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रोड टैक्स में 25% की छूट:व्हीकल को कबाड़ में देने पर मिलेगी ये छूट, पुरानी गाड़ी का रजिस्ट्रेशन रिन्यू कराने पर 8 गुना ज्यादा चार्ज देना होगा

नई दिल्ली2 महीने पहले
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अब पुराने व्हीकल को कबाड़ में देने या स्क्रैप कराने पर सरकार की तरफ से रोड टैक्स पर 25% तक की छूट मिलेगी। यह फैसला केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने लिया है, जो राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू होगा।

मंत्रालय का कहना है कि वाहन को स्क्रैपिंग के लिए जमा कराने पर एक सर्टिफिकेट मिलेगा, इसी के आधार पर यह छूट दी जाएगी। यह छूट पर्सनल व्हीकल पर 25% और कॉमर्शियल पर 15% तक होगी। मंत्रालय ने कहा कि यह छूट कॉमर्शियल व्हीकल के मामले में 8 साल और नॉन कॉमर्शियल व्हीकल के मामले में 15 साल तक होगी।

पहले से 8 गुना महंगा हो जाएगा पुरानी गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन का रिन्यूअल
दरअसल, रोड टैक्स में 25% तक की छूट नेशनल व्हीकल स्क्रैपिंग पॉलिसी (NVSP) के तहत दी जाएगी। अब 15 साल पुराने वाहन के रजिस्ट्रेशन रिन्यूअल के लिए 5 हजार रुपए देने होंगे। ये राशि मौजूदा रिन्यूअल चार्ज से 8 गुना ज्यादा है।

15 साल पुरानी गाड़ियों पर लागू नियम
अभी पुरानी गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन को रिन्यू कराने का चार्ज 600 रुपए है। लेकिन 15 साल पुरानी गाड़ियों के लिए यह 5000 रुपए हो जाएगा। नया नियम अगले साल अप्रैल में लागू होगा। अभी पुरानी बाइक का रजिस्ट्रेशन रिन्यू कराने के लिए 300 रुपए देने होते हैं जो बाद में नए नियम के मुताबिक 1000 रुपए हो जाएगा। 15 साल से अधिक पुराने बस या ट्रक के फिटनेस रिन्यूअल सर्टिफिकेट के लिए 12,500 रुपए देने होंगे। अभी यह दर 1500 रुपए है। अगर गाड़ी मीडियम गुड्स या पैसेंजर मोटर व्हीकल है तो उसका चार्ज 10,000 रुपए होगा।

फिटनेस टेस्ट और स्क्रैपिंग सेंटर से जुड़े नियम 1 अक्टूबर 2021 से लागू
स्क्रैपेज पॉलिसी के तहत फिटनेस टेस्ट और स्क्रैपिंग सेंटर से जुड़े नियम 1 अक्टूबर 2021 से लागू हो गए हैं। सरकारी और PSU से जुड़े 15 साल पुराने व्हीकल को स्क्रैप करने वाले नियम 1 अप्रैल 2022 से लागू होंगे। कॉमर्शियल व्हीकल्स के लिए जरूरी फिटनेस टेस्टिंग से जुड़े नियम 1 अप्रैल 2023 से लागू होंगे। अन्य व्हीकल के लिए जरूरी फिटनेस टेस्टिंग से जुड़े नियम 1 जून 2024 से लागू होंगे।

हर गाड़ी का रखा जाएगा रिकॉर्ड
स्क्रैपेज सेंटर को नेशनल क्राइम ब्यूरो से भी लिंक किया जाएगा। इससे ये पता चल जाएगा की कहीं वाहन चोरी या अन्य किसी मामले में संलिप्त तो नहीं है। स्कैप सेंटर को RTO के पोर्टल से जोड़ने का नियम इसलिए रखा गया है ताकि पुरानी गाड़ियों को आसानी से डी-रजिस्टर किया जा सके और उसी आधार पर नए सर्टिफिकेट मिल सकें।

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