बेचने की अनुमति है।

ग्लोबल स्मार्टफोन मार्केट में सैमसंग फिर रही अव्वल
सैमसंग मार्च को खत्म तिमाही में भी ग्लोबल स्मार्टफोन मार्केट शेयर और होलसेल बिक्री के मोर्चे पर सबसे आगे रही है। इस मामले में दूसरे नंबर पर दिग्गज अमेरिकी स्मार्टफोन कंपनी एपल जबकि तीसरे पायदान पर चीनी फर्म शाओमी रही। मार्च तिमाही में शाओमी की बिक्री भारत और चीन में मजबूत बनी रही। ये बातें स्ट्रैटेजी एनालिटिक्स ने अपनी हालिया रिसर्च रिपोर्ट में कही है।

सैमसंग ने मार्च तिमाही में 7.7 करोड़ स्मार्टफोन होलसेल किए
स्ट्रैटेजी एनालिटिक्स की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक दक्षिण कोरिया की दिग्गज इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी ने मार्च तिमाही में 7.7 करोड़ स्मार्टफोन होलसेल किए। इससे ग्लोबल स्मार्टफोन मार्केट में सैमसंग की हिस्सेदारी 23% तक कर पहुंच गई। कंपनी का मार्केट शेयर सालाना आधार पर 32% बढ़ा है।

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