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सिर्फ सॉफ्टवेयर से बात नहीं बनेगी:चीनी-कोरियन कंपनी से हार्डवेयर में कमजोर और कीमत में ज्यादा, यही है गूगल पिक्सल के नाकाम होने की कहानी

नई दिल्ली3 महीने पहले

पिक्सल स्मार्टफोन, यानी गूगल का फोन। वही गूगल जिसके ऑपरेटिंग सिस्टम पर दुनियाभर के एंड्रॉयड स्मार्टफोन काम करते हैं। बात नए-नए फीचर्स की हो, या फिर फोन को सिक्योरिटी देने की। हर मामले में गूगल फोन को संभालती है। हालांकि, अलग-अलग कंपनी के एंड्रॉयड फोन को हिट कराने वाली गूगल अपने ही पिक्सल फोन को रेस में बनाकर नहीं रख पाई है। कहने को हर साल नए पिक्सल फोन लॉन्च होते हैं। ये पुराने मॉडल से एडवांस होते हैं। सबसे लेटेस्ट ओएस से लैस भी होते हैं। लेकिन अपनी छाप छोड़ने में नाकाम रहते हैं।

पिक्सल फोन की नाकामी ये सवाल खड़ा करती है कि जिस फोन के साथ लेटेस्ट ओएस मिल रहा है। अनलिमिटेड फोटो और वीडियो के लिए फ्री क्लाउड स्टोरेज भी मिल रहा है, जिसके लिए दूसरों को हर महीने मिनिमम 130 रुपए खर्च करने होते हैं। इसके बाद भी आखिर ये फोन मार्केट में अपनी जगह क्यों नहीं बना पाए हैं। खासकर भारतीय बाजार में इनके खरीदार न के बराबर हैं।

गूगल पिक्सल फोन की नाकामी के क्या कारण हैं? बेहतरीन सॉफ्टवेयर और सिक्योरिटी अपडेट के बाद भी इनकी डिमांड आखिर क्यों कम है? इस खबर में इसे समझने की कोशिश करते हैं...

सबसे पहले जानते हैं पिक्सल फोन के नाकाम होने की आखिर वजह क्या है?
एकदम सीधे शब्दों में कहा जाए तो पिक्सल फोन की नाकामी की बड़ी वजह इसका हार्डवेयर और कीमत हैं। पिक्सल फोन जब भी लॉन्च होता है तब उसके हार्डवेयर में कुछ भी ऐसा नया नहीं मिलता, जो इस फोन को खरीदने की कारण बने। दूसरे फोन की तुलना में इसके डिस्प्ले का साइज, कैमरा क्वालिटी या पिक्सल और बैटरी काफी कमजोर होते हैं। लेकिन कीमत के मामले में ये अच्छे-अच्छे प्रीमियम स्मार्टफोन को टक्कर देता है। इस बात को एक उदाहरण से समझते हैं...

जब गूगल ने अपना पिक्सल 5 स्मार्टफोन लॉन्च किया, तब भारतीय बाजार में इसका मुकाबला वनप्लस 8 और सैमसंग गैलेक्सी S20 जैसे एंड्रॉयड स्मार्टफोन से हुआ। लेकिन हार्डवेयर के मामले में पिक्सल 5 इन दोनों स्मार्टफोन से काफी पिछड़ा नजर आया।

साफ है कि गूगल जिस हार्डवेयर के साथ पिक्सल 5 फोन को 61,400 रुपए में बेच रहा है। उससे बेहतर हार्डवेयर के साथ वनप्लस और सैमसंग गैलेक्सी के स्मार्टफोन आ रहे हैं। यानी गूगल पिक्सल फोन को फ्लॉप होने का सिलसिला उसके हार्डवेयर और कीमत के साथ शुरू हो जाता है। लगभग यही कहानी गूगल के सभी नए पिक्सल फोन के साथ रही है।

