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भास्कर इंटरव्यू:अगले 5 साल में हर साल 1 से 2 इलेक्ट्रिक कारें उतारेगी टाटा मोटर्स, कंपनी अगले 5 वर्षों में 10 ईवी लाएगी

3 महीने पहले
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शैलेष चंद्रा प्रेसिडेंट, टाटा - Dainik Bhaskar
शैलेष चंद्रा प्रेसिडेंट, टाटा

इलेक्ट्रिक कारों के मामले में देश में लीडर बन चुकी टाटा मोटर्स अपनी बढ़त बनाए रखने के लिए अगले 5 साल तक हर साल एक-दो ईवी लॉन्च करेगी। टाटा मोटर्स के पैसेंजर व्हीकल बिजनेस के प्रेसिडेंट शैलेष चंद्रा ने दैनिक भास्कर के अजय तिवारी से बातचीत में यह जानकारी दी। पेश है बातचीत के मुख्य अंश...

सवाल: सेमीकंडक्टर की किल्लत से पूरी दुनिया की ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री जूझ रही है, आप पर क्या असर है?
जवाब: सेमीकंडक्टर और कम्पोनेंट की किल्लत से सभी ऑटो कंपनियां प्रभावित हैं। जरूरत से कम सप्लाई हो रही है। आने वाले महीनों में परिस्थिति में सुधार होगा।

सवाल: देश के कई बड़े कार निर्माताओं का उत्पादन घटा है। क्या आपकी कंपनी का प्रोडक्शन भी कम हुआ है?
जवाब: हमारे उत्पादन और बिक्री में गिरावट नहीं, बल्कि 21 फीसदी का इजाफा हुआ है। हालांकि हमारे वाहनों की डिमांड काफी बढ़ गई है और सेमीकंडक्टर की किल्लत से हमें भी समय पर डिलीवरी में काफी दिक्कत हो रही है। इससे गाड़ियों का वेटिंग पीरियड बढ़ रहा है।

सवाल: आप पर सेमीकंडक्टर की किल्लत का असर कम पड़ा, ऐसा क्यों?
जवाब: हमारी पूर्व तैयारी थी, जो काम आई। सेमीकंडक्टर की किल्लत को हम लोगों ने प्रतिस्पर्धियों से थोड़ा बेहतर तरीके से हैंडल किया। हमने तीन चार उपाय किए जो मैं समझता हूं कि दूसरे मैन्युफैक्चरर्स ने भी किए होंगे, लेकिन हम बेहतर कर पाए। हमने सेमीकंडक्टर सप्लायर्स के साथ सीधे बातचीत, सीधी खरीद की कोशिश की। इसके अलावा जहां पर स्पेशल चिप्स का उपयोग होता है वहां स्टैंडर्ड चिप्स लगाने पर भी विचार किया। इसके अलावा हम ज्यादा डिमांड वाले मॉडलों को प्रोडक्शन में प्राथमिकता दे रहे हैं।

सवाल: प्रतिस्पर्धी कंपनियों की सप्लाई घटने से आपको फायदा मिल सकता है?
जवाब: हम लोग सप्लाई मैनेज कर पाए तो ऐसा हो सकता है। लेकिन हमारी खुद की डिमांड इतनी ज्यादा है कि हमें उसे ही मैनेज करने में दिक्कत आ रही है। पहले हम अपनी डिमांड को तो पूरा करें उसके बाद दूसरे का मार्केट शेयर लेने की कोशिश करेंगे। हमारा पूरा फोकस पहले अपनी डिमांड पूरी करने पर है।

सवाल: भारत में आप इलेक्ट्रिक व्हीकल के लीडर हैं, लेकिन आपके पास महज 2 ईवी हैं। क्या इसको बढ़ाने जा रहे हैं?
जवाब: हमारे पास तीन मॉडल हैं, लेकिन ये पर्याप्त नहीं है। मार्केट में जितने अधिक मॉडल होंगे, उतनी ही डिमांड बढ़ेगी। हम अगले 5 वर्षों में 10 ईवी लाना चाहते हैं, तो इसका मतलब ये हुआ कि अगले 5 वर्षों के दौरान आप हर साल एक से दो नए प्रोडक्ट देखेंगे।

सवाल: हाल ही में आपको टीपीजी और एडीक्यू से एक अरब डॉलर का इन्वेस्टमेंट मिला है। इसका कहां उपयोग करने वाले हैं?
जवाब: यह नया निवेश विशुद्ध रूप से ईवी के लिए ही है। 10 नए मॉडल लाने के लिए फंडिंग के दूसरे स्रोत चाहिए, इसीलिए हमने यह निवेश आमंत्रित किया है। बाहरी निवेशक होने से आप पर एक अतिरिक्त निगरानी होती है और आप ज्यादा पारदर्शिता एवं जिम्मेदारी के साथ काम कर पाते हैं।

सवाल: कमोडिटी की कीमतें बढ़ने का असर वाहनों के दामों पर क्या पड़ेगा?
जवाब: स्टील और दूसरे कीमती मेटल के दाम पिछले 16 महीनों में दस फीसदी से ज्यादा बढ़ गए हैं। हम लोगों ने इसकी तुलना में करीब साढ़े तीन प्रतिशत तक ही दाम बढ़ाए हैं। बाकी हमने आंतरिक लागत नियंत्रण और खर्च में कटौती करके बढ़ती लागत को मैनेज किया है, लेकिन हमें दाम बढ़ाने के बारे में गंभीरता से सोचना पड़ेगा।