शाओमी का दबदबा कायम:जून में पहली बार दुनिया की नंबर-1 कंपनी बनी, 26% की मंथली ग्रोथ के साथ सैमसंग और एपल को पीछे छोड़ा

नई दिल्ली2 महीने पहले
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चीनी कंपनी शाओमी पहली बार दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी का ताज हासिल करने में कामयाब रही है। काउंटरपॉइंट रिसर्च की रिपोर्ट के मुताबिक, जून में शाओमी, सैमसंग और एपल को पीछे छोड़ते हुए दुनिया की नंबर वन कंपनी रही। उसे मंथली बेसिस पर 26 प्रतिशत की धमाकेदार ग्रोथ मिली। इसकी वजह से वो तेजी से आगे बढ़ने वाली ब्रांड भी रही।

काउंटरपॉइंट रिसर्च की मंथली मार्केट पल्स सर्विस के अनुसार, 2021 की दूसरी तिमाही में बिक्री के मामले में शाओमी ग्लोबली नंबर दो ब्रांड था। 2011 में स्थापना के बाद से उसने करीब 800 मिलियन (80 करोड़) स्मार्टफोन बेचे हैं।

हुवावे की गिरावट से शाओमी को फायदा
काउंटरपॉइंट के रिसर्च डायरेक्टर, तरुण पाठक ने कहा, "जब से हुवावे में गिरावट शुरू हुई, शाओमी ने इस बात का पूरा फायदा उठाया है। उसकी कमी को पूरा करने के लिए लगातार आक्रामक प्रयास किया है। शाओमी ने चीन, यूरोप, मध्य पूर्व और अफ्रीका जैसे देशों में हुवावे और हॉनर के बाजार पर कब्जा किया है।"

तरुण ने आगे कहा कि जून में सैमसंग के प्रोडक्शन और सप्लाई में आई गिरावट के चलते चीन, यूरोप और भारत में शाओमी की डिमांड बढ़ गई। जून में 618 त्योहारों के कारण चीन के बाजार में शाओमी को मासिक बेसिस पर 16 प्रतिशत की वृद्धि मिली।

रेडमी की नई सीरीज से मिला फायदा
सीनियर एनालिस्ट, वरुण मिश्रा ने चीनी बाजार और सैमसंग पर टिप्पणी करते हुए कहा कि शाओमी सबसे तेजी से बढ़ने वाला OEM (ऑरिजनल इक्युपमेंट मैन्युफैक्चर) था। इसने निचले स्तर के शहरों में ऑफलाइन प्लेटफॉर्म का तेजी से विस्तार किया। उसकी रेडमी 9, रेडमी नोट 9 और रेडमी K सीरीज का शानदार प्रदर्शन रहा।

सैमसंग को प्रोडक्शन घटने से नुकसान
जून में वियतनाम में कोविड-19 महामारी की नई लहर के कारण सैमसंग के प्रोडक्शन पर भी असर हुआ। इसी वजह से कंपनी को नुकसान उठाना पड़ा। शाओमी को मिड रेंज पोर्टफोलियो और लगातार बढ़ते बाजार का भी फायदा मिला है।

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