गूगल / भारत के UPI पेमेंट सिस्टम से अमेरिका सीखे, फेडरल रिजर्व को पत्र लिखा, इसी आधार पर नया इंटर-बैंक पेमेंट सिस्टम बनाएं

Learn America from India's UPI payment system, wrote a letter to the Federal Reserve, based on this, create a new inter-bank payment system
X
Learn America from India's UPI payment system, wrote a letter to the Federal Reserve, based on this, create a new inter-bank payment system

  • गूगल ने कहा- यूपीआई की सफलता में डिजाइन की बहुत बड़ी भूमिका
  • यूपीआई में अभी 140 से ज्यादा बैंक हैं, मात्र 9 बैंकों के साथ शुरू हुआ था

Dainik Bhaskar

Dec 16, 2019, 11:06 AM IST
गैजेट डेस्क. गूगल चाहता है कि भारत के यूपीआई (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस, जैसे भीम, गूगल, फोन पे) से सीखकर अमेरिका इसी तरह का यूनिफाइड इंटर-बैंक पेमेंट सिस्टम लागू करे। भारत सरकार के यूपीआई बेस्ड डिजिटल पेमेंट को एक सफल उदाहरण बताते हुए गूगल ने अमेरिका के केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व को इस संबंध में पत्र लिखा है। गूगल के यूएस, कनाडा के गवर्नमेंट अफेयर एंड पब्लिक पॉलिसी के वाइस प्रेसिडेंट मार्क इसाकोवित्ज ने फेडरल रिजर्व को लिखा है कि यूपीआई के आधार पर अमेरिका में तेज डिजिटल पेमेंट के लिए 'फेडनाऊ' नाम से एक नया इंटर-बैंक आरटीजीएस शुरू की जाए।

साल 2016 में रियल टाइम पेमेंट सिस्टम यूपीआई लॉन्च किया था

  1. कंपनी ने कहा हम एनपीसीआई जो रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के द्वारा रेगुलेट होती है, के साथ काम कर रहे हैं। हमने भारतीय बाजार के लिए गूगल पे बनाया है, जो एक यूपीआई सर्विस है। एनपीसीआई ने साल 2016 में रियल टाइम पेमेंट सिस्टम यूपीआई लॉन्च किया था। गूगल ने कहा कि यूपीआई बहुत ही सोच समझ कर और विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रख कर बनाई गई है। इसकी सफलता में इसकी डिजाइन की बहुत बड़ी भूमिका है।

  2. पत्र में कहा गया है कि यूपीआई एक ऐसा इंटर-बैंक ट्रांसफर सिस्टम है, जिसमें अभी 140 से ज्यादा बैंक है, जबकि यह मात्र 9 बैंकों के साथ शुरू हुआ था। यह एक रियल टाइम सिस्टम है। इस सिस्टम ने मंथली एक लाख ट्रांजेक्शन बढ़ा दिया है। पिछले चार साल में मंथली ट्रांजेक्शन 7.70 करोड़ से बढ़कर 48 करोड़ और अब 115 करोड़ मंथली पहुंच गया है।

  3. मात्र तीन साल में यूपीआई से बढ़ा ट्रांजेक्शन भारत की जीडीपी का 10% हो गया है। हमारा पेमेंट एप गूगल पे भारत के यूपीआई मार्केट में तीन बड़े एप में से एक है। गूगल पे का मंथली एक्टिव यूजर तीन गुना रफ्तार से बढ़कर इस सिंतबर में 6.70 करोड़ पहुंच गया है। पिछले साल समान अवधि में यह 2.20 करोड़ था। गूगल ने कहा कि भारत के डिजिटल पेमेंट बाजार से यह सीखते हुए हमने फेड रिजर्व को यह लागू करने का सुझाव दिया है।

  4. भारत में डिजिटल पेमेंट 2023 तक दोगुना होगा

    एसोचैम-पीडब्ल्यूसी की एक स्टडी के मुताबिक भारत में डिजिटल पेमेंट साल 2023 तक दोगुना बढ़कर 10 लाख करोड़ तक पहुंच जाएगा। इस साल यह 4.60 लाख करोड़ रुपए है। हाल ही में आई 'इंडिया डिजिटल पेमेंट रिपोर्ट- तीसरी तिमाही 2019' के मुताबिक भारत में तीसरी तिमाही में यूपीआई से लेन-देन की संख्या 270 करोड़ तक पहुंच गई। पिछले साल की समान अवधि से यह 183% ज्यादा है। वैल्यू के हिसाब से यह 189% बढ़ोतरी के साथ 4.6 ट्रिलियन है।

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना