• Hindi News
  • Tech auto
  • So Know In Which Company How Much Is The Waiting, It Will Be Easy To Buy A Car

फेस्टिवल सीजन में कार की डिलीवरी कब:सबसे ज्यादा बिकने वाली मारुति की कारें बुकिंग के 140 दिन बाद मिलेंगी; जानिए हुंडई, टाटा, किआ और दूसरी कारों का वेटिंग टाइम

नई दिल्ली2 महीने पहले

व्हीकल बनाने में इस्तेमाल होने वाले रॉ मटेरियल के महंगे होने से देश में कारों की कीमत में उछाल आया है। इतना ही नहीं, दुनियाभर में सेमीकंडक्टर की कमी की वजह से लोगों को कार की डिलीवरी भी समय पर नहीं मिल पा रही है।

देश में फेस्टिवल सीजन की शुरुआत हो चुकी है, ऐसे में यदि आप नई कार लेने का मन बना रहे हैं तो इससे पहले जान लीजिए कि किन कंपनियों की कार खरीदने पर आपको कितने दिनों तक की वेटिंग मिल सकती है। तो चलिए शुरू करते हैं…..

आखिर कारों की वेटिंग लिस्ट बढ़ क्यों रही है? यहां हम दो पॉइंट्स में बता रहे हैं कि ऐसा क्यों हो रहा है…

सेमीकंडक्टर की कमी से प्रोडक्शन और डिलीवरी दोनों प्रभावित
यह कमी कोविड-19 महामारी की वजह से लगे लॉकडाउन का एक साइड इफेक्ट है। इसकी शुरुआत 2020 में ही हो गई थी। शुरू में प्रोडक्ट्स की डिमांड कम थी, इस वजह से चिप्स की कमी महसूस नहीं हुई। जैसे-जैसे दुनियाभर में गैजेट्स की डिमांड बढ़ी, कंपनियों के सामने चिप्स अरेंज करना मुश्किल होता गया। महामारी की वजह से सप्लाई चेन ही गड़बड़ा गई, और इस तरह एकाएक इलेक्ट्रॉनिक सामान की डिमांड बढ़ गई।

कई कार कॉम्पोनेंट्स, जैसे- डिजिटल स्पीडोमीटर, इंफोटेनमेंट सिस्टम्स, इंजनों का कंप्यूटराइज्ड मैनेजमेंट और ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम में चिप्स का इस्तेमाल होता है और यह प्रभावित हो रहा है।

सितंबर में कार प्रोडक्शन धीमा हुआ

मारुति, महिंद्रा और टोयोटा जैसी कंपनियां अपने प्रोडक्शन को लगातार कम कर रही हैं। बात महिंद्रा की करें तो कंपनी ने चिप की कमी के चलते हाल ही में 7 दिन का प्रोडक्शन बंद कर दिया था। जिससे सितंबर में कार में 20-25% की कमी का अनुमान है। वहीं, मारुति ने हरियाणा और गुजरात में कुल प्रोडक्शन का 40% आउटपुट कम किया है। टोयोटा सालाना 3 लाख व्हीकल मैन्युफैक्चरिंग में कटौती का ऐलान कर चुकी है।

खबरें और भी हैं...