फेसबुक / स्पीच रिकॉग्निशन सिस्टम को बेहतर बनाने कंपनी इकट्ठा करेगी वॉयस सैंपल, बदले में यूजर को मिलेंगे 360 रुपए

Facebook will now pay you for your voice recordings know updates and how to join this program
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Facebook will now pay you for your voice recordings know updates and how to join this program

दैनिक भास्कर

Feb 21, 2020, 06:45 PM IST

गैजेट डेस्क. सोशल मीडिया कंपनी फेसबुक अपने स्पीच रिकॉग्निशन टेक्नोलॉजी को बेहतर बनाने के हर संभव कोशिश करती नजर आ रही है। गुरुवार को कंपनी ने कहा कि वे चुनिंदा यूजर्स से आवाज के सैंपल रिकॉर्ड करवाएगी, जिसका इस्तेमाल कंपनी के स्पीच रिकॉग्निशन सिस्टम को बेहतर बनाने में किया जाएगा। कंपनी ने यह फैसला तब लिया जब खुद फेसबुक समेत अमेजन, गूगल, एपल और माइक्रोसॉफ्ट पर स्पीच रिकॉग्निशन सिस्टम को बेहतर बनाने के लिए यूजर के परमिशन के बिना चोरी छिपे उनकी बातें सुनने के आरोप लग चुके हैं।

फेसबुक ने बताया कि लोगों की इन वॉयस रिकॉर्डिंग सैंपल को व्यूप्वाइंट्स मार्केट रिसर्च ऐप द्वारा कंपनी के प्रोनन्सिएशन प्रोग्राम के तहत इकट्ठा किया जाएगा। क्वालिफाई होने पर ही यूजर प्रोग्राम में भाग ले पाएगा। सिलेक्ट होने पर यूजर को 'हे पोर्टल' बोलकर फ्रेंड लिस्ट में से किसी फ्रेंड का नाम बोलना होगा। ऐसे करीब 10 दोस्तों के नाम के साथ करना होगा। वहीं एक स्टेटमेंट को दो बार बोलकर रिकॉर्ड करना होगा।

शर्त: उम्र 18 साल और फेसबुक पर 75+ फ्रेंड होने जरूरी

फेसबुक ने बताया कि एक सेट कम्प्लीट करने पर यूजर को व्यूप्वाइंट्स ऐप में 200 प्वाइंट मिलेंगे। 1000 प्वाइंट होने पर ही यूजर इन्हें कैश करवा सकेगा। कैश करवाने पर $5 यानी 360 रुपए मिलेंगे। हर यूजर को पांच सेट बनाने के चांस मिलेगा।

कंपनी ने यह भी बताया कि यूजर द्वारा दी गई इन वॉयस रिकॉर्डिंग को फेसबुक प्रोफाइल से कनेक्ट नहीं किया जाएगा, न ही इस व्यूप्वाइंट्स एक्टिविटी को यूजर के परमिशन के बिना फेसबुक की किसी अन्य सर्विस पर शेयर किया जाएगा।

फिलहाल प्रोनन्सिएशन प्रोग्राम सिर्फ अमेरिकी यूजर के लिए उपलब्ध है। इसमें 18 साल से ज्यादा उम्र के ऐसे यूजर भाग ले सकते हैं जिनके 75 से ज्यादा फेसबुक फ्रेंड्स हैं। फेसबुक इस प्रोग्राम को धीरे-धीरे रोल आउट कर रहा है, इसलिए अभी यह ज्यादा यूजर्स के लिए उपलब्ध नहीं है।

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