पहला पिक्सल फोन ही उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा

  • गूगल ने अपना फर्स्ट जनरेशन पिक्सल स्मार्टफोन 4 अक्टूबर, 2016 को लॉन्च किया था। कंपनी ने मेड बाय गूगल इवेंट में पिक्सल और पिक्सल XL लॉन्च किए थे। देखने में ये स्मार्टफोन सिंपल डिजाइन वाले थे। इनका सबसे बेस्ट पार्ट ये था कि इनमें गूगल ने अपना उस वक्त का सबसे लेटेस्ट ऑपरेटिंग सिस्टम एंड्रॉयड 7.1 नॉगट दिया था। वहीं, इसे एंड्रॉयड 10 तक अपडेट कर सकते थे। ये फास्ट चार्जिंग को भी सपोर्ट करते थे।
  • 2016 में जब गूगल ने पिक्सल फोन लॉन्च किए तब मार्केट में डुअल रियर कैमरा, 6000mAh बैटरी और बड़े डिस्प्ले वाले फोन मिल रहे थे। गूगल पिक्सल XL की कीमत 33,299 रुपए थी। यानी इसे सिर्फ एलीट वर्ग वाले यूजर्स ही खरीद सकते थे। इसके बाद लॉन्च होने वाले पिक्सल 2 और 2 XL, पिक्सल 3 और 3 XL, पिक्सल 3a और 3a XL, पिक्सल 4 और 4 XL, पिक्सल 4a और 4a XL, पिक्सल 5 और पिक्सल 5a की कीमत भी मार्केट में मौजूद दूसरे स्मार्टफोन की तुलना में ज्यादा रही।

नए पिक्सल फोन आने पर पुराना मॉडल बंद
गूगल ने पिक्सल 5a 5G स्मार्टफोन 17 अगस्त, 2021 को लॉन्च किया था। इसकी बिक्री शुरू करने के साथ उसने पिक्सल 4A 5G और पिक्सल 5 को बंद कर दिया। इससे पहले कंपनी पिक्सल 4 और पिक्सल 4 XL को बंद कर चुकी है। हालांकि, ये गूगल की पिक्सल फोन को अपग्रेड करने की पॉलिसी का हिस्सा है। हो सकता है कि पिक्सल फोन की भारत में नाकामी की एक वजह पुराने पिक्सल फोन का बंद होने भी हो।

पिक्सल फोन की डिमांड लगातार घट रही
भारतीय बाजार में पिक्सल स्मार्टफोन की बिक्री को लेकर कंपनी ने कोई ऑफिशियल आंकड़ा जारी नहीं किया। हालांकि, अमेरिकी बाजार में उसकी डिमांड शुरू में देखने को मिली। 2019 में गूगल ने ऑफिशियली इस बात का एलान किया था कि उसे अमेरिकी बाजार में सालाना आधार पर 52% की ग्रोथ मिली।

अमेरिका के साथ वेस्टर्न यूरोप और जापान में भी पिक्सल फोन की डिमांड में ग्रोथ देखने को मिली। हालांकि, ग्लोबल मार्केट शेयर और यूनिट शिपमेंट के मामले में गूगल का दबदबा दूसरी कंपनियों के सामने फीका ही रहा। दुनियाभर में गूगल टॉप-5 में शामिल शामिल नहीं हो पाई।

चीनी स्मार्टफोन सबसे बड़ी चुनौती
गूगल पिक्सल स्मार्टफोन के सामने सबसे बड़ी चुनौती चीनी स्मार्टफोन कंपनियां रही हैं। खासकर शाओमी, ओप्पो, वीवो और रियलमी जैसी कंपनियां लगातार सस्ते स्मार्टफोन लॉन्च कर रही हैं। गूगल साल में एक बार पिक्सल फोन लॉन्च करती है। इस बीच दूसरी कंपनियां सस्ते स्मार्टफोन में बेहतर स्पेसिफिकेशंस देकर यूजर के सामने ऑप्शन की लंबी लिस्ट तैयार कर देती हैं। इस वजह के चलते टॉप-5 स्मार्टफोन बेचने वाली कंपनियों में 3 से 4 कंपनियां चीनी होती हैं।

फ्री सर्विसेज भी पिक्सल फोन को हिट नहीं कर पाईं
गूगल ने अपने पिक्सल स्मार्टफोन को हिट करने के लिए अनलिमिटेड फ्री क्लाउड स्टोरेज ऑफर किया। यानी यूजर इस फोन की मदद से कितने भी फोटो और वीडियो डायरेक्ट गूगल ड्राइव पर अपलोड कर सकते हैं। गूगल ने इसी साल से क्लाउड सर्विस के लिए पैसे लेना शुरू कर दिए हैं। हालांकि, जो यूजर पिक्सल फोन चला रहे हैं उनके लिए स्टोरेज फ्री रहेगा। इस ऑफर के बाद भी लोग पिक्सल फोन की तरफ नहीं जा रहे।