लोकसभा चुनाव / फेक न्यूज रोकने में फेसबुक की मदद करेंगे 7 पार्टनर, 6 भाषाओं में मिलेगा कंटेंट

Dainik Bhaskar

Feb 11, 2019, 03:38 PM IST


facebook adds 5 new partners in fact checking programme in india
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  • भारत समेत दुनिया के कई देशों में थर्ड पार्टी फैक्ट-चेकिंग प्रोग्राम चलाता है फेसबुक
  • इस प्रोग्राम का मकसद फेसबुक पर फैलने वाली फेक न्यूज को रोकना है
  • भारत में अभी बूम लाइव और एएफपी थे इस प्रोग्राम का हिस्सा

गैजेट डेस्क. फेसबुक ने फेक न्यूज रोकने के लिए भारत में चलाए जा रहे थर्ड पार्टी फैक्ट-चेकिंग प्रोग्राम में 5 नए पार्टनर को जोड़ा है। फेसबुक ने सोमवार को इस बात की जानकारी दी। फेसबुक के इस प्रोग्राम में इंडिया टुडे ग्रुप, विश्वास.न्यूज, फैक्टली, न्यूजमोबाइल और फैक्ट क्रिसिंडो को जोड़ा है। फेसबुक के इस प्रोग्राम में अभी तक बूम लाइव और ग्लोबल न्यूज एजेंसी एएफपी (एजेंसी फ्रांस प्रेस) शामिल थे। 


इन थर्ड पार्टी फैक्ट-चेकर्स का काम फेसबुक पर चल रहे कंटेंट के फैक्ट चेक करना है, साथ ही उनकी रेटिंग करना है। फेसबुक के मुताबिक, ये फैक्ट चेकर्स हिंदी और अंग्रेजी के अलावा बंगाली, तेलुगु, मलयालम और मराठी में भी कंटेंट देंगे।


लोकसभा चुनावों में फेक न्यूज रोकने में मिलेगी मदद
फेसबुक इंडिया में न्यूज पार्टनरशिप के हेड मनीश खांडूरी ने बताया, "हम फेसबुक पर फैलने वाली फेक न्यूज के खिलाफ हैं। खासतौर से 2019 के आम चुनावों के लिए। अब हमारे पास भारत में 7 फैक्ट-चेकर पार्टनर हैं जो 6 भाषाओं को कवर करेंगे।" उन्होंने बताया कि, ये फैक्ट चेकर्स न सिर्फ आर्टिकल को रिव्यू करेंगे बल्कि इन्हें एक खास तरह का टूल भी मुहैया भी कराया जाएगा जिसके जरिए ये फोटो और वीडियो में आने वाली कंटेंट के फैक्ट चेक कर सकेंगे।


ऐसे करते हैं फेक न्यूज का पता

  • थर्ड पार्टी फैक्ट चेकर्स वेबसाइट फेसबुक पर आने वाले कंटेंट, फोटो या वीडियो के फैक्ट चेक करते हैं। थर्ड पार्टी वेबसाइट की एक टीम होती है, जो लगातार फेसबुक पर फैलने वाली पोस्ट को चेक करती रहती है।
  • किसी भी कंटेंट के फैक्ट चेक करने के बाद ये टीम 8 तरह की रेटिंग देती है, जिसमें सही, गलत और मिक्सचर जैसे प्वॉइंट शामिल है। इसी आधार पर फेसबुक इन पोस्ट को हटाता है या नीचे करता है। 


क्या है थर्ड पार्टी फैक्ट चेकिंग प्रोग्राम
दुनियाभर में फेसबुक पर फेक न्यूज फैलने के आरोप लगने के बाद कंपनी ने फैक्ट-चेकिंग प्रोग्राम शुरू किया था। इसमें उन थर्ड पार्टी फैक्ट-चेकर्स वेबसाइट को शामिल किया जाता है, जिसे नॉन-पार्टिसन (गैर-पक्षपातपूर्ण) इंटरनेशनल फैक्ट चेंकिंग नेटवर्क से प्रमाणित किया जाता है। फेसबुक का फैक्ट चेकिंग प्रोग्राम भारत के अलावा अर्जेंटिना, ब्राजील, कनाडा, कोलंबिया, डेनमार्क, फ्रांस, इंडोनेशिया, आयरलैंड, इटली, जर्मनी, केन्या, मैक्सिको, नीदरलैंड, नॉर्वे, पाकिस्तान, फिलिपींस, स्वीडन, दक्षिण अफ्रीका, तुर्की और अमेरिका में चलता है।

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